16 दिसंबर, आज ही के दिन निर्भया के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया था. इस घटना को सात साल गुजर गए हैं लेकिन अब भी सभी दोषियों को सज़ा नहीं मिली है. एजेंडा आजतक में उस दिल दहला देने वाली घटना को याद करते हुए निर्भया की मां आशा देवी कहती हैं कि रेप तो हो गया लेकिन सोचिए उन परिवार पर क्या बीतती है. 16 दिसंबर को निर्भया के साथ जो घटना हुई या फिर हाल के दिनों में जिन लड़कियों के साथ रेप हुआ और फिर जला दी गईं, उन सबकी क्या गलती थी? मेरी ही क्या गलती है कि पिछले सात सालों के लंबे संघर्ष के बाद भी हमें इंसाफ नहीं मिला है?
निर्भया की मां रोते हुए कहती हैं, आज वही तारीख है 16 दिसंबर, साल बदल गया है 2019. मैं पिछले सात सालों से धैर्य के साथ यह लड़ाई लड़ रही हूं. फिर भी 2012 में ही खड़ी हूं. क्योंकि आज भी मैं कभी कोर्ट में, रोड पर, मीडिया के बीच या मंत्रियों के सामने इंसाफ ही मांग रही हूं. पिछले सात सालों से जवाब देते-देते और मांगते-मांगते मैं खुद भी एक सवाल बन गई हूं.
जब भी समाज में इस तरह की घटना होती है कानून बदलने की मांग होती है या फिर फास्ट ट्रैक कोर्ट लाने की बात होती है और शायद बनती भी होगी. लेकिन क्या इन सबके बावजूद समस्या का समाधान मिला? क्या हमारा सिस्टम हमारे अंदर यह भरोसा बना पाया कि अब ऐसा कुछ नहीं होगा? पिछले 15 सालों में सिर्फ एक रेपिस्ट को फांसी की सजा मिली है. लेकिन इस दौरान कितनी बच्चियों के साथ रेप की घटना को अंजाम दिया गया. हमारा एजेंडा आज भी वही है कानून सख्त होगा, फस्ट ट्रैक कोर्ट आएगा, मेरा सवाल है कि ये सब कब आएगा?
निर्भया गैंगरेप केस में कुल 6 आरोपी थे. जिनमें से एक दोषी जो नाबालिग था वो तीन साल की सजा काट कर रिहा हो चुका है. वहीं एक ने आत्महत्या कर ली थी. जबकि चार अन्य दोषी विनय शर्मा, मुकेश सिंह, पवन गुप्ता और अक्षय कुमार को फांसी पर चढ़ाए जाने का इंतजार पूरा देश कर रहा है.
निर्भया के दोषियों पर 18 दिसंबर को होगा फैसला
बता दें कि निर्भया के परिजनों ने शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में उनकी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी निर्मम हत्या के दोषियों को जल्द फांसी देने की मांग की. इस पर दिल्ली की अदालत ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार करेगी, जहां 17 दिसंबर को इस मामले की सुनवाई होनी है. निर्भया के परिजन अपनी बेटी के साथ हुए जघन्य अपराध के सात साल बाद भी उसके हत्यारों को फांसी दिए जाने का इंतजार कर रहे हैं.
न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने कहा कि शीर्ष अदालत की सुनवाई समाप्त होने के बाद इस मामले को पारित किया जा सकता है. शीर्ष अदालत मंगलवार को सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों में से एक अक्षय की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करेगी.
अदालत में सुनवाई की अगली तारीख 18 दिसंबर है.