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Exclusive: मेरी बेटी ने सुसाइड नहीं किया बल्कि मर्डर हुआ है, इसका भी खुलासा होगा - प्रत्युषा के पिता

Pratyusha Suicide Case Exclusive: प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में सेशन कोर्ट द्वारा दिए गए स्टेटमेंट के बाद इस केस में एक नया मोड़ आया है. इसी सिलसिले में प्रत्युषा के पिताजी हमसे एक्सक्लूसिव बातचीत करते हैं.

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प्रत्युषा बनर्जी (फाइल फोटो)
प्रत्युषा बनर्जी (फाइल फोटो)

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी के केस में एक नया मोड़ आया है. पिछले दिनों सेशन कोर्ट ने उनके बॉयफ्रेंड राहुल सिंह की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि कहीं न कहीं प्रत्युषा को सुसाइड के लिए उकसाने में उनका ही हाथ है.  

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2016 में टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में उनके बायॉफ्रेंड राहुल राज सिंह पर उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था. एक लंबे से इस आरोप को झेल रहे राहुल ने कोर्ट में अर्जी दी थी कि उन्हें इन आरोपों से फ्री कर दिया जाए. लेकिन राहुल की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए कोर्ट ने न केवल उनकी अर्जी को खारिज कर दिया है बल्कि उनपर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल के कारण ही प्रत्युषा ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है. साथ ही यह भी कहा कि राहुल ने प्रत्युषा की जिंदगी को नरक बनाकर रख दिया था. अब इस पर ही प्रत्युषा के पिता ने हमसे एक्सक्लूसिव बातचीत की है. 

इंतजार में आठ साल लग गए 
शंकर बनर्जी कहते हैं, 'ये हमारे यहां के सिस्टम के बारे में तो मैं क्या ही कहूं, इस केस को शुरू होने में ही 8 साल लग गए. देखो हम लोग तो पहले से ही चीख-चीख कर कह रहे हैं कि ये सुसाइड नहीं बल्कि मर्डर है. बहुत से कारण है, जो इसका मर्डर होने का दावा करती है. अब जाकर सारी चीजें एक एक कर निकल कर सबके सामने आएंगी. कोर्ट किसी का नहीं होता है, वहां तो सब सच निकलकर आ ही जाता है. हर सच बाहर आएगा. इन आठ सालों में हमने क्या झेला है, वो मैं और मेरी पत्नी जानते हैं. यही हमारी जिंदगी का एकमात्र मकसद बन गया था.'

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हमें ही विलेन बनाकर रख दिया था 
शंकर आगे कहते हैं, 'फेक मीडिया ट्रायल चला, बातों को इतना घुमाया-फिराया गया कि हमें ही विलेन बनाकर पेश किया गया. इससे कॉन्फिडेंस तो खोता ही जाता है. हमारी उम्मीद भी टूटती जाती थी. हालांकि ट्रायल में जो फैसला आया है, उससे एक विश्वास जगा है कि धीरे-धीरे यह भी साबित होगा कि उस लड़के ने ही मेरी बेटी को मारा है. हमें तो इससे कुछ मिलने वाला नहीं है. उल्टा तो मैंने सबकुछ खोया ही है. बस मैं अपनी बेटी और उन तमाम बेटियों की हक की लड़ाई लड़ रहा हूं.'

हमारा तो सबकुछ चला गया 
शंकर कहते हैं, 'कभी-कभी सोचता हूं कि मैंने ऐसा क्या किया था कि मुझे इन सब चीजों से गुजरना पड़ रहा है. मैंने अपनी एकलौती औलाद तक खो दी है. ऊपर से सिस्टम का ये हाल तो देखो कि अभी तक न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं. जितनी जमा पूंजी थी, वो सारी की सारी इस केस में झोंक दी है. मैं टूटने और हारने का रिस्क नहीं ले सकता हूं. अब तो मैं यही चाहता हूं कि उसे बस इंसाफ मिल रहे. अभी बहुत कुछ रिवील होना बाकि है. अभी तो बहुत सच सामने आने वाला है. मेरी बेटी और मेरा परिवार बेवकूफ थे, जो उसके झांसे में आए गए थे. मैं नहीं चाहता कि मेरे इस दर्द से कोई भी मां-बाप गुजरे. बता दूं इस बीच पुलिस अपना चार्ज क्लेम करेगी और सबूत इक्ट्ठा करेगी. अगली सुनवाई नवबंर को है.'

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