सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच अब सीबीआई करेगी. वहीं बृहन्मुंबई कॉरपोरेशन (बीएमसी) ने अभी तक आईपीएस अफसर विनय तिवारी को छोड़ा नहीं है. इस पर बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने अफसोस जताया है. उन्होंने कहा- सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बावजूद भी बृहन्मुंबई कॉरपोरेशन ने क्वारनटीन किए गए बिहार के आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को अब तक नहीं छोड़ा है.
गुप्तेश्वर पांडे ने इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए कहा है, “माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यह गंभीर टिप्पणी की गई कि बिहार के आईपीएस विनय तिवारी को मुंबई में जबरदस्ती क्वारनटीन किया जाना गलत है फिर भी बीएमसी ने उन्हें अब तक मुक्त नहीं किया है”.
बीएमसी कोर्ट की भी नहीं करती परवाह- गुप्तेश्वर पांडे
गुप्तेश्वर पांडे ने आगे कहा कि बीएमसी सुप्रीम कोर्ट की भी परवाह नहीं करती है. बिहार डीजीपी ने लिखा “ वह सुप्रीम कोर्ट की भी परवाह नहीं करते. अब इसको आप क्या कहेंगे? अफसोस!!”
क्या बोली बीएमसी?
वहीं बीएमसी ने इस पर कहा- हम भारत सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए घरेलू हवाई यात्रा करने वालों को 14 दिनों के लिए क्वरानटीन कर रहे हैं. हम अधिकारी को अपने कर्तव्यों को करने से कहीं नहीं रोक रहे हैं, केवल विनम्रता से उन्हें सलाह दी कि वे कोविड महामारी के समय में मीटिंग के लिए आईटी प्लेटफार्म का उपयोग करें. जैसा कि हम सभी अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए पिछले 4 महीनों से इसे नियमित रूप से रोज कर रहे हैं.
बता दें, अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत के मामले की जांच करने के लिए पटना सिटी एसपी विनय तिवारी कुछ दिन पहले मुंबई पहुंचे थे मगर उन्हें वहां पहुंचने के बाद बीएमसी द्वारा जबरन क्वारनटीन कर दिया गया है.
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ये गम्भीर टिप्पणी की गयी हैकि बिहार के IPS विनय तिवारी को मुंबई में ज़बरदस्ती कोरंटिन किया जाना ग़लत है फिर भी BMC ने उन्हें अभी तक उन्हें मुक्त नहीं किया है.वे सुप्रीम कोर्ट की भी परवाह नहीं करते! अब इसको आप क्या कहेंगे??? अफ़सोस!
— IPS Gupteshwar Pandey (@ips_gupteshwar) August 5, 2020
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती के खिलाफ दर्ज एफआईआर को मुंबई ट्रांसफर किए जाने की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह कहा था कि विनय तिवारी का मुंबई में जबरन क्वारनटीन किया जाना गलत है और इससे जनता में गलत संदेश जाता है.
इधर, बिहार पुलिस इस बात पर भी विचार कर रही है कि विनय तिवारी को क्वारनटीन से मुक्त कराने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकता है. बिहार डीजीपी ने कहा कि अगर जल्द बीएमसी ने विनय तिवारी को नहीं मुक्त किया तो बिहार पुलिस के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा.