वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने उम्मीद जताई कि प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) वर्ष 2013.14 से लागू हो जाएगी.
बजट के बाद उद्योग जगत के लोगों के साथ एक बातचीत में उन्होंने कहा कि डीटीसी कानून 2012.13 में प्रस्तुत कर दिया जाएगा, लेकिन ‘इसके अगले साल से यह लागू होगा.’ भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली वित्त पर स्थायी समिति ने डीटीसी विधेयक की समीक्षा की है और नौ मार्च को समिति ने रिपोर्ट सौंप दी है.
डीटीसी में समिति द्वारा सुझाए गए बदलावों पर मुखर्जी ने कहा कि दो सिफारिशें, जनरल एंटी एवायडेंस रूल (जीएएआर) और एडवांस प्राइसिंग एग्रिमेंट (एपीए) का प्रस्ताव पहले ही बजट 2012 में किया जा चुका है.
डीटीसी आधी सदी से अधिक पुराने आयकर कानून, 1961 का स्थान लेगा. प्रस्तावित जीएसटी पर वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार नयी अप्रत्यक्ष कर प्रणाली के लिए एक आदर्श कानून पर काम कर रही है.
उन्होंने कहा, ‘जहां तक जीएसटी पर प्रगति का संबंध है, मैं आपको बता सकता हूं कि हम केवल आदर्श कानून पर काम कर रहे हैं.’ उन्होंने इसे जल्द लागू करने के लिए राजनीतिक तौर पर आम सहमति बनाए जाने पर जोर दिया.