देश के नए और दूसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों को थिएटर कमांड (Theatre Command) पर आगे बढ़ने का निर्देश दिया है. जानकारी के मुताबिक, जनरल चौहान ने तीनों सेनाओं को थिएटर कमांड पर काम करने को कहा है. माना जा रहा है कि इसके लिए आने वाले समय में कुछ अहम बैठकें हो सकतीं हैं.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसी साल जुलाई में तीनों सेनाओं के ज्वॉइंट थिएटर कमांड सेटअप करने की घोषणा की थी.
देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत थिएटर कमांड पर काम कर रहे थे. 31 दिसंबर 2019 को जब जनरल बिपिन रावत ने सीडीएस का पद संभाला था, तब उनका सबसे बड़ा काम तीनों सेनाओं में तालमेल बैठाने का था. इसके साथ ही उन्हें तीन साल के भीतर थिएटर कमांड बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. पिछले साल दिसंबर में हेलिकॉप्टर क्रैश में जनरल बिपन रावत का निधन हो गया था.
लेकिन ये थिएटर कमांड होता क्या है? काम कैसे करता है? इसकी जरूरत क्यों है? जानते हैं सभी जरूरी सवालों के जवाब...
थिएटर कमांड का मतलब क्या?
- थिएटर कमांड का मकसद भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तीनों सेनाओं को एक छत के नीचे लाना है.
- जनरल बिपिन रावत चार नए थिएटर कमांड बनाने पर काम कर रहे थे. वो जिस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, वो चीन और पाकिस्तान से आने वाले खतरों से निपटने में अहम रोल निभाता.
- थिएटर कमांड का सबसे सही इस्तेमाल युद्ध के समय ही होता है. थिएटर कमांड से तीनों सेना प्रमुखों के बीच बेहतर तालमेल होता है. इससे दुश्मन पर अचूक वार करना आसान हो जाता है. इतना ही नहीं, तीनों सेनाओं के संसाधनों और हथियारों का इस्तेमाल एक साथ किया जा सकता है.
थिएटर कमांड की जरूरत क्यों?
- 1999 भारत और पाकिस्तान ने एक जंग लड़ी थी. ये जंग कारगिल में हुई थी. इस जंग के बाद बनी समितियों ने थिएटर कमांड और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पद बनाने का सुझाव दिया था.
- 15 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि जिस तरह से युद्ध के रंग-रूप और दायरे बदल रहे हैं और टेक्नोलॉजी की भूमिका बढ़ रही है, उस कारण टुकड़ों में सोचने से काम नहीं चलेगा. देश की पूरी सैन्यशक्ति को एकजुट होकर एकसाथ आगे बढ़ना होगा.
- पीएम मोदी ने कहा था, ऐसे काम नहीं चलेगा कि एक सेना आगे रहे, दूसरी दो कदम पीछे और तीसरी तीन कदम पीछे. तीनों सेनाओं को एक साथ एक ही ऊंचाई पर आगे बढ़ना चाहिए और दुनिया में बदलते युद्ध और सुरक्षा के माहौल के अनुरूप उनमें अच्छा समन्वय होना चाहिए.
- अभी देश में करीब 15 लाख सशक्त सैन्य बल हैं. इन्हें एकजुट करने के लिए थिएटर कमांड की जरूरत है. थिएटर कमांड का एक फायदा ये भी होगा कि इससे सेना के आधुनिकीकरण का खर्च कम होगा. किसी भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ एक सेना नहीं करेगी, बल्कि उस कमांड के अंदर आने वाले सभी सैन्य बलों को इसका फायदा होगा.
- जनरल बिपिन रावत 4 नए थिएटर कमांड पर काम कर रहे थे. जून 2021 में आजतक को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि समुद्री सीमाएं बहुत बड़ी हैं और एलएसी की सीमा अनसुलझी हैं. इसलिए हमने लैंड बेस्ट कमांड तैयार किया है. उन्होंने बताया था कि 2022 तक थिएटर कमांड बन जाएगी और पूर्वी और पश्चिमी कमांड पर ध्यान दिया जाएगा.
देश में अभी 17 कमांड्स हैं
- देश में अभी तीनों सेनाओं की अलग-अलग 17 कमांड्स हैं. इनमें 7-7 कमांड्स थल सेना और वायुसेना के पास हैं तो 3 नौसेना के पास.
- देश में अभी सिर्फ एक ही थिएटर कमांड है. इसकी स्थापना 2001 में अंडमान निकोबार में की गई थी.
- इनके अलावा एक स्ट्रैटजिक फोर्सेस कमांड है जो परमाणु हथियारों को सुरक्षा देता है और उसे संभालता है.
ये 4 थिएटर कमांड बन सकतीं हैं...
1. पश्चिमी थिएटर कमांडः इसके तहत पाकिस्तान की सीमा से सटे पंजाब, राजस्थान और गुजरात का कच्छ इलाका आएगा. अभी इस क्षेत्र की रखवाली पश्चिमी, दक्षिणी-पश्चिमी और दक्षिणी कमांड कर रही है.
2. उत्तरी थिएटर कमांडः जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पहाड़ी इलाका आएगा. इस कमांड से पाकिस्तान और चीन पर नजर रखी जाएगी. अभी ये उत्तरी कमांड के तहत आता है.
3. पूर्वी थिएटर कमांडः पूर्वोत्तर से सटे चीन, बांग्लादेश और म्यांमार की सीमाओं के निगरानी के लिए बनाया जाएगा. अभी इन इलाकों को सेना और वायुसेना की पूर्वी कमांड देख रही है.
4. दक्षिणी थिएटर कमांडः तीनों तट- पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी की रक्षा करेगा. अभी ये नौसेना और वायुसेना की कमांड में आता है. अंडमान का थिएटर कमांड भी इसी के तहत आएगा.
अमेरिका के पास 11 थिएटर कमांड्स हैं
अमेरिका में अभी कुल मिलाकर 11 थिएटर कमांड्स हैं. इनमें से 6 पूरी दुनिया को कवर करते हैं. वहीं, चीन के पास भी 5 थिएटर कमांड्स हैं. चीन भारत को अपने पश्चिमी थिएटर कमांड के जरिए हैंडल करता है. इसी कमांड से वो भारत चीन सीमा पर निगरानी रखवाता है. रूस के पास भी 4 थिएटर कमांड्स हैं.