प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बिटकॉइन पोंजी घोटाले में एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा की 97.79 करोड़ की संपत्ति जब्त की है. इस संपत्ति में उनका जुहू स्थित फ्लैट भी है, जो शिल्पा के नाम पर है. सूत्रों के मुताबिक, 7000 करोड़ रुपये से अधिक के गेन बिटकॉइन पोंजी घोटाला मामले ईडी जल्द ही अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी को अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुला सकता है. जानकारी के अनुसार, इस मामले में शक है कि लगभग 150 करोड़ रुपये मूल्य के 285 बिटकॉइन जो आपराधिक आय हुई है, उसका कुछ हिस्सा शेट्टी तक भी पहुंचा होगा.
गुरुवार को ईडी मुंबई जोनल कार्यालय ने अनंतिम रूप से रुपये की अचल और चल संपत्तियों को जब्त कर लिया. गेन बिटकॉइन पोंजी घोटाला मामले में रिपु सूदन कुंद्रा उर्फ राज कुंद्रा,और अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के 97.79 करोड़ रुपये शामिल हैं. कुर्की पीएमएलए-2002 के प्रावधानों के तहत की गई थी. कुर्क की गई संपत्तियों में जुहू में स्थित आवासीय फ्लैट जो वर्तमान में कुंद्रा की पत्नी अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के नाम पर है, पुणे में स्थित राज कुंद्रा का आवासीय बंगला और उनके नाम पर इक्विटी शेयर शामिल हैं.
ईडी ने मेसर्स वेरिएबल टेक पीटीई लिमिटेड, स्वर्गीय अमित भारद्वाज, अजय भारद्वाज, विवेक भारद्वाज, सिम्पी भारद्वाज, महेंद्र भारद्वाज और कई एमएलएम एजेंटों के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस और दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी. जिसके तहत ये कार्रवाई की गई है. आरोप है बिटकॉइन के रूप में प्रति माह 10% रिटर्न के झूठे वादे के साथ जनता से भारी मात्रा में धनराशि (2017 में ही 6600 करोड़ रुपये) एकत्र की थी. इससे निवेशकों को क्रिप्टो प्रॉपर्टी में भारी रिटर्न मिलना था, लेकिन प्रमोटरों ने निवेशकों को धोखा दिया और गलत तरीके से मिले बिटकॉइन को ऑनलाइन वॉलेट में इकट्ठा कर रहे हैं.
ईडी की जांच में पता चला कि राज कुंद्रा को यूक्रेन में बिटकॉइन माइनिंग फार्म स्थापित करने के लिए गेन बिटकॉइन पोंजी घोटाले के मास्टर माइंड और प्रमोटर अमित भारद्वाज से 285 बिटकॉइन मिले थे. उक्त बिटकॉइन अमित भारद्वाज द्वारा भोले-भाले निवेशकों से एकत्र की गई अपराध की आय से प्राप्त किए गए थे, चूंकि डील सक्केसफुल नहीं हुई, कुंद्रा के पास अभी भी 285 बिटकॉइन हैं, जिनकी कीमत वर्तमान में 150 करोड़ रुपये से अधिक है.
इससे पहले, इस मामले में कई तलाशी अभियान चलाए गए थे और 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, इनमें से बीते साल 17 दिसंबर 2023 को सिम्पी भारद्वाज, 29 दिसंबर 2023 को नितिन गौड़ और इससे पहले 16.जनवरी 2023 को निखिल महाजन की गिरफ्तारी हुई थी. ये सभी आज की तारीख में न्यायिक हिरासत में हैं. मुख्य आरोपी अजय भारद्वाज और महेंद्र भारद्वाज अभी भी फरार हैं. इससे पहले ईडी ने 69 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी. इसमें शिकायत 11 जून 2019 और पूरक अभियोजन शिकायत (Supplementary Prosecution Complaint) 14 फरवरी 2024 को दायर की गई है. विशेष पीएमएलए अदालत ने इसका संज्ञान लिया है. आगे की जांच जारी है.