नेस्ले इंडिया के प्रमुख उत्पाद ‘मैगी’ में सेहत के लिए नुकसानदेह तत्व पाये जाने के मामले में शनिवार को बाराबंकी की अलग अलग कोर्ट में कंपनी और उसका प्रचार कर चुके एक्टर अमिताभ बच्चन और एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित समेत कई पक्षों के खिलाफ अलग-अलग केस दायर किए गए.
बाराबंकी के खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके पांडे ने शनिवार को बताया कि विभाग की तरफ से अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की कोर्ट में 5 पक्षों नेस्ले इंडिया लिमिटेड की हिमाचल प्रदेश इकाई और दिल्ली के कनॉट सर्कस स्थित उसके पंजीकृत कार्यालय, ईजी-डे बाराबंकी, ईजी-डे दिल्ली, ईजी-डे के फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स प्रबंधक मोहन गुप्ता और शबाब आलम के खिलाफ केस दायर किया गया है.
उन्होंने बताया कि इसके अलावा संतोष सिंह नामक स्थानीय अधिवक्ता ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में मैगी का प्रचार कर चुके एक्टर अमिताभ और एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा के खिलाफ केस दायर किया है.
वकील का कहना है कि एक्टर और एक्ट्रेस को आज का युवा अपना आदर्श मानता है और आरोपी फिल्मी हस्तियों ने अपने लाभ के लिए एक जहरीले उत्पाद को सेहतमंद बताकर दुष्प्रचार किया है जो राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है.
गौरतलब है कि बाराबंकी स्थित ईजीडे माल में खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने 10 मार्च 2014 को मैगी का नमूना लेकर उसे पहले गोरखपुर और फिर कोलकाता भेजा. जांच के दौरान मैगी में सेहत के लिए नुकसानदेह तत्व सीसा और ग्लूटामेट बेहद खतरनाक स्तर तक पाए गए थे.
उसके बाद बाराबंकी के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन से केस चलाने के लिए अनुमति मांगी थी, जो उसे दे दी गयी थी. नेस्ले इंडिया समेत विभिन्न पक्षों के खिलाफ बाराबंकी की कोर्ट में केस चलाने के लिए खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन पी पी सिंह की ओर से अपर आयुक्त राम अरज मौर्य ने स्वीकृति पत्र जारी किया था.
इनपुटः भाषा