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'उत्तर भारत में भले एक राज्य में कांग्रेस सरकार, लेकिन विचारधारा पूरे देश में है,' एजेंडा आजतक में बोले हिमाचल प्रदेश के CM सुक्खू

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र से मदद मांगने के सवाल पर जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि हमें केंद्र से मदद लेने का अधिकार है. हालांकि, अभी ऐसा कोई स्पेशल राहत पैकेज नहीं मिला है. हमें अपने पैरों पर भी खड़ा होना है. इसलिए केंद्र की तरफ नहीं देखते हैं. हमें अपना बजट काटकर आपदा में राहत कार्य किए.

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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू.

Agenda Aaj Tak 2023: एजेंडा आजतक का महामंच सज गया है. पहले दिन कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिरकत की. उन्होंने हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार में सालभर में हुए विकास कार्य गिनाए और अपने विजन के बारे में भी बातचीत की. सुक्खू का कहना था कि जो भी सत्ता में होता है, उसके सामने चुनौतियां आती हैं. लेकिन देख यह होता है कि किस प्रकार की चुनौतियां हैं, इन चुनौतियों को हम लड़ाई की तरह लड़ें या युद्ध की तरह. हमारी आर्थिक स्थिति अभी भी ज्यादा अच्छी नहीं है. जब मैंने मुख्यमंत्री के रूप में जॉइन किया, तो बहुत बुरा हाल था. 

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उन्होंने कहा, सबसे पहले हमने आर्थिक रूप से आई चुनौती को पार किया. हमें अपने प्रदेश के भोगौलिक और सौंदर्यता को ध्यान में रखकर बजट पेश किया. अभी हम इस चुनौती का सामना कर ही रहे थे, तभी सामने प्राकृतिक आपदा आ गई. इतिहास में पहली बार ऐसी आपदा आई. मूल्याकन करने पर यह पाया कि क्लाइमेंट चेंज का पूरे देश में भी असर हो रहा है. उस आपदा के समय टूरिज्म सीजन पीक पर था. 75 हजार टूरिस्ट कुल्लू और मनाली में फंसे हुए थे. क्लाउड बर्स्ट होने से हालात बिगड़ गए थे. इसमें बहुत ज्यादा बारिश आती है और आसपास के क्षेत्र को बहाकर ले जाती है.

'आपदा के बाद दिन-रात काम किया'

सीएम सुक्खू ने कहा- रोड, बिजली, पानी की सप्लाई टूट गई थी. सबसे पहले हमने मेहमानों को निकाला. 15 हजार गाड़ियों को निकाला. आपदा के बाद सड़कों को दुरुस्त किया. एप्पल के सीजन में दिनरात काम किया. इकॉनोमी को आगे करने में ठीक हुए हैं. क्रिसमिस और नए साल के लिए हिमाचल प्रदेश तैयार है. दो महीने तक टूरिस्ट आएं और इंजॉय करें.

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'देश में कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल' 

उत्तर भारत में सिर्फ हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने के सवाल पर सुक्खू ने कहा, कांग्रेस की सरकार भले एक राज्य में बची है, लेकिन कांग्रेस की विचारधारा पूरे देश में है. आज हर जगह जाइए और देखिए. हरियाणा-पंजाब में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस है. जम्मू कश्मीर में भी चुनाव होंगे. वैचारिक रूप से कांग्रेस हर जगह है. पावर में कई बार आते हैं, कई बार नहीं आते हैं. हम चुनाव हारे हैं. ये लोकतंत्र में होता रहा है. कई बार कोई पार्टी लगातार चुनाव जीतती है. ये लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक हिस्सा है. लेकिन, वैचारिक रूप से कोई कहे कि कांग्रेस खत्म हो रही है तो ये गलत है. आज भी पूरे हिंदुस्तान में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस है.

'हिमाचल में ओपीएस का लाभ मिल रहा'

चुनाव से पहले हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की गारंटी और ओपीएस लागू करने के सवाल पर सुक्खू ने कहा, ओपीएस सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण है. एक लाख 36 हजार कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है. हिमाचल प्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहां पहले जिस कर्मचारी को 2750 रुपए मिलते थे. उसे आज 27 हजार या 40 हजार रुपए मिलते हैं. ऐसे करीब 5 हजार लोग थे. इन लोगों को पहले 3 हजार या 5 हजार रुपए मिलते थे.

