एजेंडा आजतक 2021 (AgendaAajtak21) में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने शिरकत की और धर्म युद्ध सेशन में दोनों के बीच गरमागरम बहस हुई. जब सलमान खुर्शीद से पूछा गया कि आपने जब 'सनसाइज ओवर अयोध्या' किताब लिखी तो अंदाजा तो होगा कि आग लगेगी.
इस सवाल के जवाब में खुर्शीद ने कहा, 'आग तो लगी हुई है. जिसे बुझाना है. इसलिए किताब लिखी अगर लोगों को नहीं मालूम की सनराइज क्या होता है. तो मुझे बहुत कष्ट होगा. मैंने अंधकार की बात नहीं की, अगर हिंदू धर्म के लोगों को नहीं मालूम की शौर्य उदय क्या होता है. तो मुझे बहुत कष्ट होगा. मैनें सनसेट नहीं कहा. मैंने अंधकार की बात नहीं की. मैंने एक उम्मीद की बात कही. अगर उनमान ये है- लिफाफे पर क्या लिखा है. तो ये समझ लीजिए तो बात समझ आ जाएगी.'
उन्होंने कहा कि हिंदुत्व एक वे ऑफ लाइफ है. एक जीने की पद्धति है, लेकिन धर्म में परिवर्तन करना मुश्किल है. लेकिन वे ऑफ लाइफ में परिवर्तन हुए हैं. हो सकता है. देश में और विश्व में हुए हैं, इस्लाम में हुए हैं, क्रिश्चनिटी में हुए हैं, हिंदुत्व में भी लोग परिवर्तन कर रहे हैं, ये अच्छी बात नहीं है. हमने किताब में समान नहीं कहा सिमिलर कहा है. किस बात में परिवर्तन हो रहा है वो इस बात में हो रहा है कि उन्होंने भी किया है और इन्होंने भी किया है.
खुर्शीद ने आगे का कि अगर परिवर्तन धर्म की पद्धति में बुरा करता है तो उसकी बुराई करना उसे कहना मेरा कर्तव्य बनता है. मैं मानता हूं कि इस देश में हिंदू हो मुस्लिम हो, सिख हो, ईसाई हो हर धर्म की सुरक्षा करना, अपने से ऊपर रखना ये हमारा कर्तव्य है.
उन्होंने कहा कि मेरा इस किताब का लक्ष्य जोड़ने का है आपस में दूरी कम करने का है. मैं यहां पर आरोप प्रत्यारोप में जुड़ा रहा तो मैं एक वकील बन जाऊंगा उनका जो चाहते हैं कि हम ऐसा करते रहें. उन्होंने सवाल किया मेरे घर में आग जिसने लगाई क्या वो आईएस वाला था, वो बोको हराम वाला था. अगर वो हिंदुत्व का नहीं था...तो मेरा घर किसने जलाया ये जवाब दे दें.
इसके जवाब में मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि हिंदुत्व हिंदुस्तान की आत्म है. इसी संस्कृति का परिणाम है कि जब हिंदुस्तान बंटा तो दो देश बने हिंदुस्तान बना, पाकिस्तान बना. हिंदुस्तान की संसद में वसुधैव कुटुंबकम लिखा है. पाकिस्तान की ससद में क्या लिखा है आपको मालूम है. सनातनी धर्म का नतीजा है कि भारत धर्म निर्पेक्ष देश बना और पाकिस्तान इस्लामिक देश बना.
उन्होंने कहा कि हिंदुत्व की ताकत का नतीजा है कि हम अनेकता में एकता की बात करते हैं. जिस वक्त देश बंटा उस वक्त पाकिस्तान में 24 फीसदी अल्पसंख्यक रहते थे. आज 2 पर्सेंट हैं. हिंदुस्तान में 8 फीसदी थे जब बंटवारा हुआ. आज 22 फीसदी से ज्यादा हैं. यानी कि यहां पर हिंदुत्व ने समाज के किसी भी हिस्से को, संस्कृति से किसी को अलग होने नहीं दिया, जिसकी जो संस्कृति है वो फले फूले, जैसा की खुर्शीद जी कर रहे थे.
उन्होने आगे कहा कि अब दिक्तत ये है कि कांग्रेस की एक ही समस्या है कि ये एक एसी नॉन परफार्मिंग ऐसेट बन गई है इसलिए इस तरह की चीजें, इस तरह के शिगूफे छोड़े जा रहे हैं, जब अध्योध्या पर फैसला हुआ तो सबने स्वीकार किया. अयोध्या पर न जीत का जश्न मना, न हार का हाहाकार हुआ...यही हिंदुत्व है. और आज अयोध्या में मंदिर बन रहा है. ऐसे में अयोध्या पर कोई विवाद पैदा किया जा रहा है तो इसके पीछे सियासी मकसद हो सकता है.