scorecardresearch
 

जब व्हीलचेयर पर तीसरा नेशनल अवॉर्ड लेने पहुंचीं सुरेखा, मिला था स्टैंडिंग ओवेशन

बधाई हो में सुरेखा सीकरी ने दादी का रोल किया था. मूवी में वे नीना गुप्ता की सास बनी थीं. सुरेखा को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस कैटिगरी में नेशनल अवॉर्ड मिला था. सुरेखा व्हीलचेयर पर बैठकर राष्ट्रीय पुरस्कार लेने पहुंची थीं. इस दौरान सुरेखा को स्टैंडिंग ओवेशन दिया गया था.

Advertisement
X
सुरेखा सीकरी
सुरेखा सीकरी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सुरेखा सीकरी का निधन
  • बधाई हो फिल्म के लिए मिला था नेशनल अवॉर्ड
  • व्हीलचेयर पर अवॉर्ड लेने पहुंचीं थीं सुरेखा

दिग्गज अदाकारा सुरेखा सीकरी ने अपनी दमदार एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीता था. उनके यूं अलविदा कह जाने से फैंस में दुख की लहर दौड़ पड़ी है. सबकी चहेती 'दादी सा' ने अपने लंबे करियर में एक से बढ़कर एक रोल किए थे. सुरेखा ने तीन नेशनल अवॉर्ड अपने नाम किए थे, इसी से पता चलता है कि वे कितनी उम्दा अदाकारा थीं. 

Advertisement

जब व्हीलचेयर पर नेशनल अवॉर्ड लेने पहुंची थीं सुरेखा

साल 2018 से उनकी तबीयत ढीली चल रही थी. तभी 2019 में जब वे फिल्म बधाई हो के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार लेने पहुंचीं तो व्हीलचेयर में नजर आई थीं. 2018 में रिलीज हुई फिल्म बधाई हो में सुरेखा सीकरी ने दुर्गा देवी कौशिक का रोल प्ले किया था. इस रोल में एक बार फिर सुरेखा ने वाहवाही बटोरी थीं. उनका काम इस कदर पसंद किया गया कि राष्ट्रीय पुरस्कार से उन्हें सम्मानित किया गया. 

बॉलीवुड की 'भगोड़ी दुल्हन' हैं कटरीना कैफ, एक नहीं चार फिल्मों में छोड़कर भागी हैं शादी का मंडप
 

बधाई हो में सुरेखा सीकरी ने दादी का रोल किया था. मूवी में वे नीना गुप्ता की सास बनी थीं. सुरेखा को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस कैटिगरी में नेशनल अवॉर्ड मिला था. सुरेखा व्हीलचेयर पर बैठकर राष्ट्रीय पुरस्कार लेने पहुंची थीं. इस दौरान सुरेखा को स्टैंडिंग ओवेशन दिया गया था. सुरेखा की ये तस्वीरें वायरल थीं. बीमार होने के बाद भी सुरेखा का हौसला खत्म नहीं हुआ था.

Advertisement

एक्ट्रेस सुरेखा सीकरी का निधन, बालिका वधू की 'दादी सा' के रोल से हुई थीं फेमस
 

वे जाह्नवी कपूर की वेब फिल्म घोस्ट स्टोरीज में नजर आई थीं. इसे सुरेखा की आखिरी फिल्म कह सकते हैं. घोस्ट स्टोरीज 2020 में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी. सुरेखा सीकरी ने 2020 में बीमारी के इलाज के लिए चैरिटी लेने से साफ मना कर दिया था. उनका कहना था कि चैरिटी की बजाय उन्हें काम दे दें ताकि वे सम्मान के साथ जी सकें. 


 

Advertisement
Advertisement