यूपी चुनाव में पूरा सियासी माहौल सेट हो चुका है. AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Owaisi) भी पूरी तैयारी से इस बार यूपी की चुनावी जंग में उतर गए हैं. वो 100 से ज्यादा सीटों पर लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं कि ओवैसी के लड़ने से बीजेपी को फायदा पहुंचेगा.
इसी मसले पर एजेंडा आजतक 2021 (Agenda Aajtak 2021) में असदुद्दीन ओवैसी से सवाल किया गया. ओवैसी से सवाल किया गया कि 100 सीटों पर आप बीजेपी को फायदा पहुंचाएंगे, जहां-जहां आप लड़ेंगे वहां बीजेपी को फायदा होगा? इसके जवाब में ओवैसी ने कहा कि हमसे इनको (बीजेपी) कोई फायदा नहीं मिलेगा, बल्कि हम नुकसान पहुंचा रहे हैं.
अपने जवाब के साथ ओवैसी ने बिहार का भी उदाहरण दिया. ओवैसी ने कहा कि बिहार में अगर आरजेडी के लोग हमारी बात मान लेते तो तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) मुख्यमंत्री होते.
"बिहार में अगर RJD हमारी बात मान लेती तो आज तेजस्वी मुख्यमंत्री होते," @asadowaisi (अध्यक्ष, AIMIM)#AgendaAajTak21 | @anjanaomkashyap
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— AajTak (@aajtak) December 3, 2021
ओवैसी ने कहा कि आरजेडी वालों के साथ हमने कई बार कोशिश की, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी. बता दें कि बिहार में 2020 में विधानसभा चुनाव हुए, जहां तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी ने चुनाव लड़ा जबकि दूसरी तरफ नीतीश कुमार और बीजेपी का गठबंधन था.
आरजेडी के लिए चुनाव नतीजे हालांकि काफी अच्छे रहे लेकिन वो सरकार बनाने से चूक गई. बाद में कहा गया कि ओवैसी ने आरजेडी को नुकसान पहुंचाया. दरअसल, सीमांचल की कुछ सीटों पर ओवैसी ने पार्टी ने न सिर्फ अच्छा प्रदर्शन किया, बल्कि 5 सीटों पर जीत भी दर्ज की. चुनाव के दौरान दोनों के गठबंधन को लेकर भी चर्चा हुई, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.
अब ऐसी ही चर्चा यूपी में हो रही है, जहां अखिलेश यादव कई छोटे दलों को समाजवादी पार्टी के साथ लेकर चुनाव लड़ रहे हैं. ओमप्रकाश राजभर भी सपा के साथ आ गए हैं. ये वही राजभर हैं जो ओवैसी से भी मुलाकात कर चुके हैं. ऐसे में ओवैसी और सपा को लेकर भी चर्चा उठती रहती है, हालांकि ऐसा कुछ अभी हो नहीं सका है. ओवैसी ने भी कहा है कि उनके पास अभी कोई मैसेज नहीं आया है. इस बीच ओवैसी ने यूपी के राजनीतिक दलों को बिहार चुनाव की याद दिला दी है और अपनी अहमियत बताने की कोशिश की है.