Agenda AajTak 2024: एजेंडा आजतक के मंच पर 'नई सरकार, कितना असरदार' सेशन में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर के स्पेशल स्टेटस, पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्तों और केंद्रशासित प्रदेश में होने वाले आतंकी हमलों को लेकर बातचीत की.
सीएम उमर अब्दुल्ला ने आर्टिकल 370 पर प्रस्ताव के सवाल पर कहा, "हम किसी एक लफ़्ज़ का इस्तेमाल या न इस्तेमाल करने से खुद को बांधना नहीं चाहते थे, हम जम्मू-कश्मीर का खुसूसी दर्जा वापस लाना चाहते हैं. संवैधानिक गारंटीज बहाल होनी चाहिए."
उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा कि J-K ने साल 2000 में भी प्रस्ताव लाया था, हम नहीं चाहते थे कि उस प्रस्ताव को हम किसी भी तरह से कमजोर करें. उस प्रस्ताव को दिमाग में रखते हुए, इस प्रस्ताव पर सोच समझकर काम किया गया. जो लोग इसके बारे में शिकायत करते हैं, पहले दिन उन्होंने एक कागज का पन्ना लाया था, उसमें भी कहीं पर 370 का जिक्र नहीं था. जो रेजोल्यूशन हाउस के जरिए पास हुआ, वो उस कागज के पन्ने से कहीं ज्यादा बेहतर था.
उमर ने आगे बताया, "जो लोग आज कह रहे हैं कि इसमें कुछ था नहीं, वही लोग विधानसभा के सेशन के बाद मुझे मुबारकबाद देने आए थे. उसके बाद सियासत बीच में आ गई और उनकी सोच बदल गई."
'पाकिस्तान के साथ बातचीत बेहतर रास्ता...'
चुनावी वादों और पाकिस्तान के साथ बातचीत के सवाल पर सीएम उमर ने कहा, "मैंने हमेशा कहा है कि पाकिस्तान से बात करने के लिए एक माहौल बनाने की जरूरत है, उसकी ज्यादा जिम्मेदारी पड़ोसी मुल्क का बनता है. पाकिस्तान को कुछ कदम उठाने होंगे, चाहे मुंबई 26/11 का मामला हो, चाहे जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ सालों में हुआ वो मामले हों."
उमर ने कहा, "अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था हम दोस्त बदल सकते हैं, पड़ोसी नहीं बदल सकते हैं. वो मुल्क हमारा पड़ोसी मुल्क है, नहीं बदलेगा. पाकिस्तान के हिस्से वाले कश्मीर को वापस लाने की बात होती है, अगर ये हमारा इरादा है, तो कैसे लाएंगे. जंग से तो हम नहीं ला पाए."
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, "पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को वापस लाने के मुद्दे पर बीजेपी ने चुनाव लड़ा था. कहा गया था कि मोदी साहब के वापस आने के 6 महीने के अंदर POK को वापस लाएंगे. इसके लिए बात-चीत के जरिए शायद और कोई चारा नहीं है और इसके लिए माहौल बनाना होगा."
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J-K में आतंकी हमलों पर क्या बोले CM उमर?
केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में होने वाले आतंकी हमलों के सवाल पर जवाब देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा, "चुनी गई सरकार का इन हमलों से कोई लेना-देना नहीं है. अगर ये हमले एक केंद्रशासित प्रदेश में हो रहे हैं, तो सुरक्षा की जिम्मेदारी LG की है, मेरे हांथ में पुलिस का कंट्रोल नहीं है."
उन्होंने आगे कहा कि जब तक जम्मू-कश्मीर UT है, इन हमलों को रोकने की जिम्मेदारी एलजी साहब की है.