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वैशाली ठक्कर की मौत से गुस्से में मुकेश खन्ना, इंडस्ट्री पर भड़के, पूछा- सुसाइड रोकने के लिए क्या किया?

मुकेश खन्ना ने एक्टर्स के सुसाइड केसेज पर बात की. उन्होंने बताया कोई काम ना मिलने से परेशान है तो कई लोग अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर डिप्रेशन में हैं. मुकेश खन्ना ने वैशाली की मौत पर हैरानी जताते हुए कहा कैसे एक हंसते मुस्कुराते चेहरे ने अपनी जान ले ली. उन्होंने सुसाइड केस रोके जाने का तरीका भी बताया.

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मुकेश खन्ना-वैशाली ठक्कर
मुकेश खन्ना-वैशाली ठक्कर

टीवी एक्ट्रेस वैशाली ठक्कर ने 16 अक्टूबर को फांसी लगाकर जान दी. 30 साल की उम्र में वैशाली का उठाया ये खौफनाक कदम हर किसी के लिए शॉकिंग था. वैशाली के सुसाइड का गुनहगार सलाखों के पीछे है. एक्ट्रेस की मौत से दिग्गज एक्टर मुकेश खन्ना काफी गुस्से में हैं. उन्होंने इंडस्ट्री पर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि सुसाइड केसेज को रोकने के लिए उन्होंने क्या किया?

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मुकेश खन्ना ने अपने लेटेस्ट यूट्यूब वीडियो में इंडस्ट्री में लगातार हो रहे एक्टर्स के सुसाइड केसेज पर बात की है. उन्होंने बताया कैसे सालों से इंडस्ट्री में ये सब होता आ रहा है. ग्लैमर वर्ल्ड के पीछे लोगों की जिंदगी का सच कुछ और है. कोई काम ना मिलने से परेशान है तो कई लोग अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर डिप्रेशन में हैं. मुकेश खन्ना ने वैशाली ठक्कर की मौत पर हैरानी जताते हुए कहा कैसे एक हंसते मुस्कुराते चेहरे ने अपनी जान ले ली.

वैशाली की मौत पर क्या बोले मुकेश खन्ना?
मुकेश खन्ना ने कहा- इंडस्ट्री में कुछ लोग काफी सेंसिटिव होते हैं. 29 साल क्या होते हैं. वैशाली ने अभी जिंदगी शुरू भी नहीं की थी. इतनी अच्छी जिंदगी भगवान ने दी है. एक इमोशनल झटके में आकर पंखे से खुद को लटका लेते हो. वैशाली सेट पर सबको हंसाती थी. कैसे वो आत्महत्या कर सकती थी. हर आदमी सोचता होगा ये कितनी खुशमिजाज लड़की है. इंडस्ट्री में पिछले 3 सालों में कईयों ने आत्महत्या की. लोग कुछ दिन हैरानी जताते हैं, शोक मनाते हैं. फिर क्या करते हैं? मुझे शिकायत है आत्महत्या का दौर कब इंडस्ट्री में रूकेगा. किसी ने इसे रोकने की कोशिश नहीं की. दिक्कत ये है कि सुसाइड चलते रहेंगे, लेकिन हैरानी के बाद आप क्या करते हो.  

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मुकेश खन्ना ने बताया कैसे रुकेंगे सुसाइड केस?
एक्टर ने इंडस्ट्री में सुसाइड केस रोके जाने का तरीका भी बताया. वे कहते हैं- आप लोगों को आगे बढ़कर एक बहुत बड़ी संस्था बनानी चाहिए. जिसके अंदर मनोचिकित्सक को अपॉइंट करना चाहिए. जहां कोई भी एक्टर जो डिप्रेशन में हो या खुद को अकेला पाए, वो वहां जाकर फ्री में अपना इलाज कराए, मन की बात करे. आप डॉक्टरों से मिलिए. एक 2 घंटे की बात सुसाइड के द्वार पर खड़े इंसान को बचा सकती है. इंडस्ट्री को इस बारे में सोचना चाहिए.

वैसे मुकेश खन्ना की बात गलत नहीं है. उनकी राय पर आपका क्या कहना है?


 

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