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तारक मेहता: जेठालाल को क्यों लगता है कि शो एक फैक्ट्री जैसा है?

तारक मेहता का उल्टा चश्मा के लीड एक्टर दिलीप जोशी उर्फ जेठालाल को लगता है कि इस शो की क्वालिटी खराब हो गई है, उन्होंने कहा कि 'यह लगभग एक कारखाने की तरह हो गया है'

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tarak mehta ka ulta chashma.
tarak mehta ka ulta chashma.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिलीप जोशी को आया गुस्सा
  • जेठालाल ने शो को बताया फैक्ट्री
  • शो के 3 हजार एपिसोड हुए पूरे

कुछ समय पहले ही 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) ने 3 हजार एपिसोड पूरे किए, जिससे पूरी टीम काफी खुश दिखी. लेकिन शो के लीड एक्टर जेठालाल का किरदार निभाने वाले दिलीप जोशी (Dilip Joshi) कहीं न कहीं न खुश हैं. इसका करण यह है की पिछले काफी समय से 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की टीआरपी (TRP) लगातार गिर रही है. और पहले की तरह अब यह शो टॉप 5 में भी नजर नहीं आता है. दिलीप जोशी को लगता है कि शो के ज्यादा एपिसोड टेलिकास्ट करने के चक्कर में अब यह एक फैक्ट्री बन गया है.

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स्टैंडअप कमीडियन सौरभ पंत के साथ बातचीत में दिलीप जोशी ने कहा ' जब आप क्वांटिटी देखते है, तो कहींं न कहींं क्वालिटी पर असर पड़ता है. 'पहले हम शो हफ्ते में एक दिन करते थे और राइटर्स के पास बहुत समय होता था. चार एपिसोड लिखे, दूसरे चार एपिसोड अगले महीने शूट करना है. ' उन्होंने कहा 'अब हर रोज राइटर्स को नया टॉपिक ढूंढना पड़ता है. आखिरकार वे भी तो इंसान ही हैं. मैं मानता हूं कि जब आप ऐसा शो रोजाना कर रहे तब सभी एपिसोड्स एक ही लेवल के नहीं हो सकते. जहां तक कॉमिडी की बात है तो कुछ एपिसोड्स हैं जो उस लेवल के नहीं हैं.'

दिलीप जोशी उर्फ जेठालाल इस बात से बेहद दुखी हैं. कि अब 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' एक फैक्ट्री बन चुका है. जिसमें राइटर्स को रोजाना के एपिसोड के लिए लिखना ही लिखना है. और नए-नए टॉपिक ढूंढने हैं. वही उनकी बाकी की टीम 3 हजार एपिसोड पूरे करने पर खुश नजर आ रही है. 

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