Agenda AajTak Delhi: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी शुक्रवार को नई दिल्ली में 'एजेंडा आजतक' के नितिन गुड'करी' कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने राजनीतिक पार्टियों द्वारा फ्रीबीज दिए जाने के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बताया कि जब वह चुनाव मैदान में उतरते हैं तो उनका चुनावी एजेंडा क्या होता है?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने फ्रीबिज के भरोसे चुनाव जीतने के मॉडल को लेकर सवाल पर गडकरी ने कहा कि हम देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएं. इसका फायदा देश के नागरिकों को मिलता है. सबके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए, गांव में स्कूल होना चाहिए, हॉस्पिटल होना चाहिए. पानी मिलना चाहिए. इन चीजों से सुखांक बढ़ता है.
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नितिन गडकरी ने आगे कहा कि समस्या क्या है, एक पार्टी ने शुरू कर दिया बांटना तो सब करने लगे. अब यह सबको मिलकर सोचना होगा कि हमें लॉन्ग टर्म के लिए सोचना है या इसी तरह लोगों के खाते में मनीऑर्डर भेजते रहेंगे. उन्होंने कहा कि लोगों में सुधार होगा तो राजनीतिक दलों में सुधार होगा. गडकरी ने कहा कि आप ये राजनीतिक सवाल क्यों पूछते हो, क्योंकि टीआरपी मिलेगा.
सस्टेनेबल डेवलपमेंट से भी जीत सकते हैं चुनाव
नितिन गडकरी ने एक सवाल पर कहा कि सस्टेनेबल डेवलपमेंट करके भी चुनाव जीता जा सकता है. उन्होंने कहा कि मैं चुनाव में लोगों से स्पष्ट कहता था कि ये-ये करूंगा और ये-ये नहीं करूंगा. जो मुझे वोट देगा उसका भी काम करूंगा, जो नहीं देगा उसका भी करूंगा. सस्टेनेबल डेवलपमेंट अच्छी बात है. नितिन गडकरी ने कहा कि हमको भी लगता है कि केजरीवाल बोलते हैं एक हजार तो हम 1500 देंगे, वो बोलते हैं 1500 तो हम 2000 देंगे. जिसका भी माल मिल रहा है उसको रख लो. वोट सोचकर दो. फिर हम भी सुधर जाएंगे कि भाई ऐसे वोट नहीं मिलेगा.
समझदारी के साथ वोट दें, खुद सुधर जाएंगी पार्टियां
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की जनता विकास के लिए समझदारी के साथ अपना मत देना शुरू कर देगी तो राजनीतिक दल सुधर जाएंगे. फ्री बिज को लेकर कमेटी बनाने के फैसले पर गडकरी ने कहा कि सबसे बड़ा बदलाव जनता करती है. जनता की सोच में जब बदलाव होता है तो फिर किसी चीज की आवश्यकता नहीं रह जाती. लोग जब सरकार चुनकर देते हैं, तो फर्क आ जाता है.
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गडकरी ने बताया अपनी जीत का फॉर्मूला
नितिन गडकरी ने अपनी जीत के फॉर्मूले को लेकर कहा कि बहुत सी चीजें जो लोग चुनाव में करते हैं, मैंने नहीं किया. आपको देना है वोट तो दो लेकिन मैं ये नहीं करूंगा. उन्होंने कहा कि आदमी चुनकर नहीं आता तो मरता है क्या. नहीं करूंगा. महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा सभाएं हुईं और बहुत से लोग नाराज हुए. पूरे महाराष्ट्र में किसी पर टीका-टिप्पणी नहीं की. गडकरी ने बताया कि हमने सबसे कहा कि दो सौ लोग भी आएं तो चलेगा, बस-कार का खर्चा नहीं देना.
उन्होंने कहा कि खाओ पियो और आनंद लो चुनाव में. चार मिठाई खानी है तो खाओ, पर मिठाई तक ही मर्यादा होगी. और कुछ नहीं मिलेगा. नितिन गडकरी ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई ऐसे डॉक्टर हैं, जो विज्ञापन नहीं देते और उनकी डिस्पेंसरी पर लोगों की लाइन लगी रहती है. उन्होंने कहा कि कई रेस्टोरेंट गली में होते हैं, भीड़ रहती है. जनता को एजुकेट करने की जरूरत है.