इंडिया टुडे के मुंबई मंथन 2018 के अहम सत्र #MeToo में एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने शिरकत की. इस सत्र को राजदीप सरदेसाई ने मॉडरेट किया. तनुश्री नाना पाटेकर पर आरोप लगाने के बाद पिछले एक माह से चर्चा में हैं.
तनुश्री दत्ता ने कहा कि अभी कुछ ही औरतें हैं, जिन्होंने अपनी आपबीती जाहिर करने का साहस दिखाया है. अभी भी बहुत सी औरतें परदे के पीछे हैं. वे कहने की हिम्मत नहीं कर पा रही हैं. आप देखेंगे कि जो महिलाएं सामने आई हैं, उनमें किसी के साथ 10 साल पहले बुरा हुआ, किसी के साथ 5 साल पहले तो किसी के साथ 25 साल पहले. जब आपको लगे कि आप बोल सकते हैं, वही बोलने के लिए सबसे अच्छा समय है.
एक सवाल के जवाब में तनुश्री ने फिर दोहराया, "10 साल पहले अपने सबसे अच्छे दौर में मैंने बोलने की हिम्मत दिखाई थी. मेरा उत्पीड़न हुआ. मैंने सभी दरवाजे खटखटाए. लेकिन तब किसी ने मेरी मदद नहीं की. मैंने शिकायत भी की थी. पर कुछ भी नहीं हुआ. मैंने इसका खामियाजा भी भुगता."
मैंने कोई तैयारी नहीं की थी
10 साल बाद भारत में ऐसा क्या बदला जो आपने इसे अभियान बना दिया? सवाल के जवाब में तनुश्री ने कहा, "मीटू मूवमेंट वेस्ट में शुरू हुआ. मैंने मीटू किसी तैयारी से शुरू नहीं किया था. ये एक सरप्राइज जैसा था." एक्ट्रेस ने कहा, "जब लगे कि अब बोल सकते हैं, वही बोलने का सही समय है."
मैंने सवाल उठाए, मेरा करियर प्रभावित हुआ
उन्होंने कहा, 10 साल पहले इस विवाद की वजह से उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. उनके करियर में भी परेशानी आई. तनुश्री ने मनसे का नाम लेकर डराने की बात भी कही. एक्ट्रेस ने मनसे के उन आरोपों को खारिज किया कि यह बिग बॉस में जाने या लोकप्रियता बटोरने के लिए किया गया था.