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उन्होंने कहा, संवेदनशीलता इस बात की होनी चाहिए, जिस कर्मचारी ने प्रदेश के विकास की पटकथा लिखी है. जीवन के 35 साल तक दिनरात सरकार के कामकाज करता रहा. जब बुढ़ापे का समय आया तो उसके पास कोई इनकम नहीं रहेगी. जो पैसे मिलते हैं, वो जल्दी खर्च हो जाते हैं. बच्चों से लेकर घरवालों की जरूरतें पूरी करनी होती हैं. ओपीएस के माध्यम से उनका जीविकोपार्जन चलता रहेगा. 

'हम सत्ता सुख के लिए नहीं आए हैं'

उन्होंने कहा, किसी भी सरकार का आकलन एक साल में नहीं किया जा सकता है. हम सत्ता में सुख के लिए नहीं आए हैं. हम व्यवस्था परिवर्तन करने के लिए आए हैं. हमने एक साल में अपनी तीन गारंटियों को पूरा किया है. पहली- ओपीएस है. इससे आने वाले समय में राज्य के खजाने पर एक हजार करोड़ का बोझ आएगा. दूसरी- राजीव गांधी ई-स्टार्टअप योजना शुरू की है. हिमाचल के पर्यावरण को देखते हुए हम युवाओं को टैक्सी खरीदने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. हिमाचल में 40 हजार टैक्सी हैं. जो युवा 10 लाख की टैक्सी खरीदता था, उसे हम 5 लाख रुपए में दे रहे हैं. उसे सब्सिडी दी जा रही है. हम उसे इनकम भी देंगे. सरकार की जितनी डीजल गाड़ियां हैं, उन्हें हटाने की तैयारी है. अभी सरकार को ड्राइवर या गाड़ी रखनी पड़ती है, लेकिन आगे व्यवस्था ई व्हीकल हो जाएगी. इस योजना में युवा उत्साहित देखे जा रहे हैं. कोई एक करोड़ की प्राइवेट बस लेता है, तो उसे हम 50 लाख की सब्सिडी देंगे. ये 68 करोड़ की स्टार्टअप योजना है.

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'अगले साल फिर तीन गारंटी पूरी करेंगे'

तीसरी गांरटी के रूप में हमने क्वालिटी एजुकेशन पर ध्यान दिया है. बच्चों में हीनभावना नहीं आए, इसलिए हमने पहली कक्षा से ही इंग्लिश मीडिएम में पढ़ाई कराए जाने का फैसला लिया है. अगले साल से यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी. आगे तीन और गारंटियां फिर पूरी करेंगे. चार साल में सभी दस गारंटियां पूरी करेंगे. हमें इससे ज्यादा तक सोचना है. अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर योजना का लाभ देना चाहते हैं.

'अनाथ बच्चों को हर महीने 4 हजार रुपए देते'

अनाथ बच्चों के मामले में हिमाचल प्रदेश पहला ऐसा राज्य है, जहां कानून बनाकर 27 साल तक चिल्ड्रिन ऑफ द स्टेट का दर्जा दिया है. यानी उनका खर्चा, शादी का खर्चा देंगे. नीट में पढ़ाई करता है तो उसकी व्यवस्था करेंगे. 4 हजार रुपए महीने भी दिए जाएंगे. ये गारंटी में नहीं है.

'10 साल में हिमाचल समृद्धशाली राज्य बनेगा'

राज्य के पास भले ही पैसे नहीं बचे हैं, राज्य के पैसे का ठीक से इस्तेमाल करना आना चाहिए. रुटीन गवर्नमेंट नहीं चलते रहना चाहिए. व्यवस्था परिवर्तन करके पैसे बचाए हैं. इस साल 20 प्रतिशत इकोनॉमी पटरी पर आएगी. आने वाले चार साल में पूरी तरह आर्थिक व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी. अगले 10 साल में हिमाचल प्रदेश सबसे समृद्धशाली राज्य बनेगा और अमीर राज्य बनेगा.  

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उन्होंने कहा, 2024 का चुनाव उस समय के मुद्दों पर होगा. उस समय कौन से मुद्दे ऊपर उठकर आते हैं. उनका हम कैसे जवाब देते हैं. केंद्र का 10 साल का हिसाब जनता मांगेगी. प्रजेंटेशन भी होना चाहिए. उत्तर भारत में अकेले कांग्रेस सीएम होने के सवाल पर सुक्खू ने कहा, मैं हिमाचल का आदमी हूं. चंडीगढ़ से ज्यादा दूर नहीं जाना चाहता हूं. लेकिन जब भी पार्टी कोई जिम्मेदारी देती है तो उसे निभाऊंगा. 
 

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