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पद्मावती: करणी सेना ने बुलाया देशभर में बंद, CBFC ने नहीं देखी फिल्म

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रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण
रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण

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भंसाली की पद्मावती पर हर दिन गहमागहमी बढ़ती जा रही है. करणी सेना फिल्म को बैन कराने के लिए हर हथकंडा अपना रही है. प्रोटेस्ट को और आक्रामक बनाते हुए करणी सेना ने 1 दिसंबर को देशभर में बंद का आह्वाहन किया है. बता दें, इसी दिन पद्मावती रिलीज हो रही है. वहीं सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने साफ किया कि अब तक पद्मावती नहीं देखी है. उनके फिल्म देखने की खबरें बिल्कुल निराधार और गलत है. दरअसल ऐसी खबरे थीं कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म देख ली है और कुछ भी आपत्तिजनक नहीं पाया.

जयपुर में करणी सेना के नेता लोकेंद्र सिंह कल्वी ने दीपिका पादुकोण पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, एक्ट्रेस का कथित बयान भड़काऊ है, जिसमें उन्होंने कहा है कि फिल्म रिलीज होने से कोई नहीं रोक सकता. उनका बयान उकसाने वाला है और मैं इसे चुनौती के रूप में लेता हूं. इसलिए मैंने राष्ट्रव्यापी बंद बुलाया है. उन्होंने धमकी भरे के लहजे में कहा, ये जौहर की ज्वाला है. रोकना है तो पद्मिनी को रोक लो. साथ ही करणी सेना ने धमकी भी दी है कि जिस सिनेमाघर में यह फिल्म लगेगी, उसे जला दिया जाएगा.

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राजस्थान ने पद्मावती का कड़ा विरोध

पद्मावती का विरोध करने वालों में राजस्थान की मंत्री किरण माहेवरी भी शामिल हो गई हैं. राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष अशोक परनामी, उदयुपर के पूर्व शाही परिवार लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह भी विरोधी खेमे में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कांग्रेस ने कहा, अगर पद्मावती में भावनाएं आहत करने वाले कोई भी दृश्य हैं तो उनकी समीक्षा की जानी चाहिए.

करणी सेना जान देने पर उतारू, धमकी दी- 'अगर पद्मावती रिलीज हुई तो जला देंगे सिनेमाघर'

वसुंधरा राजे सरकार में मंत्री माहेरी ने कहा, वह फिल्म का कड़ा विरोध करती हैं और दावा किया कि यह पूरी तरह से पैसे बनाने और मनोरंजन की कोशिश है. अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा कि रानी पद्मिनी ने 16,000 महिलाओं के साथ जौहर किया था. वह महिलाओं के शौर्य और स्वाभिमान की प्रतीक हैं. उनका अपमान किसी को भी स्वीकार नहीं होगा. राजस्थान राज्य महिला आयोग आरएससीडब्ल्यू ने भी सेंसर बोर्ड को पत्र लिखकर कानून और व्यवस्था को लेकर फिल्म से जुड़े संशय को खत्म करने की मांग की है. दक्षिण भारत में भी फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गया है.

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फिल्म रिलीज होने से शांति भंग होने का डर: योगी

राजस्थान का राजपुतानियों और करणी सेना के बाद अब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी शांति व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देकर 1 दिसंबर को फिल्म रिलीज न करने की मांग की है. योगी ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि राज्‍य में स्‍थानीय निकाय चुनाव तथा बारावफात को देखते हुए फिल्‍म का रिलीज होना शांति व्‍यवस्‍था के हित में नहीं होगा. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में होने वाले निकाय चुनाव के लिए मतों की गिनती भी 1 दिसंबर को ही होनी है.

