रांची की राफिया नाज के योग कराने के खिलाफ जारी हुए फतवे की सिंगर सोनू निगम ने आलोचना की है. इस घटना के विरोध में उन्होंने वीडियो रिलीज कर कहा कि फतवा देने वाला इंसान सुपारी देने का काम कर रहा है. योग को मजहब से नहीं जोड़ना चाहिए.
उन्होंने योग पर मजहब की सियासत ना करने की अपील करते हुए कहा, योग मजहब से परे है. मुझे हैरानी होती है जिन लोगों ने इस नेक काम को करने वाले के खिलाफ फतवा जारी किया है. जो लोग योग को एंटी-मुस्लिम से जोड़ रहे हैं इस पर मुझे हैरानी है. मेरे ख्याल से फतवे को ही बैन कर देना चाहिए. फतवा निकालने वाले को कड़ी सजा देनी चाहिए. फतवा देने वाला इंसान सुपारी देने का काम कर रहा है. लोगों को कानून को अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए.
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सोनू निगम ने आगे कहा, जिन्होंने मुझे और मेरी बहन को योगा सिखाया वह मुस्लिम हैं. मेरे पिताजी को जिन्होंने योगा सिखाया वह भी मुसलमान हैं. हर इंसान को अच्छी सेहत और मनोस्थिति की जरूरत है.
वहीं मुस्लिम कट्टरपंथियों के फतवे पर राफिया ने कहा कि मैं ऐसे फतवों से डरने वाली नहीं हूं और अपना काम करती रहूंगी. बता दें, फतवा जारी होने के बाद राज्य सरकार ने उन्हें सिक्योरिटी दी है.
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बता दें, सोनू निगम हर मुद्दे पर अपनी राय खुलकर सामने रखते हैं. वैसे उनके खिलाफ भी मुस्लिम कट्टरपंथियों ने फतवा जारी किया था. उन्होंने अजान की आवाज से होते शोर पर बयान दिया था. जिसके बाद मु्स्लिमों ने उन्हे्ं निशाने पर लिया था. सोनू निगम थियेटर में राष्ट्रगान, नोटबंदी जैसे चर्चित मुद्दों पर अपनी बेबाक प्रतिक्रिया दे चुके हैं.