अपनी एक्टिंग से बॉलीवुड में मुकाम बनाने वाले अरशद वारसी आज परिचय के मोहताज नही हैं. अरशद वारसी का नाम आते ही लोगों को 'सहर', 'गोलमाल', 'जॉली एलएलबी' और मुन्नाभाई सीरीज में उनके निभाए किरदार की याद आ जाती है. अब जल्द ही उनकी फिल्म 'गुड्डू रंगीला' रिलीज होने के लिए तैयार है, हमने जब बात की अरशद वारसी से तो उन्होंने फिल्म के बारे में कई खास बातें बताई. आइये जानते हैं क्या कुछ खास बताया अरशद ने हमारी टीम को.
सुना है काफी गंभीर है आपका 'रंगीला' वाला किरदार?
जी बिल्कुल सही बात है, लेकिन मैंने डायरेक्टर सुभाष कपूर को बोला था कि मेरा नाम बदल दे यार क्योंकि मेरा नाम रंगीला है पर रंगीला वाले सारे काम अमित साध करता है. जो गुड्डू है वो रंगीला है और रंगीला बिल्कुल भी रंगीला नहीं है. बहरहाल जो मेरा किरदार है वो पहले काफी खुशमिजाज हुआ करता था लेकिन जैसे-जैसे जिंदगी में बदलाव आते हैं ये थोड़ा गंभीर हो जाता है. लेकिन जिस तरह से सुभाष ने लिखा है उसके हिसाब से सीरियस होते हुए भी 'रंगीला' मनोरंजन करता ही रहता है.
क्या आपका किरदार मनोज के किरदार से मिलता जुलता है जिसकी ऑनर किलिंग के दौरान मौत हो गयी थी?
देखिये उस हादसे का आंशिक तौर पर प्रयोग किया गया है लेकिन पूरी फिल्म उस पर आधारित नहीं है. यह फिल्म गुड्डू और रंगीला की कहानी है. मेरे किरदार का अतीत ही बस मनोज की कहानी से प्रेरित है.
आप एक मझे हुए डांसर भी हैं, क्या इस फिल्म में नृत्य का मौका मिला है?
नहीं यार, मेरा बैड लक है, 'माता का इ-मेल' में मैंने किरदार के हिसाब से डांस किया है.
आप डांस करना मिस नहीं करते?
करता हूं यार, क्या करें फिल्म ही ऐसी बन रही है, लेकिन मुझे लगता है कि आने वाली फिल्म 'फ्रॉड सैयां' में मुझे अच्छा डांस करने का मौका मिलेगा. शायद टाइटल सांग पर थिरकता हुआ नजर आऊंगा.
आपको लगता है की सुभाष कपूर की फिल्में कुछ वक्त बाद ज्यादा प्रभाव करती हैं?
मेरे हिसाब से सुभाष का स्टाइल 'रीयलिस्टिक कमर्शियल' है, और इस तरह की फिल्में मुझे पसंद हैं. मुझे किस्मत से सुभाष मिल गया है जो इस किस्म की फिल्में लिखता है. तो हम दोनों का कनेक्शन बैठ गया है. 'जॉली एलएलबी' के बाद लोग एक पल में सुभाष की फिल्में देखने जाएंगे.
क्या आप टिपिकल कॉमेडी वाली फिल्में मिस करते हैं?
मुझे हर तरह की फिल्में करना पसंद है. एक तरफ 'सहर' तो दूसरी तरफ 'गुड्डू रंगीला' भी कर लेता हूं, तो कॉमेडी और सीरियस दोनों तरह की फिल्में कर लेता हूं. हाल ही में मैंने पंकज पराशर की एक स्क्रिप्ट सुनी है, और उसके प्रति मेरा इंट्रेस्ट बढ़ भी रहा है. उन्होंने मुझे कॉमेडी स्क्रिप्ट सुनाई है. उसमें दो लड़को के साथ पागलपंथी वाली कॉमेडी होगी और वो मेरे 'धमाल' और 'गोलमाल' वाले स्पेस में जायेगी.
आपको लगता है 'बायोपिक' बनाना सबसे आसान काम है?
नहीं, बिल्कुल नहीं यार, खास तौर से एक्टर के लिए बहुत मुश्किल काम है.
कभी बायोपिक करना चाहेंगे?
मुझे बहुत पहले 'फौजी' सीरियल के डायरेक्टर कर्नल कपूर ने 'वीर शिवाजी' के ऊपर बायोपिक लिखी थी और वो चाहते थे की मैं उस किरदार को निभाऊं. उन्होंने कहा था कि मैं उस रोल के साथ पूरी तरह से न्याय कर पाउंगा. मुझे आशा है आने वाले दिनों में अगर कोई उस फिल्म को बनाये तो जरूर करना चाहूंगा.
खबर थी कि अगर आमिर खान 'सर्किट ' का किरदार निभाएंगे तो आप धूम 3 करेंगे?
आमिर ने कहा की उसे सर्किट का रोल करना है, ये उसका बड़प्पन है, वो ऐसे ही कह रहा है. तो मैंने कहा ऐसा होगा नहीं कभी लेकिन मैंने यूं ही कहा कि 'एक काम करो आप आमिर को कहो की वो सर्किट करे और मैं 'धूम' करता हूं' (हसते हुए)
गोलमाल या मुन्नाभाई की अगली सीरीज बन रही है?
गोलमाल का तो पता नहीं, मुझे किसी ने बोला नहीं है, बनेगी तो कर लेंगे, लेकिन मुन्नाभाई जरूर बनेगी. उसको थोड़ा वक्त लगेगा. संजू (संजय दत्त) थोड़ा बाहर आ जाए, रिलैक्स कर ले फिर डेट्स वगैरह एडजस्ट की जायेगी. लेकिन बनेगी जरूर.
आप इंडस्ट्री में असुरक्षित महसूस करते हैं?
जी नहीं, अगर आपको अपने जॉब के बारे में पता है तो आपको असुरक्षा महसूस नहीं होगी. जैसे आज अमित जी (अमिताभ बच्चन), नसीरुद्दीन शाह , ऋषि कपूर जिंदगी भर काम कर सकते हैं. तो मैं भी आज ऐसे किरदार निभा रहा हूं, आगे पिता का, फिर दादा का. ऐसे चलता रहूंगा. तो काम के बारे में पता हो तो असुरक्षा नहीं होती.
आपके दोनों बच्चों का क्या रुझान है?
बहुत मजे में हैं, बड़े हो रहे हैं. लड़का जीक अभी 10 साल का होने वाला है और लड़की जेने 8 साल की हो जायेगी. अच्छे बच्चे हैं और मुझे ख़ुशी है जिस तरह से बड़े हो रहे हैं.
आने वाली फिल्में कौन-कौन सी हैं?
अभी 'गुड्डू रंगीला' रिलीज होगी, फिर 'फ्रॉड सैयां' उसके बाद 'लीजेंड ऑफ माईकल मिश्रा ' तब तक मैं 'भैयाजी सुपरहिट' और 'जॉली एलएलबी 2 ' की शूटिंग खत्म की जायेगी.