इंटेलिजेंस रिपोर्ट में भी शांति भंग होने की आशंका

योगी सरकार ने अपने पत्र में यह उल्लेख किया है कि पद्मावती फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने को लेकर कुछ संगठनों ने उच्‍चतम न्यायालय में याचिका दाखिल की थी. जिसको न्यायालय द्वारा इस टिप्पणी के साथ नहीं सुना गया कि इसके लिए राहत का वैकल्पिक पटल उपलब्ध है. यानी इस फिल्म के संबंध में संबंधित पक्ष द्वारा सेंसर बोर्ड के समक्ष आपत्तियां उठायी जा सकती हैं. प्रमुख गृह सचिव ने केंद्र को भेजे अपने पत्र में इंटेलिजेंस रिपोर्ट का भी हवाला दिया है, जिसमें कहा गया है कि 9 अक्टूबर को फिल्म का ट्रेलर लॉन्च होने के बाद से ही कई सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य संगठन इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

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पद्मावती को MNS का सपोर्ट, अशोक पंडित ने भंसाली के लिए मांगी सुरक्षा

5 संगठनों ने खिसकाई विरोध की तारीख, अब 23 नवंबर को प्रोटेस्ट

संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' के समर्थन में मुंबई के गोरेगांव स्थित फिल्मसिटी में 16 नवंबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की तारीख को खिसका दिया गया है. अब 23 नवंबर को सांकेतिक विरोध किया जाएगा. ये फैसला इंडियन फ़िल्म एंड टेलेविज़न एसोसिएशन ने लिया है. जानकारी के मुताबिक 23 नवंबर को शाम 4 बजे से 4.15 के बीच 15 मिनट के लिए विरोध किया जाएगा. इस दौरान पूरी तरह से शूटिंग रोक दी जाएगी और हर सेट पर लाइट्स बंद कर पद्मावती के समर्थन में विरोध किया जाएगा.

राज ठाकरे ने समर्थन दिया, अशोक पंडित ने चिट्ठी लिखी

बुधवार को राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने भंसाली की फिल्म पद्मावती को समर्थन दिया. उधर, इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन के अशोक पंडित ने एक चिट्ठी लिखकर भंसाली के लिए सुरक्षा की मांग की. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को लिखी चिट्ठी में सुरक्षा की मांग के साथ ही महाराष्ट्र में भंसाली को बिना व्यवधान के फिल्म रिलीज करने का माहौल भी देने की मांग की.

1 दिसंबर को रिलीज न की जाए पद्मावती, शांति भंग होने का डर: योगी आदित्यनाथ

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हर हाल में रिलीज होगी फिल्म: दीपिका

दीपिका ने कहा, 'फिल्म की रिलीज बहुत जरूरी है और इसे रिलीज होने से कोई नहीं रोक सकता.' दीपिका ने कहा, 'एक महिला के रूप में मैं इस फिल्म का हिस्सा बनकर और इस कहानी को दुनिया को बताने के लिहाज से बेहद गर्व महसूस कर रही हूं. ये एक ऐसी कहानी है जिसे जरूर बताया जाना चाहिए.'

दीपिका ने यह सवाल भी किया, 'हम एक राष्ट्र के रूप में कहां पहुंच गए हैं? ये डरावना है, ये बहुत डरावना है, हम आगे बढ़ने के बदले पीछे जा रहे हैं. हमारी अगर किसी को जवाबदेही है तो वह सिर्फ सेंसर बोर्ड को है और मैं जानती हूं और मुझे पूरा विश्वास है कि इस फिल्म को रिलीज होने से कोई नहीं रोक सकता. ये सिर्फ पद्मावती से सं‍बंधि‍त नहीं हैं बल्कि हम एक बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं.'

सफाई दे चुके हैं भंसाली

बता दें कि पद्मावती में अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मिनी के बीच ड्रीम सीक्वेंस को लेकर विवाद था जिस पर मेकर्स की ओर से सफाई आ चुकी है. भंसाली ने हाल ही में सोशल मीडिया में एक बार फिर कहा कि फिल्म में इस तरह का कोई सीक्वेंस नहीं है. ये फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज होनी है.

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