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Bird Flu Outbreak: केरल से लंदन तक बर्ड फ्लू का खौफ... क्या आप भी हो सकते हैं संक्रमित? जानें क्या सावधानी जरूरी

केरल से लंदन तक बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है. केरल में 15 हजार पक्षियों को मारा जा चुका है. इंग्लैंड में भी पोल्ट्री फार्म के मालिकों को अपने पक्षी अंदर ही रखने को कहा है. बर्ड फ्लू से इंसानों के संक्रमित होने खतरा कम है, लेकिन संक्रमित होने पर मौत का खतरा ज्यादा रहता है.

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बर्ड फ्लू के कारण केरल में मांस-अंडों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. (फाइल फोटो-PTI)
बर्ड फ्लू के कारण केरल में मांस-अंडों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. (फाइल फोटो-PTI)

Bird Flu Outbreak: केरल में 20 हजार से ज्यादा पक्षियों को मारने का आदेश दिया जा चुका है. तो वहीं इंग्लैंड में भी सरकार ने पोल्ट्री फार्मों और पक्षी पालने वालों को भी कह दिया है कि वो 7 नवंबर से अपने पक्षियों को अंदर ही रखें. ये इसलिए क्योंकि कोरोना के बाद अब बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है. 

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भारत में अभी केरल में बर्ड फ्लू का खतरा सबसे ज्यादा है. यहां के अलप्पुझा जिले के हरिपद नगर पालिका में कई पक्षियों की मौत के बाद प्रशासन ने 20,471 बत्तखों को मारने का आदेश दिया है. इतना ही नहीं, कलेक्टर ने बत्तख, मुर्गी, बटेर समेत घरेलू पक्षियों के अंडे और मांस को खाने और बेचने पर भी रोक लगा दी है. ये सब इसलिए किया जा रहा है ताकि बर्ड फ्लू को फैलने से रोका जा सके.

केरल में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ता देख केंद्र सरकार भी अलर्ट पर है. दो दिन पहले ही केंद्र सरकार ने एक हाईलेवल टीम अलप्पुझा भेजी है. केंद्र की टीम को जिला कलेक्टर वीआर कृष्णा ने बताया कि 15 हजार से ज्यादा बत्तखों को मारा जा चुका है.

इंग्लैंड में भी सरकार ने सभी पोल्ट्री फार्मों और पक्षी पालने वालों को 7 नवंबर से अपने पक्षी अंदर ही रखने को कहा है. सरकार का कहना है कि घर में रहने वाले पक्षियों में बर्ड फ्लू का खतरा कम है, इसलिए उनकी सलामती के लिए अंदर ही रखा जाए.

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क्या है ये बर्ड फ्लू?

- बर्ड फ्लू को एवियन इन्फ्लुएंजा भी कहते हैं, जो एक वायरल इन्फेक्शन है. ये पक्षियों से पक्षियों में फैलता है और ज्यादातर पक्षियों के लिए जानलेवा भी साबित होता है.

- अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (CDC) के मुताबिक, बर्ड फ्लू आमतौर पर जंगली पक्षियों के जरिए पालतू पक्षियों में फैलता है. सीडीसी का कहना है कि ये वायरस पक्षियों की आंतों या श्वसन तंत्र पर हमला करता है और उन्हें बीमार कर देता है. कई मामलों में इससे पक्षियों की मौत भी हो जाती है.

- ये वायरस भी आम वायरस की तरह ही फैलता है. सीडीसी का कहना है कि संक्रमित पक्षी की लार, नाक से निकलने वाला लिक्विड या मल के जरिए वायरस फैल सकता है. ऐसे में जब दूसरा पक्षी इससे संपर्क में आता है, तो वो भी संक्रमित हो सकता है.

क्या इंसानों में भी फैल सकता है ये वायरस?

- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, बर्ड फ्लू या एवियन फ्लू A टाइप का इन्फ्लुएंजा वायरस है, जो इंसानों के साथ-साथ जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है. जब कोई इंसान किसी संक्रमित पक्षी से सीधे तौर पर संपर्क में आता है तो उसके भी बर्ड फ्लू से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है. 

