महामारी बन चुके कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में लॉकडाउन है. इस बीच इंडिया टुडे ग्रुप के ई-एजेंडा आजतक कार्यक्रम में पूर्व आर्मी चीफ और सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री वीके सिंह ने वर्तमान परिस्थितियों पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा, लॉकडाउन में बंदिशों और छूट के बीच बैलेंस की जरूरत है. साथ ही उन्होंने कहा कि 200 प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ है. लॉकडाउन के कारण देर जरूर होगी लेकिन काम पूरे होंगे. इस मंच पर मोदी सरकार के 17 मंत्री कोरोना के हालात और उससे बाद की परिस्थितियों पर मंथन कर रहे हैं.
पूर्व आर्मी चीफ और सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री वीके सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी सभी से सलाह लेकर वर्तमान परिस्थितियों पर फैसले ले रहे हैं. मुझे असम की जिम्मेदारी मिली है. मैं असम के 33 जिलों के पदाधिकारियों से बात करके फीडबैक मोदी जी तक पहुंचाता हूं. सड़कें खुली हुई हैं. हमने 200 प्रोजेक्ट और शुरू कर दिए हैं. सबकुछ खोल देना या सबकुछ बंद कर देना गलत होगा. क्योंकि इन दोनों ही परिस्थितियों में नुकसान होगा.
e-एजेंडा की लाइव कवरेज यहां देखें
ट्रकों के संचालन पर उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा पर सभी को जानकारी दी गई है कि किस परिस्थिति में क्या करना है. ट्रक को किस प्रकार चलाना है इस बात की भी जानकारी दी गई है. केंद्र की सरकार सभी राज्यों को इस महामारी के खिलाफ साथ लेकर चल रही है.
हमारे निर्धारित लक्ष्यों की समय अवधि बढ़ गई है. जैसे यूपी गेट से डासना तक बन रहे 16 लेन के मार्ग को लेकर आशा थी कि जून तक खुल जाएगा. लेकिन अब उसमें दो महीने और लगेंगे. लॉकडाउन के कारण थोड़ी देरी होगी. 200 प्रोजेक्ट के ऊपर काम शुरू हुआ है.
eAgenda Live: कृषि मंत्री तोमर बोले- गांव, गरीब, किसान लॉकडाउन में भी मोदी सरकार की प्राथमिकता
दो साल में 15 लाख करोड़ के हाईवे बनाने के लक्ष्य पर उन्होंने कहा, मंत्रालय अच्छे तरीके से काम कर रहा है. अगर हम इसे अच्छे तरीके से चलाएं तो थोड़ी देरी हो सकती है लेकिन काम जरूर होगा. अर्थव्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि हमलोग कोशिश कर रहे हैं कि जो हमारा हिस्सा है जीडीपी के अंदर, सड़क बनाने में और ट्रांसपोर्ट को सुचारू बनाने में हम लगे हुए हैं. हमारी कोशिश है कि इस काम से आर्थिक स्थिति को सही करने में मदद पहुंचे.
उन्होंने कहा, जैसे-जैसे उद्योग शुरू हो रहे हैं वैसे वैसे हम कोशिश कर रहे हैं कि उनकी जरूरतों को पूरा कर सकें. ताकि अर्थव्यवस्था में मदद मिले.
e-एजेंडा की पूरी कवरेज यहां देखें
उन्होंने कहा, 100 पहले जब यूरोप में महामारी फैली थी उस समय जिन देशों ने संयम बरता वो ही लड़ पाए और खड़े हो पाए. जिस प्रकार हमारे प्रधानमंत्री हमारे इस पर एक्सपर्ट से राय लेकर और जमीनी हालत पर काम कर रहे लोगों सलाह लेकर जिस प्रकार आगे बढ़ रहे हैं, वो पूर्ण रूप से भरोसेमंद स्थिति है. जिस प्रकार योजनाएं बन रही हैं उस स्थिति में भारत विजयी होकर जरूर निकलेगा.