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'तारक मेहता...' के प्रोड्यूसर का दावा- 'शैलेश लोढ़ा ने केस नहीं जीता', बताया- कोर्ट में क्या हुआ?

उस समय असित मोदी खामोश रहे. उन्होंने कोई इंटरव्यू नहीं दिया. न ही अपना पक्ष रखा. पर अब क्योंकि चीजों को समय बीत चुका है. ऐसे में असित ने एक मीडिया चैनल संग बातचीत में अपना पक्ष रखा. असित ने कहा- शैलेश ने जो कहा कि वह केस जीत चुके हैं, यह उन्होंने गलत कहा है.

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शैलेश लोढ़ा, असित मोदी
शैलेश लोढ़ा, असित मोदी

इस साल की शुरुआत में खबर आई थी कि शैलेश लोढ़ा, 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के प्रोड्यूसर असित मोदी के खिलाफ केस फआइल किया है. जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्हें उनकी मेहनत के पैसे नहीं दिए गए हैं. कई महीनों की सैलरी मेकर्स ने रोक कर रखी हुई है. हाल ही में इसपर अपडेट आया कि शैलेश, असित के खिलाफ यह केस जीत चुके हैं. असित, शैलेश को 1 करोड़ रुपये देंगे. बॉम्बे टाइम्स संग बातचीत में शैलेश ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा था कि उन्होंने एक लंबी लड़ाई जीत ली है. वह बेहद खुश हैं.

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असित मोदी ने रखा अपना पक्ष
उस समय असित मोदी खामोश रहे. उन्होंने कोई इंटरव्यू नहीं दिया. न ही अपना पक्ष रखा. पर अब क्योंकि चीजों को समय बीत चुका है. ऐसे में असित ने टाइम्स ऑफ इंडिया संग बातचीत में अपना पक्ष रखा. असित ने कहा- शैलेश ने जो कहा कि वह केस जीत चुके हैं, यह उन्होंने गलत कहा है. कोर्ट ऑर्डर के मुताबिक, हम दोनों की आपसी सहमति से सुलह हुई है. न कि वह कोई केस जीते हैं. शैलेश ने जो भी कहा, जो भी आरोप लगाए, वह क्यों लगाए, इस बात से हम सभी काफी सोच-विचार में हैं. आखिर ऐसा क्या ही हो गया था जो उन्हें इस हद तक जाना पड़ा. इतनी तो कोई बड़ी बात भी नहीं हुई थी. पर जो हुआ जाने दो, हम तो अब यही उम्मीद करते हैं कि चीजें शांत हो जाएं और लोग फैक्ट्स को ट्विस्ट करना बंद कर दें. 

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असित ने आगे कहा- जब भी कोई आर्टिस्ट शो से अलविदा लेने का मूड बनाता है तो ऐसे में उसे कुछ डॉक्यूमेंट्स साइन करने पड़ते हैं, जिसमें लिखा होता है कि वह शो से अलविदा ले रहे हैं और शो का हिस्सा नहीं. यह एक स्टैंडर्ड प्रक्रिया है जो सभी आर्टिस्ट को पूरी करनी पड़ती है. शैलेश ने ये डॉक्यूमेंट्स साइन करने से इनकार कर दिया. हमने उनकी कोई पेमेंट नहीं रोकी थी. उनसे डॉक्यूमेंट्स साइन करने के लिए कहा. बल्कि यह तक पूछा कि अगर उन्हें डॉक्यूमेंट्स में कोई दिक्कत है तो बता दें, इसपर हम बैठकर बात कर लेंगे.

इस पूरे वाकया पर बातचीत करने के लिए हम लोगों ने मीटिंग भी करनी चाही. पर शैलेश ने बैठकर बात न करने की जगह NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) का दरवाजा खटखटाया. उनसे कहा गया कि उन्हें उनके हक के पैसे नहीं मिल रहे. सैलरी रोकी हुई है और इस तरह हम पर केस हुआ.

असित ने कहा- शैलेश ने हमारे साथ 14 साल काम किया और वह हमारे लिए परिवार की तरह हैं. काम के परे हम लोगों ने उन्हें बाकी चीजों में काफी सपोर्ट किया. प्रोफेशनल फ्रंट पर देखें तो हम लोगों ने हमेशा शैलेश को समय पर सैलरी दी. जबतक वह हमारे साथ रहे, उन्होंने किसी भी चीज को लेकर कोई कम्प्लेंट नहीं की. पर जब वह शो छोड़कर गए तो हम सभी के लिए काफी शॉकिंग रहा. अचानक ही चले गए. उनके बर्ताव से मैं काफी नाराज हूं. हमारी कोई सोच नहीं थी कि हम उनकी सैलरी रोकें, क्योंकि हर कंपनी का एक रूल होता है. जब कोई व्यक्ति छोड़कर जाता है तो उसे कुछ फॉर्मैलिटीज पूरी करनी पड़ती हैं जो कि शैलेश ने नहीं की. 

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