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- सीडीसी के मुताबिक, अभी तक इंसानों के बर्ड फ्लू से संक्रमित होने के मामले कम ही सामने आए हैं. लेकिन इंसान भी बर्ड फ्लू से संक्रमित हो सकते हैं. 

- सीडीसी का कहना है कि जब कोई व्यक्ति बर्ड फ्लू से संक्रमित होता है तो उसे हल्की या फिर गंभीर बीमारी भी हो सकती है. बर्ड फ्लू का सबसे खतरनाक वायरस H5N1 होता है. H5N1 से संक्रमित होने पर ज्यादातर लोगों की मौत हो जाती है.

- अगर वायरस हवा में मौजूद है तो वहां सांस लेने से भी कोई व्यक्ति बर्ड फ्लू से संक्रमित हो सकता है. इसके अलावा आंख, नाक या मुंह के जरिए भी वायरस शरीर में जा सकता है. इतना ही नहीं, अगर कोई व्यक्ति किसी संक्रमित जगह को छूता है, तो उससे भी वायरस फैलने का खतरा बढ़ जाता है.

- WHO के मुताबिक, 1997 में पहली बार किसी व्यक्ति के बर्ड फ्लू (H5N1) से संक्रमित होने का मामला सामने आया ता. ये मामला हांगकांग में आया था. 2003 के बाद से अब तक एशिया, यूरोप और अफ्रीका में इंसानों के भी बर्ड फ्लू से संक्रमित होने के मामले सामने आते रहे हैं.

क्या इंसान से इंसान में फैल सकता है?

- सीडीसी के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति बर्ड फ्लू से संक्रमित है तो उसके जरिए दूसरे व्यक्ति का संक्रमित होना बेहद दुर्लभ है. ऐसा बहुत ही कम होता है जब किसी व्यक्ति से दूसरा व्यक्ति भी बर्ड फ्लू से संक्रमित हो. 

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- अगर कोई इंसान बर्ड फ्लू से संक्रमित भी है तो वो इसका संक्रमण ज्यादा नहीं फैला सकता है, यानी ज्यादा लोगों को संक्रमित नहीं कर सकता. हालांकि, बर्ड फ्लू का वायरस तेजी से म्यूटेट होता है इसलिए इसके लोगों के बीच आसानी से फैलने की क्षमता भी है. 

- पोल्ट्री फार्म या स्लॉटर हाउस के आसपास रहने वाले लोगों के बर्ड फ्लू से संक्रमित होने का सबसे ज्यादा खतरा है. 

इसके लक्षण क्या हैं?

- अगर कोई व्यक्ति बर्ड फ्लू से संक्रमित हो गया है तो उसमें हल्के से लेकर गंभीर लक्षण भी दिख सकते हैं. हल्के लक्षणों में दस्त, नजला, उल्टी शामिल हैं.

- संक्रमित लोगों को बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, मांसपेशियां या शरीर में दर्द, सिरदर्द, थकान, सांस लेने में तकलीफ हो सकती है.

- वहीं, गंभीर लक्षणों में तेज बुखार या निमोनिया भी हो सकता है, जिससे मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है. कई मामलों में मौत भी हो सकती है.

क्या सावधानी बरतने की जरूरत?

- छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर बर्ड फ्लू से संक्रमित होने से बचा जा सकता है. केरल में अलप्पुझा में प्रशासन ने पक्षियों के अंडे और मांस के खाने और बिक्री पर रोक लगा दी है. प्रशासन ने लोगों से भी सतर्क रहने को कहा है, क्योंकि इंसानों में भी वायरस फैलने का डर है.

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- WHO के मुताबिक, वायरस से बचने के लिए बार-बार हाथ धोते रहना चाहिए, खांसते या छींकते समय नाक और मुंह को ढककर रखना चाहिए, बीमार होने या लक्षण दिखने पर आइसोलेट हो जाना चाहिए या बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना चाहिए और आंख, नाक या मुंह को बार-बार छूने से बचना चाहिए.

- इसके अलावा पोल्ट्री फार्म, पोल्ट्री मार्केट या फिर ऐसी जगहों में जाने से बचना चाहिए जहां पक्षियों का काटा जाता हो. 

 

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