विचारों का महामंच 'एजेंडा आजतक' दो साल बाद फिर सजने जा रहा है. आज और 4 दिसंबर को आजतक के महामंच पर कई दिग्गज आएंगे जो राजनीति से लेकर मनोरंजन और इतिहास से लेकर विज्ञान तक पर मंथन करेंगे. आज से दो दिनों के लिए सजने वाले आजतक के महामंच पर राजनीति के 'खिलाड़ी' चुनाव पर भी चर्चा करेंगे.
इस पूरे साल हिंदुस्तान कोरोना की महामारी से जूझता रहा, लेकिन देश अब कोरोना के दंश से उबर रहा है. वहीं नए साल का काउंटडाउन भी शुरू हो रहा है. अब सवाल ये भी है कि 2022 में क्या होगा देश का एजेंडा? कोरोना काल में जख्मी हुई अर्थव्यवस्था 2021 में क्या पूरी तरह पटरी पर आ जाएगी? एजेंडा विकास का है तो राजनीति का भी है. 2022 में देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होंगे. तो जाहिर है, बात सियासी भी भरपूर रहेगी.
नए दौर में लिखेंगे नई कहानी
इस बार की थीम है- नए दौर में लिखेंगे नई कहानी. एजेंडा आजतक के महामंच पर देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री अपने राज्यों का एजेंडा रखेंगे. ऐसे में शिवराज सिंह चौहान, अरविंद केजरीवाल, भूपेश बघेल और चरणजीत सिंह चन्नी से तीखे सवाल भी होंगे.
वहीं इस महामंच पर पहली बार लोकतंत्र के पहरेदार लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला भी पहुंचेंगे, तो केंद्रीय कानून मंत्री किरन रिजीजू भी मौजूद रहेंगे. कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी शिरकत करेंगे. इसके अलावा नितिन गडकरी, संबित पात्रा, कन्हैया कुमार, हार्दिक पटेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, राकेश टिकैत, असदुद्दीन ओवैसी, सुधांशु त्रिवेदी, नरेंद्र सिंह तोमर जैसी हस्तियां भी मंच पर अपने विचार साझा करेंगी.
देश की भाषा और देश की आवाज़ में तय होगा एजेंडा
21 बरसों से देश के नंबर वन न्यूज चैनल आजतक के मेगा कॉन्क्लेव एजेंडा आजतक के मंच पर हम रखेंगे वो सवाल, जिनके जवाबों से तय होगा देश का एजेंडा. देश की भाषा में, देश की आवाज में, आजतक के इस महामंच पर तय होगा देश का एजेंडा.