आनंद का निधन हुआ तो बाबू मोशाय वहां पहुंचे और रोए भी. मानों एक अजीज दोस्त बिछड़ गया हो. लेकिन फिल्मी पर्दे के आनंद और बाबू मोशाय का रिश्ता असली जिंदगी में कभी वैसा नहीं रहा जैसा रील लाइफ में था.