सालभर से विवादों में घिरी भंसाली की फिल्म पद्मावत का दर्शकों में जबरदस्त क्रेज है. फिल्म 25 जनवरी को रिलीज हो रही है. लोगों में फिल्म को देखने की होड़ सी लगी है. सिनेमाघरों में पहले ही सारे शोज हाउसफुल हो चुके हैं. टिकट के लिए मारामारी चल रही है. साल की सबसे चर्चित फिल्म को हर कोई सबसे पहले देखने की ताक में है. खबर है कि पद्मावत को लेकर चंडीगढ़ में एप के जरिए सबसे ज्यादा टिकट बुक हुए हैं. पॉपुलर मूवी टिकट बुकिंग एप का दावा है कि चंडीगढ़ और मोहाली के थियेटर्स के 8 मल्टीप्लेक्स में 26 प्रिव्यू शोज के लिए 25% सीट पहले से रिजर्व हो चुकी है.
खिलजी बाईसेक्सुअल सीन
दर्जनों करणी सेना के कार्यकर्ता गिरफ्तार बॉलीवुड फिल्म पद्मावत को लेकर फरीदाबाद में भी धारा 144 का असर देखने को मिला. फ़िल्म दर्शको को सुरक्षित माहौल देने के लिए भारी पुलिस बल फरीदाबाद के तमाम मॉल्स पर तैनात दिखाई दी. एसआरएस सिनेमा पर फिल्म का विरोध करने वाले दर्जनों करणी सेना के कार्यकर्ताओं की पुलिस ने गिरफ्तारी की और बस में भर ले गए. एसआरएस या आइनॉक्स सभी मल्टीप्लेक्स सिनेमा पर पुलिस की सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गए हैं. फिल्म को लेकर राजपूत समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया. फरीदाबाद के एसआरएस मॉल के सामने ये लोग एकत्रित हुए और फिल्म पद्मावत का विरोध किया उन्होंने कहा की वही किसी भी कीमत पर फिल्म का विरोध करेंगे ,इतना ही नहीं राजपूत समाज के लोगों ने अपनी गिरफ़्तारी भी दी जिन्हे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
पद्मावत को लेकर भारत बंद के साथ नहीं जुड़ेगा गुजरात का राजपूत समाज
पद्मावत रिलीज के विरोध में 25 जनवरी को भारत बंद करने को लेकर गुजरात के राजपूत समाज ने अपने हाथ पीछे खींच लिए है. जानकारी के मुताबिक, गुजरात के राजपूत समाज ने भारत बंद के फैसले के साथ नहीं जुड़ने का फैसला किया है . राज्य सरकार ने राजपूत समाज के अग्रणियों के साथ बैठक की. इस बैठके के बाद ये फैसला लिया गया है कि राज्य में पद्मावत रिलीज नहीं हो रही है, इसलिए कोई बंद में नहीं जुड़ेगा. कल सभी स्कूल खुले रहेंगे.
स्कूल बस को भी नहीं छोड़ा, करणी सेना का हमला
पद्मावत का विरोध हरियाणा में चरम पर पहुंच चुका है. गुड़गांव में एक स्कूल बस इस विरोध का शिकार बन गई है. बस के ड्राइवर के मुताबिक करीब 50 से 70 लोग तलवार लिए बस पर हमला करने पहुंच गए और वो जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर भागे. विरोध की बढ़ रही घटनाओं के देखते हुए हरियाणा के 80 प्रतिशत सिनेमाघरों में फिल्म नहीं दिखाने का फैसला किया है.
लखनऊ के गोतमतीनगर के मॉल में करणी सेना का हमला
पद्मावत को लेकर विरोध का रूप उग्र होता नजर आ रहा है. लखनऊ के गोमतीनगर के आई नॉक्स मॉल में करणी सेना के कार्यकताओं द्वारा जमकर तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है. करणी सेना के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
केजरीवाल का केंद्र पर सवाल
पद्मावत को राज्य-दर-राज्य हिंसा को लेकर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने सवाल उठाया है कि जब सभी राज्य सरकारें, केंद्र सरकार मिलकर सुरक्षित माहौल में एक फिल्म रिलीज करवा पा रहे हैं. ऐसी हालात में हम कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि देश में निवेश बढ़ेगा? इस मसले पर उन्होंने कहा कि अब FDI तो क्या लोकल निवेशकों में भी डर का माहौल बन गया है. पहले से ही खराब इकनॉमी में ये हालात नौकरियों पर असर डालेंगे.
If all state govts, central govt and SC together cannot get one movie released and run safely, how can we expect investments to flow in? Forget FDI, even local investors wud feel hesitant. Not gud for already dwindling economy. Bad for jobs
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) January 24, 2018
देशभर में पद्मावत के खिलाफ उग्र प्रदर्शन
पद्मावत की रिलीज डेट जैसे-जैसे नजदीक आ रही है फिल्म को लेकर प्रदर्शन तेज हो रहा है. देशभर में राजपूत समुदाय के ठेकेदार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. मथुरा, भुवनेश्वर, लखनऊ, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर फिल्म की रिलीज के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है. भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोकने की कोशिश की. कुछ अज्ञात लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. लखनऊ में वेव सिनेमा के बाहर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई. कुछ उपद्रवियों ने दिल्ली-जयपुर हाईवे पर चक्का जाम किया और फिल्म के पोस्टर जलाए.
विरोध के बीच करणी सेना की धमकी
राजपूत करणी सेना के प्रमुख कल्वी ने अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताई है. उन्होंने फिल्म का विरोध करते हुए कहा कि हम अपने स्टैंड पर कायम हैं. पद्मावत को बैन होना चाहिए वरना लोग खुद से कर्फ्यू जैसे हालात पैदा कर देंगे.
हरियाणा में पद्मावत पर अघोषित बैन
हरियाणा में रणवीर-दीपिका-शाहिद की फिल्म पद्मावत पर संकट गहराता जा रहा है. राज्य में पद्मावत पर अघोषित बैन जैसे हालात पैदा हो गए हैं. करणी सेना की धमकी के खौफ के चलते 80 फीसदी थिएटर मालिकों ने पद्मावत को नहीं दिखाने का फैसला किया है. हरियाणा में फिल्म का एक भी पोस्टर नहीं दिखाई दे रहा है.
गुरुग्राम, हरियाणा में धारा 144 लागू
वहीं पद्मावत की रिलीज के दौरान थियेटरों में उपद्रवियों से निपटने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. गुरुग्राम में एंबियंस मॉल की सुरक्षा बढ़ाई गई है. गुजरात में हालात खराब होने के बाद गुरुग्राम में 144 धारा लागू की गई है. हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पुलिस को शांति व्यवस्था के लिए धारा 144 लगानी पड़ी.
शहर-शहर फिल्म की टिकटों की मारामारी जारी है. कई लोग टिकटों को लेकर झूठी अफवाहें फैला रहे हैं. मंगलवार को ऐसी भी रिपोर्ट आई कि एनसीआर में टिकट बचे ही नहीं हैं. इस तरह की झूठी खबरों ने फैंस को एकबार को जरूर निराश कर दिया. सिनेमाघरों में सारे शोज फटाफट हाउसफुल होते जा रहे हैं.
केजरीवाल का राज्य, केंद्र सरकार पर सवाल
केजरीवाल ने पद्मावत विवाद पर ट्वीट कर लिखा, अगर सभी राज्य सरकारें, केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट मिलकर एक फिल्म को रिलीज नहीं कर पा रहे हैं तो कैसे लोग निवेश में बढ़ोतरी की उम्मीद कर सकते हैं? FDI को तो भूल ही जाओ, लोकल इंवेस्टर तक असहज महसूर करेंगे. पहले से ही घटती अर्थव्यवस्था के लिए यह अच्छी खबर नहीं है.
छत्तीसगढ़ पुलिस ने दिया सुरक्षा का भरोसा
छत्तीसगढ़ में पद्मावत पूरे जोर के साथ रिलीज होगी. रायपुर के आधा दर्जन थियेटर, दुर्ग और भिलाई में दो और बिलासपुर के चार थियेटरों में इसे दिखाया जाएगा. पुलिस ने दर्शको को भरोसा दिया है कि वे बेफिक्र होकर फिल्म का लुफ्त उठाये. किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पुलिस टीम तैयार रहेगी. दर्शको से कहा गया है कि उन्हें डरने की जरुरत नहीं है. पुलिस टीम मोबाईल वैन के जरिये शहर में गश्त करेगी.
अलर्ट पर गृह मंत्रालय
तमाम इलाकों में हिंसा भड़कने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय अलर्ट पर है. एक बयान में कहा कि मौजूदा हालात से निबटने के लिए राज्य सरकारें सक्षम हैं. अगर जरूरत पड़ी तो गृहमंत्रालाय सरकारों को सहयोग देगा.
