Agenda Aaj Tak 2024: एजेंडा आजतक के दूसरे दिन (14 दिसंबर) 'ठोको ताली!' सेशन में टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने भाग लिया. नवजोत सिद्धू ने इस दौरान अपने जिंदगी से जुड़े राज खोले. सिद्धू ने इस दौरान बताया कि कैसे उन्होंने टीम इंडिया में दोबारा कमबैक किया. सिद्धू ने 1987 वर्ल्ड कप का किस्सा सुनाया, जहां उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 73 रनों की पारी खेली थी. वो मुकाबला भारत सिर्फ 1 रन से हार गया था.
नवजोत सिद्धू कहते हैं, 'संकल्प लिया था कि इंडिया के लिए दोबारा जरूर खेलूंगा. शीशमहल टूर्नामेंट में 7 शतक बनाए. दिल्ली में ऐसे छक्के मारे थे कि गेंदें गुम हो जाती थीं. जब इंडियन टीम में सेलेक्ट हुआ तो पहला मैच पाकिस्तान के खिलाफ था. वो फ्रेंडली मैच था, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ कौन हार बर्दास्त करता है. मैं वहां मंजूर इलाही की गेंद पर बड़ा शॉट मारने के चक्कर में आउट हो गया. चार साल के गैप के बाद वो मेरा पहला मुकाबला था. बाहर गुच्ची पाजी (सिद्धू के कोच) मौजूद थे, जिन्होंने मुझे पंजाबी में जमकर गाली दी. उन्होंने मुझे कहा कि आराम-आराम से खेलना चाहिए था.'
फिर सिद्धू ने 1987 वर्ल्ड कप का किस्सा सुनाते हुए कहा, 'मुझे सवेरे छह बजे पता लगा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुझे टीम में शामिल किया गया है. 9 बजे मैच शुरू होना था और तब सर्दी के दिन थे. हमलोग 271 रन चेज कर रहे थे. मनिंदर सिंह ने मुझे बताया कि गावस्कर आउट हो गए. फिर मैं मैदान पर बैटिंग करने उतरा, भीड़ भी काफी उत्साहित थी. मैं उस वक्त खुद से बात कर रहा था. तब मेरे दिमाग में गुच्ची पाजी की बातें याद आ रही थीं. मैंने पांच गेंदें डॉट खेलीं. दूसरी तरफ श्रीकांत थे जिन्होंने सिंगल लिया ही नहीं. श्रीकांत ने किसी तरह एक चौका लगाया. अब मैंने ठाना कि एक सिंगल लेना है. मैं पॉइंट की ओर खेलकर रन के लिए भागा. मैंने डीटीसी बस की तरह भागा था. डाइव मारकर मैं क्रीज तक किसी तरह पहुंचने में सफल रहा. उसके बाद गुच्ची पाजी की बातों को मैंने दिमाग से निकाल दिया. अगले दो ओवरों में मैंने चार छक्के और दो चौके लगाए. मैंने लगातार चार अर्धशतक लगाए, जिसे विराट कोहली ने बराबर किया.'
सिद्धू ने शेयर किया बायकॉट से जुड़ा किस्सा
सिद्धू कहते हैं, 'आगे चलकर मैं कमेंट्री की दुनिया में आया. वहां गए तो ज्योफ्ररी बायकॉट दिखे. उन दिनों आप जानने की कोशिश करते थे कि शिल्पा शेट्टी कौन है. बायकॉट ने मुझसे कहा कि कैसे हो. वो बोले कि सिद्धू मॉर्निग सन (सूरज) को देखो, वो शिल्पा शेट्टी की तरह खूबसूरत है. मैंने उनसे कहा कि वो आप को देखकर इसलिए मुस्कुराती है कि क्योंकि वो समझती हैं कि आप उनके पिता के बेस्ट फ्रेंड हैं. बायकॉट मेरे जवाब से चकित रह गए, उन्होंने कहा कि ये क्या हुआ. मैंने बायकॉट से कहा कि जब आपने पिछला बर्थडे मनाया था, तब मोमबत्तियों की कीमत बर्थडे केक से ज्यादा थी. मैं डेढ़ लाख रुपये के कॉन्ट्रैक्ट पर कमेंट्री करने गया था, लेकिन उसके बाद वो डेढ़ लाख 5 लाख में बदल गए. फिर 15 लाख हो गए.'
नवजोत सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने भी इस सेशन में हिस्सा लिया. नवजोत ने स्टेज-4 कैंसर से हाल ही में निजात पाई है. नवजोत कौर ने कहा- जब तक इंसान को बीमारी नहीं होती है, तब तक उस बारे में जानकारी नहीं होती है. मैं हमेशा से मानती हूं कि जब तक जिंदा रहूं, खुश रहूं. वहीं नवजोत सिद्धू ने कहा कि उन्होंने अपनी पत्नी की लाइफ जर्नी को दुनिया के सामने रखा. उसे पूरा विश्वास था कि वो बीमारी से निजात पा लेगी. नोनी का पूरा इलाज इंडिया में हुआ, जिसमें आधा इलाज सरकारी हॉस्पिटल में हुआ.
नवजोत सिंह सिद्धू ने भारत के लिए 51 टेस्ट, 136 वनडे इंटरनेशनल में भाग लिया. टेस्ट मैचों में सिद्धू ने 42.13 की औसत से 3202 रन बनाए, जिसमें 9 शतक और 15 अर्धशतक शामिल रहे. सिद्धू का बेस्ट स्कोर 201 रन रहा, जो उन्होंने 1997 में विंडीज के खिलाफ बनाया था. वनडे इंटरनेशनल में नवजोत सिंह सिद्धू ने 37.08 की एवरेज से 4413 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 6 शतक और 33 अर्धशतक निकले. सिद्धू ने साल 1993 में ग्वालियर ओडीआई में नाबाद 134 रनों की पारी खेलकर भारत को मैच जिताया था. यह वनडे इंटरनेशनल में नवजोत सिंह सिद्धू का बेस्ट स्कोर भी रहा.