एजेंडा आज तक में दर्शकों को गुदगुदाने की जिम्मेदारी राजू श्रीवास्तव के साथ 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की टीम की भी थी. इस मशहूर टीवी शो के सितारे दिलीप जोशी (जेठालाल), दिशा वकानी (दयाबेन), मुनमुन दत्ता (बबीता जी) और निर्माता असित मोदी 'एजेंडा' के मंच पर पहुंचे और पर्दे के पीछे की दिलचस्प कई बातें साझा कीं. घर-घर में मशहूर इन किरदारों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता अभियान के लिए भी मनोनीत किया था. आज तक के बुलावे पर 'तारक मेहता' की टीम गोकुलधाम से तशरीफ लाई और शम्स ताहिर खान से बातचीत में हमें ढेर सारे मजेदार लम्हों से सराबोर कर गई.
मुझे बबीता जी पसंद हैं: जेठालाल उर्फ दिलीप जोशी
'बबीता जी' पर: देखिए बचपन से कोई एक दोस्त अजीज होता है. मान लीजिये कि मुझे बबीता जी बहुत पसंद हैं.
इसलिये में बबीता जी को अहमियत देता हूं. बस लोगों का अलग-अलग नज़रिया है.
टप्पू सेना पर: टप्पू सेना को पहले की तरह देखते हैं जैसे 6 साल पहले थे हम उन्हें ऐसे ही ट्रीट करते हैं.
बाबूजी पर: बाबू जी का रोल निभाने वाले एक्टर अमित भट्ट मुझसे उम्र में दस साल छोटे हैं लेकिन वो कमाल का किरदार करते हैं.
साले साहब सुंदर पर: सुंदर पनौती है. गड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स उसके लिए थोड़े न खोला है.
अमिताभ बच्चन पर: जब वे फिल्म प्रमोशन के लिए हमारे सेट पर आए तो ये एक सपने के सच होने जैसा था.
मैं शक नहीं करती: दयाबेन उर्फ दिशा वकानी
अपने किरदार पर: दरअसल पहले मेरा किरदार ऐसा नहीं था, करते-करते ऐसा हो गया. तारक जी ने ऐसा नहीं लिखा था. असित जी और जोशी सर (जेठालाल) ने मदद की. ये बीच-बीच में गरबा वगैरह पहले तय नहीं था.
नेताओं के सेट पर आने पर: अगर किसी नेता को गोकुल धाम लाना हो तो हेमा मालिनी जी को लाएंगे. मुझे भी अमिताभ जी से बहुत कुछ सीखने को मिला है. जब वो सेट पर आए तो बहुत अच्छा लगा.
अच्छा लगता है जेठा का अटेंशन: बबीता उर्फ मुनमुन दत्ता
जेठाजी की 'स्पेशल' एप्रोच पर: देखने के नजरिये पर निर्भर करता है. वो मेरे खास दोस्त हैं. अच्छा लगता है उनका अटेंशन. क्यूट लगता है.
अय्यर के किरदार पर: अय्यर को मैं पेंट नही करती वो पहले से ही ऐसे हैं.
टप्पू सेना पर: हमारे सभी बच्चे स्कूल के एग्जाम बहुत अच्छे से मैनेज करते हैं. सभी के मार्क्स भी बहुत अच्छे आते हैं. उनकी शूटिंग भी शनिवार और रविवार को होती है.
शाहरुख पर: उनके साथ काम करना सपने के सच होने जैसा था और अमित जी तो लीजेंड हैं.
सास नहीं, खुशी को लाना चाहते हैं: असित मोदी, निर्माता
स्वच्छता अभियान पर: ये सिंपल शो है, सब मिलकर देखते हैं तो इसलिये प्रधानमंत्री ने हमें इससे जोड़ा. लोगों से जुड़ा शो है तो उसे बच्चे भी बहुत पसंद करते हैं. इसलिये हम भी गौरव की अनुभूति करते हैं.
दयाबेन की मां पर: उन्हें शो पर हम इसलिए नहीं लाए, क्योंकि हम सास को लाना ही नहीं चाहते हैं. परेशानी को दूर रखना चाहते हैं. खुशी का शो है.
बाल-दर्शकों पर: टप्पू सेना को बचपन से सिखाया है. लोग पंसद करते हैं. तारक मेहता देखने वाले बच्चे भी टप्पू की तरह
होशियार होंगे. बच्चे बाहर जाकर खेलें ये संदेश भी हम देना चाहते हैं. आउटडोर गेम्स में उनका रुझान रहे.
पोपटलाल पर: उनकी शादी हो पायेगी या नही इसका जवाब तलाश रहा हूं.