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एजेंडा आजतकः रघुराम राजन की अपनी राय, PMO काम में दखल नहीं देता- पीयूष गोयल

आजतक के हिंदी जगत के महामंच एजेंडा आजतक के आठवें संस्करण के दूसरे दिन एक खास सत्र में वाणिज्य और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि देश को मेहनती प्रधानमंत्री मिले हैं जो चीजों में अपनी राय देते हैं, लेकिन निर्णय की प्रक्रिया में पीएमओ का कोई रोल नहीं रहा है.

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रेल मंत्री पीयूष गोयल
रेल मंत्री पीयूष गोयल

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  • रघुराम राजन को फैक्ट नहीं मालूमः प्रकाश जावड़ेकर
  • PMO से आज तक कभी कोई आदेश नहीं आयाः पीयूष

'आजतक' के हिंदी जगत के महामंच 'एजेंडा आजतक' के आठवें संस्करण के दूसरे दिन एक खास सत्र में वाणिज्य और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि देश को मेहनती प्रधानमंत्री मिले हैं जो चीजों में अपनी राय देते हैं, लेकिन निर्णय की प्रक्रिया में पीएमओ का कोई रोल नहीं रहा. जबकि पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि रघुराम राजन अपनी राय दे सकते हैं, लेकिन उन्हें फैक्ट नहीं मालूम है.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन रघुराम राजन की ओर से पिछले हफ्ते सारे फैसले प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से लिए जाने और मंत्री को खुलकर फैसला नहीं ले पाने की टिप्पणी पर पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि रघुराम राजन अपनी राय दे सकते हैं, लेकिन उनको फैक्ट मालूम नहीं है. हम दोनों पिछले साढ़े 5 साल से मंत्री हैं और हमें कभी भी ऐसा नहीं लगा.

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इसी मुद्दे पर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'मैं समझता हूं कि देश को मेहनती प्रधानमंत्री मिले हैं जो चीजों में अपनी राय देते हैं, उससे इन्वॉल्व होते हैं. यहां तक तो बहुत अच्छा है. लेकिन निर्णय की प्रक्रिया में पीएमओ का कोई रोल नहीं. कोई आदेश आज तक नहीं आया. साढ़े 5 साल हो गए लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ.'

उन्होंने आगे कहा कि जरुरत पड़ने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी भी मिलने को तैयार रहते हैं. हमारे बीच रिश्ते बेहद शानदार हैं.

क्या देश में बिजनेस करने का माहौल है, और सब कुछ आसानी से हो रहा है, प्रकाश जावड़ेकर ने इस सवाल पर कहा, 'मैं एक आंकड़ा बताता हूं कि 2014 में पर्यावरण से जुड़ी एक फाइल पर औसतन 640 दिन लगते थे, लेकिन अब 108 दिन लगते हैं और हम इसे दो अंकों में लेकर आएंगे. यह आंकड़ा है. इसके लिए मैंने खुद पूरी पड़ताल की कहां पर देरी होती है और इसे लेकर काफी सुधार भी किया. खुद मैं ही इसको लेकर फैसला ले रहा हूं और इसके लिए मेरी ही जिम्मेदारी होगी.'

पीयूष गोयल ने कहा कि डर तब होता है जब कोई गलत काम करता है. जब कोई ईमानदारी से काम करता है तो उसे डरने की जरूरत नहीं होती है.

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इसी तरह उद्योगपति राहुल बजाज के इस बयान पर की अब कुछ भी कहने से डर लगता है, पर पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यही तो लोकतंत्र है. हर किसी की अपनी राय होती है. किसी को कुछ भी कहने का अधिकार है. मंच पर आकर वह कुछ भी कह सकते हैं यही तो लोकतंत्र है.

अमित शाह भी होंगे शामिल

हिंदी जगत के महामंच 'एजेंडा आजतक ' का आज मंगलवार को दूसरा दिन है. आज मंच पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रविशंकर प्रसाद और पीयूष गोयल, आर्मी चीफ बिपिन रावत, क्रिकेटर युवराज सिंह, हरभजन सिंह, अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, एक्टर अक्षय कुमार, आयुष्मान खुराना समेत कई बड़ी हस्तियां शिरकत कर रही हैं.

'एजेंडा आजतक' के दूसरे दिन इस दौरान नागरिकता संशोधन कानून, देश की अर्थव्यस्था के साथ ही सिने जगत के कई मुद्दों पर भी बातचीत होगी. 'शाह है तो संभव है' सत्र में गृह मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह हिस्सा लेंगे.

नागरिकों को डरने की जरुरत नहींः गडकरी

'एजेंडा आजतक' के दूसरे दिन 'ये रास्ते हैं रोजगार के' सत्र में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि नागरिकता कानून से उन्हें डरने की जरूरत है जो विदेशी नागरिक हैं. देश के नागरिकों को डरने की जरुरत नहीं है. अवैध नागरिकों को डरने की जरूरत है. कुछ लोग इसे गलत तरीके से प्रचारित कर रहे हैं. लोगों को भड़का रहे हैं.

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उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) देश के किसी भी अल्पसंख्यक के खिलाफ नहीं है. हमारी सारी योजनाएं उनके लिए हैं. कोई भी योजना किसी समुदाय विशेष के लिए नहीं बनाई गई है. यह सभी के लिए है.

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, 'मैं भरोसा दिलाता हूं कि बीजेपी कभी भी देश के किसी भी अल्पसंख्यक के खिलाफ कोई फैसला नहीं लेगी. कुछ लोग कह रहे हैं कि देश से मुसलमानों को बाहर कर देंगे, ये बात पूरी तरह से गलत है. बीजेपी या वर्तमान सरकार ऐसा नहीं करेगी. हम देश के मुसलमानों के खिलाफ नहीं. ये कानून भी उनके खिलाफ नहीं है. ओवैसी और कांग्रेस के नेता मुसलमानों के बीच भय पैदा करना चाहते हैं.'

आजतक के महामंच से कार्यक्रम के पहले दिन सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई दिग्गजों ने शिरकत की. इस दौरान मुख्यमंत्री केजरीवाल ने महंगाई और बेरोजगारी समेत कई मुद्दों पर सरकार पर वार किए.

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