नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में अपने काम करने के अनुभव को 9वें एजेंडा आजतक में साझा किया. उन्होंने कहा कि दोनों के कामकाज की तुलना करना मुश्किल है. दोनों के कामकाज करने के तौर-तरीकों में जमीन-आसमान का अंतर है.
मोदी सरकार ‘रिजल्ट ओरिएंटेड’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार एक रिजल्ट ओरएंटेड सरकार है. इस सरकार में तेजी से निर्णय होते हैं. मेरा पिछले 4 महीनों का जो अनुभव है वो ये बताता है कि ये सरकार प्रोडक्टिविटी पर ध्यान देती है. इसके लिए एक पूरा सिस्टम काम करता है.
मोदी सरकार में काम करना ‘सौभाग्य’
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि एक राजनेता और जनसेवक होने से पहले मैं निजी क्षेत्र में बैंकर के तौर पर काम कर चुका हूं. ऐसे में ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे इस तरह की रिजल्ट ओरिएंटेड और प्रोडक्टिविटी ड्रिवेन सरकार में काम करने का मौका मिला. ये मेरे लिए एक सुनहरा अवसर है.
Air India का निजीकरण सबसे हित में
सिंधिया ने उनके कामकाज संभालने के बाद हुए Air India के निजीकरण को सबके हित में बताया. उन्होंने कहा कि इससे एअर इंडिया का तो भला होगा ही, बल्कि जनता को भी एक अच्छा विकल्प मिलेगा. वहीं एविएशन सेक्टर में एक इसकी नई भूमिका तय होगी.
आम आदमी करे हवाई सफर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 30 से 40 साल पहले कुछ लोग ही विमान से सफर कर सकते थे. उड़ान योजना के तहत अब आम आदमी भी हवाई सफर कर रहा है. देश में हवाई अड्डा का जाल बिछाया जा रहा है. इसी कड़ी में बिहार के दरभंगा जैसे शहर में एयरपोर्ट बना, और लोग यहां से सफर कर रहे हैं. रिजनल कनेक्विटी से देश का विकास होगा.
तेजी से हवाई यात्रियों की संख्या में इजाफा
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि देश में हर साल करीब साढ़े 14 करोड़ लोग हवाई सफर करते हैं. जिसमें सालाना 10 फीसदी से बढ़ोतरी दर्ज की रही है. वहीं रेल से सालाना साढ़े 18 करोड़ (फर्स्ट और सेकंड एसी क्लास में) यात्री सफर करते हैं, रेल यात्रियों की संख्या में साढ़े 5 फीसदी की ग्रोथ देखी जा रही है. हवाई यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह कहते हैं कि आने वाले कुछ वर्षों में रेल से ज्यादा विमान से लोग सफर करेंगे.
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