Agenda Aajtak 2021: पीएम मोदी और सरकार किसानों को क्या-क्या नहीं समझा पाए? कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने इन सवालों के जवाब में जानिए क्या कहा.
किसानों को सरकार समझा नहीं पाई कि तीन कृषि कानून उनको किस तरह से फायदा पहुंचाने वाले थे. केवल यही एक बात नहीं है, जो किसानों सरकार नहीं समझा पाई, कई और भी मसले हैं, जिनके बारे में सरकार किसानों को समझा नहीं सकी. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने यह बातें एजेंडा आजतक के मंच पर कहीं.
पीएम मोदी और सरकार किसानों को क्या-क्या नहीं समझा पाए, इसके जवाब में कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने कहा कि प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन कृषि कानूनों को यह कहते हुए वापस लेने की घोषणा की हम किसानों को समझा नहीं पाए. सुरजेवाला ने कहा कि किसानों को ये भी नहीं समझा पाए कि किसान को मिलने वाला उचित मुआवजा कानून खत्म कर दिया गया. फसल बीमा योजना प्राइवेट बीमा कंपनी क्यों बना दी गई, ये तीन कृषि कानून क्यों लेकर आए.
'अच्छें दिनों की बात करके किसानों को कर्ज तले दबा दिया'
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि 2022 तक इनकम दोगुनी कर दूंगा, लेकिन हर किसान पर 74 हजार रुपया का कर्ज चढ़ गया. 58 प्रतिशत किसानों को एसएसपी नहीं दे रही, तो वो आंदोलन न करें तो क्या करें. उन्होंने कहा कि किसानों ने आंदोलन के माध्यम से एक अहंकारी सरकार को झुका दिया.
'कहां हुई किसानों की आय दोगुनी'
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि किसान ने साफ कहा है कि हमें एमएसपी का लाभ मिलना चाहिए. एक रिपोर्ट में मजदूर की प्रतिदिन की आय से भी कम आय होने की बात रिपोर्ट में कही गई है. ऐसे में आप किसान की आय दोगुनी कैसे करेंगे. आप तो उसके अच्छे दिन की बात कर रहे थे, वह भी आपने छीन लिए. उन्होंने कहा कि कड़वी सच्ची बात यही है कि किसान की आय दोगुनी नहीं कर पा रहे. आपने किसान की आय का बेहद कम कर दिया. किसान को 74000 रुपये के औसत कर्ज के नीचे दबा दिया. 78000 किसान आत्महत्या कर चुके हैं.
यह पूछने पर कि किसान आंदोलन में राहुल गांधी की क्या भूमिका रही. इस पर सुरजेवाला ने कहा कि याद करिए, किसानों की परेशानी को समझते हुए राहुल गांधी ने ट्रैक्टर यात्रा की थी, किसानों के साथ रात्रि विश्राम भी किया था. उन्होंने कहा कि किसानों ने जब यह समझा कि यह कानून वाकई में किसके हित में जाता है, जब यह उन्होंने आंदोलन शुरू किया था. किसानों की जागृति में, उस हवन में आहुति कांग्रेस और राहुल गांधी ने भी डाली थी.
'किसानों के हित में होना चाहिए कानून'
सुरजेवाला ने कहा कि किसान ने कब कहा था कि ये नए कृषि कानून लेकर आओ. 12 महीने तक उनके साथ देश की राजधानी में उनकी समस्याओं को समझा. उन्होंने कहा कि जिससे किसानों का हित हो, ऐसा कानून जरूर होना चाहिए.
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