2400 रुपए तक में टिकट बिके
वहीं पद्मावती को लेकर लोग इस कदर उत्साहित हैं कि महंगी से महंगी टिकट खरीदने को तैयार हैं. टिकटों की कीमत आसमान छू रही हैं. करणी सेना का डर भी लोगों की उत्सुकता को कम नहीं कर पाया. दिल्ली के मल्टीप्लेक्स PVR में प्लैटिनम सुपीरियर में फिल्म देखने पर 2400 रूपए चुकाने पड़ेंगे. वहीं फिल्म का प्लैटिनम टिकट रेट 2200 रूपए है. सबसे मजेदार बात यह है कि टाइगर जिंदा है और बाहुबली-2 की दो टिकटों की कीमत पद्मावत के एक टिकट के बराबर है.
पद्मावत के खिलाफ अध्यादेश की मांग
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के फिल्म पद्मावत पर बैन लगाने की पुनर्विचार याचिका पर फिर से रोक लगाकर फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ किया. लेकिन राजपूत समुदाय के ठेकेदार बन रहे कुछ संगठनों ने SC के फैसले के बाद भी अपना विरोध जारी रखा है. राजपूत संगठनों ने अब नया शिगूफा छेड़ा है. उन्होंने केंद्र से अध्यादेश लाकर फिल्म पद्मावत की रिलीज टालने की मांग की है.
राजपूत संगठनों का दावा है कि यह मुद्दा अब उनकी फिल्म तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि पूरे हिंदू समाज को शामिल करता है. सर्व समाज संघर्ष समिति ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है. जिसमें कहा गया है कि पद्मावत की रिलीज रोकने के लिए अध्यादेश लाया जाए. अध्यादेश के जरिए रानी पद्मिनी के सम्मान को बचाने और हिंदू सभ्यता को बरकरार रखने का हवाला दिया है.
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राजपूत नेताओं की धमकी
श्री राजपूत सभा के प्रमुख और समिति के संयोजक गिरिराज सिंह लोटवारा ने कहा, मैंने पीएम और सीएम से फिल्म पर रोक लगाने के लिए अध्यादेश की मांग की है. फिल्म के जरिए हमारी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. राजपूत नेताओं ने धमकी देते हुए कहा कि अगर 24 घंटे में अध्यादेश नहीं लाया गया तो हालात और भी खराब हो सकते हैं. राज्य सरकार को अब सुप्रीम कोर्ट के पास जाने की जरूरत नहीं है. अब भी हम किसी भी वक्त फिल्म को रोक सकते हैं.
वहीं राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया सुप्रीम कोर्ट के मंगलवार को आए फैसले के बाद थोड़े नरम दिखे. उन्होंने कहा कि SC ने हमारी पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है. अब मैं और मेरी टीम के पास राज्य में कानून-व्यवस्था बनाने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं है.
अहमदाबाद में करणी सेना ने की आगजनी
संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मवात 25 जनवरी को देशभर में रिलीज को तैयार है. लेकिन फिल्म को लेकर बीती रात में गुजरात के अहमदाबाद में आगजनी बड़ी घटना सामने आई है. यहां करणी सेना के सदस्यों ने एक मॉल में ही आग लगा दी. इस घटना पर करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र कालवी ने कहा कि तोड़फोड़ की घटनाएं नहीं होनी चाहिए. कालवी ने कहा, 'सबको सन्मति दे भगवान.'
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वहां मौजूद लोगों का कहना था कि हिमालयन मॉल में आगजनी करने वालों की भीड़ में करीब 2 हजार तक लोग शामिल थे. बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को दो राउंड फायरिंग तक करनी पड़ी. करीब डेढ़ घंटे तक करणी सेना के सदस्यों ने पूरा इलाका जाम करके रखा था. करणी सेना के लोगों ने मॉल और इसके आस-पास की दुकानों के साथ ही दर्जनों वाहन आग में स्वाहा किए.
SC ने राज्य सरकारों को फटकारा
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को फटकार लगाते हुए कहा कानून व्यवस्था को बनाए रखना राज्य सरकार कर्तव्य है. राज्य सरकारों को कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी उठानी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि हिंसा को बढ़ावा देने वाले कुछ ग्रुपों को राज्य सरकारें प्रोत्साहित नहीं कर सकती है. कुछ ग्रुप लगातार हिंसा की धमकी देकर रिलीज रोकने की अपील कर रहे हैं. सेंसर बोर्ड ने अपना काम किया है. कोर्ट ने कहा कि हम लोग इतिहासकार नहीं हैं और यह फिल्म ऐसा बिल्कुल नहीं कहती है कि ये पूरी तरह इतिहास पर आधारित है.