शिवसेना की धमकी के बाद पुणे में पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है. यह कंसर्ट 10 अक्टूबर को पुणे में होना था.
शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने कहा, 'हम सबको गुलाम अली के गाने पसंद हैं. लेकिन हमें हमारे सैनिकों के लिए कुछ संवेदनशीलता की भी जरूरत है.'
We all enjoy Ghulam Ali's songs. But we need some sensitivity towards our soldiers:
Aditya Thackeray pic.twitter.com/eYP5B0Jan2
— ANI (@ANI_news) October 8, 2015
आदित्य ठाकरे ने बताया, 'हर जगह मुठभेड़ हो रही है, हर जगह गोलीबारी हो रही है. ऐसे माहौल में हम कैसे आंनद ले सकते हैं.'
We have encounters going on everywhere, so many ceasefire violations. When this is
happening we cant be having fun here: Aditya Thackeray
— ANI (@ANI_news) October 8, 2015
उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'यह बहुत ही निंदनीय है. मैंने हाउस में ऐसा बर्ताव पहली बार देखा है.'
This is very condemnable, this is the first time I have seen such behavior in the House: Omar
Abdullah pic.twitter.com/HPYIDH1s0a
— ANI (@ANI_news) October 8, 2015
इससे पहले शिवसेना ने मुंबई में होने वाले गुलाम अली के कार्यक्रम में बाधा डालने की धमकी दी थी. बांदेकर ने कहा, 'हम पाकिस्तान की कला और पाकिस्तानी कलाकारों की इज्जत करते हैं. लेकिन, हम पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के सांस्कृतिक संबंध के खिलाफ हैं क्योंकि यह देश सीमा पर लगातार हमारे नागरिकों और सैनिकों पर हमले कर रहा है.'
उन्होंने कहा कि शिवसेना सिर्फ मुंबई या पुणे ही नहीं, देश में कहीं भी गुलाम अली का कार्यक्रम नहीं होने देगी. इससे पहले शिवसेना पाकिस्तानी क्रिकेट टीम और पाकिस्तानी गायक आतिफ असलम का विरोध कर चुकी है.
अधिकारियों ने कहा कि मुंबई और पुणे के कार्यक्रम में गुलाम अली के शामिल होने से कानून व्यवस्था के लिए दिक्कत पैदा हो सकती है. यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह दुनिया भर में मशहूर कलाकार की सुरक्षा की जिम्मेदारी ले.
गुलाम अली के कार्यक्रम के विरोध पर पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कहा, 'इस तरह का विरोध पाकिस्तान में नहीं होता है. हम अपने आर्टिस्टों को सरहद के दोनों तरफ आयोजन के लिए प्रोत्साहित करते हैं. हमारी नीति एकदम रचनात्मक है.'
अब्दुल बासित ने दावा किया कि जब भारत के गायक पाकिस्तान आते हैं, तो उनके कार्यक्रम का इस तरह विरोध नहीं होता है. उन्होंने कहा कि इस तरह के विरोध की इजाजत किसी को नहीं मिलनी चाहिए.