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AIIMS में सर्वर हैकिंग, 200 करोड़ की फिरौती की मांग और 4 करोड़ मरीजों के हेल्थ डेटा की सिक्योरिटी पर उठे सवाल, समझें पूरा मामला

एम्स दिल्ली का सर्वर अब तक डाउन है. लगभग एक हफ्ते होने वाले हैं और सर्वर पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाया है. इस बीच बताया जा रहा है कि हैकरों ने 200 करोड़ रुपये की फिरौती भी मांगी है. हालांकि, पुलिस ने इस बात से इनकार किया है. बहरहाल, सर्वर ठीक होने में अभी पांच दिन का समय और लग सकता है.

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दिल्ली एम्स में सर्वर डाउन होने से सारे काम मैनुअली हो रहे हैं. (फाइल फोटो-PTI)
दिल्ली एम्स में सर्वर डाउन होने से सारे काम मैनुअली हो रहे हैं. (फाइल फोटो-PTI)

राजधानी दिल्ली में स्थित एम्स में साइबर संकट खड़ा हो गया है. करीब एक हफ्ते से यहां का सर्वर डाउन है. एम्स का सर्वर कैसे हैक हुआ? इसकी जांच के लिए कई सुरक्षा एजेंसियां जुटी हुईं हैं. हालांकि, अब तक सर्वर ठीक नहीं हो पाया है.

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ऐसा भी कहा जा रहा है कि हैकर्स ने 200 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है. हालांकि, पुलिस ने इससे इनकार किया है. एम्स का सर्वर हैक होने पर डेटा सिक्योरिटी पर भी सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि इसके सर्वर में नामचीन हस्तियों का डेटा मौजूद है.

कब से है सर्वर डाउन?

- 23 नवंबर की सुबह 7 बजे से. 24 घंटे बाद भी सर्वर ठीक नहीं हो पाने के बाद एम्स के अफसरों ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया.

- एम्स की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. इस मामले को दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटजिक ऑपरेशन (IFSO) यूनिट को सौंप दिया है.

- न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इंडिया कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-IN), दिल्ली पुलिस, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और गृह मंत्रालय मामले की जांच कर रहे हैं.

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- एम्स में काम कर रही नेशनल इन्फोर्मेटिक्स सेंटर (NIC) की टीम ने रैनसमवेयर अटैक की आशंका जताई है. हालांकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है. एम्स का सर्वर NIC की टीम ही संभालती है.

200 करोड़ की फिरौती का क्या है मामला?

- ऐसी बातें कही जा रहीं हैं कि हैकरों ने एम्स से 200 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है. फिरौती की ये रकम क्रिप्टोकरंसी में मांगी गई है. न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि हैकरों ने 200 करोड़ की फिरौती मांगी है.

- हालांकि, दिल्ली पुलिस ने फिरौती मांगने की बात से इनकार किया है. पुलिस का कहना है कि फिरौती नहीं मांगी गई है. एम्स की ओर से भी इसे लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है.

सर्वर डाउन कितनी चिंता की बात?

- एम्स दिल्ली का सबसे प्रतिष्ठित अस्पताल है. यहां नामचीन हस्तियों का मेडिकल रिकॉर्ड और डेटा है. इसमें पूर्व प्रधानमंत्रियों, मंत्रियों, ब्यूरोक्रेट्स और वीआईपी का डेटा है.

- लगभग एक हफ्ते से सर्वर डाउन रहने की वजह से 3 से 4 करोड़ लोगों का डेटा लीक होने का खतरा भी बढ़ गया है. 

एम्स ने क्या किया?

- सर्वर डाउन होने के 24 घंटे बाद एम्स ने केस दर्ज करवा दिया है. दिल्ली पुलिस समेत राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं.

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- आधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि जांच एजेंसियों की सलाह पर कम्प्यूटर से इंटरनेट का कनेक्शन काट दिया गया है. सारे काम मैनुअली ही किए जा रहे हैं.

- इस बीच e-हॉस्पिटल के लिए NIC का e-हॉस्पिटल डेटाबेस और एप्लीकेशन सर्वर को बहाल कर दिया गया है. NIC की टीम एम्स में स्थित दूसरे e-हॉस्पिटल डेटाबेस को स्कैन कर रही है. इसके लिए चार फिजिकल सर्वर का इंतजाम किया गया है.

- कम्प्यूटर और सर्वरों में एंटीवायरस को इंस्टॉल किया जा रहा है. अब तक 5 हजार में से 1200 कम्प्यूटरों में एंटीवायरस डाला जा चका है. साथ ही 50 में से 20 सर्वरों को स्कैन किया जा चुका है.

कब तक ठीक होगी ये समस्या?

- सर्वर डाउन होने की वजह से ई-हॉस्पिटल की सुविधा बाधित हो गई है. इमरजेंसी, आउट पेंशन, इन पेशेंट और लैब समेत सारी सेवाएं मैनुअली काम कर रहीं हैं.

- दिल्ली एम्स ने एक बयान जारी कर बताया है कि सर्वरों की स्कैनिंग का काम चौबीसों घंटे चल रहा है. हालांकि, सर्वर पूरी तरह से ठीक होने में पांच दिन का समय और लग सकता है.

 

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