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फिर डराने लगा कोरोना... 13 राज्यों में मिला नया सब-वैरिएंट XBB.1.16.1, जानें सबकुछ

कोरोना की रफ्तार एक बार फिर डराने लगी है. 24 घंटे में देशभर में कोरोना के करीब आठ हजार नए मामले सामने आए हैं. इस बीच ओमिक्रॉन का एक और नया सब-वैरिएंट XBB.1.16.1 मिला है. ऐसे में जानिए ये सब-वैरिएंट क्या है और कितना खतरनाक है?

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देश में कोरोना के मामलों में तेजी आने लगी है. (फाइल फोटो-PTI)
देश में कोरोना के मामलों में तेजी आने लगी है. (फाइल फोटो-PTI)

कोरोना जाते-जाते एक बार फिर लौटने लगा है. कई महीनों से कोरोना के नए मामलों में कमी आ रही थी, लेकिन बीते कुछ हफ्तों से संक्रमण फिर बढ़ने लगा है.

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स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, बीते 24 घंटे में देशभर में कोरोना के 7,830 नए मामले सामने आए हैं. 233 दिन बाद ऐसा हुआ है जब इतने ज्यादा मामले सामने आए हैं. इससे पहले पिछले साल 1 सितंबर को कोरोना के 7,946 मामले सामने आए थे. 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मंगलवार को देशभर में 16 लोगों की मौत कोरोना से हो गई. वहीं, संक्रमण दर भी 3.65 फीसदी पर आ गई है. 

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच ही एक डराने वाली बात ये भी सामने आई है कि ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट XBB.1.16 में म्यूटेशन हो गया है. अब इसका एक और नया सब-वैरिएंट XBB.1.16.1 सामने आ गया है.

कहां मिला XBB.1.16.1?

- भारत में कोरोना के मामलों की जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए (INSACOG) है. इसने बताया कि म्यूटेटेड सब-वैरिएंट XBB.1.16.1 के 234 मामले सामने आए हैं.

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- INSACOG के मुताबिक, इस नए सब-वैरिएंट के मामले दिल्ली, गुजरात और हरियाणा समेत 13 राज्यों में मामले सामने आए हैं.

क्या है XBB.1.16.1?

- हर वायरस म्यूटेट होता है. म्यूटेशन के कारण ही इसके नए-नए वैरिएंट सामने आते हैं. अभी भारत में कोरोना के जो मामले बढ़ रहे हैं, उसके लिए ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट XBB.1.16 को जिम्मेदार माना जा रहा है. 

- XBB.1.16.1 सब-वैरिएंट XBB.1.16 का ही म्यूटेटेड वर्जन है. INSACOG के मुताबिक, देश के 22 राज्यों में 1 हजार 744 सैम्पल में XBB.1.16 सब-वैरिएंट मिला है. 

कितना खतरनाक है XBB.1.16.1?

- अभी तक फिलहाल इस बात के सबूत नहीं मिले हैं कि XBB.1.16.1 ज्यादा गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है या नहीं. 

- पिछले साल ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट XBB सामने आया था. इसी में म्यूटेशन की वजह से XBB.1.16 और XBB.1.16.1 निकलकर आए हैं.

- भारत में ही अब तक ओमिक्रॉन के 400 से ज्यादा सब-वैरिएंट सामने आ चुके हैं. इनमें से 90 फीसदी XBB हैं.

क्या कोई अलग लक्षण हैं?

- INSACOG ने बताया कि भारत में अभी कोरोना के जितने मामले सामने आ रहे हैं, उनमें से 38.2 फीसदी मामले XBB.1.16 सब-वैरिएंट के हैं.

- XBB.1.16 के लक्षण भी ओमिक्रॉन के बाकी सब-वैरिएंट्स की तरह ही हैं. इसके लक्षणों में भी बुखार, सर्दी-खांसी, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, पेट में दर्द और दस्त शामिल हैं. 

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- हालांकि, राहत की बात ये है कि ये ज्यादा गंभीर नहीं है. ज्यादातर मरीजों का इलाज घर पर ही किया जा सकता है और केवल गंभीर स्थिति में ही अस्पताल जाने की जरूरत पड़ रही है.

क्या नई लहर आने वाली है?

-  कोरोना के मामले जब एक बार फिर से बढ़ने लगे हैं तो इस बात की आशंका भी बढ़ गई है कि क्या फिर से नई लहर आने वाली है? हालांकि, इस बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता.

- मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है. उनका मानना है कि मामले भले ही बढ़ रहे हैं लेकिन मौतों की संख्या और अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या नहीं बढ़ रही है.

तो क्या डरने की जरूरत नहीं?

- गंभीर नहीं है तो इसका मतलब ये नहीं आप बेफिक्र हो जाएं. दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल के सीनियर पीडियाट्रिशियन डॉ. धीरेन गुप्ता ने न्यूज एजेंसी को बताया कि XBB.1.16 सब-वैरिएंट से संक्रमण तेजी से फैल रहा है.

- उन्होंने बताया कि ये सब-वैरिएंट इम्युन सिस्टम को चकमा देने में सक्षम है. डॉ. गुप्ता के मुताबिक, अगर आप पहले कोविड से संक्रमित हुए हैं या वैक्सीनेटेड हैं तब भी आप इस सब-वैरिएंट से संक्रमित हो सकते हैं.

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- उन्होंने बताया कि बीते कुछ हफ्तों से भारत में कोरोना के मामलों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है और इसकी वजह XBB.1.16 है. इस सब-वैरिएंट की वजह से 12 साल से कम उम्र के बच्चों में भी संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं.

फिर क्या सावधानी बरतने की जरूरत?

- एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही अभी घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानियां बरती जानी चाहिए. उनका मानना है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की जरूरत है.

- इसके अलावा अगर आपने अभी तक कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज नहीं ली है तो वो भी लगवा लेनी चाहिए. फेस मास्क भी पहनकर रखना चाहिए.

- इसके साथ ही अगर आपको सर्दी-खांसी या जुकाम के अलावा फ्लू जैसे लक्षण भी दिख रहे हैं तो भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए. 

 

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