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अमेरिकन ओलिगार्की का पहला शिकार बनेगा टिकटॉक? समझें कैसे 4 स्टेप में ट्रंप ने मस्क के हवाले कर दिया

ट्विटर के बाद एलन मस्क एक और भारी-भरकम डील करने जा रहे हैं. ट्रंप ने इशारा किया है कि टेस्ला सीईओ एलन मस्क चर्चित चाइनीज वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म टिकटॉक को खरीद सकते हैं. अमेरिका की ये डील बाइडेन के उस संकट की ओर इशारा है जब उन्होंने कहा था कि अमेरिका में कुछ 'आलिगार्क' कब्जा जमाते जा रहे हैं.

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टिकटॉक को खरीदेंगे एलन मस्क.
टिकटॉक को खरीदेंगे एलन मस्क.

लड़के-लड़कियों के बीच दीवानगी की हद तक लोकप्रिय टिकटॉक एप को जल्द ही धनवान और अभिजात्य अमेरिकी मालिक मिल सकता है. ये मालिक कोई और नहीं बल्कि अमेरिकी ओलिगार्क एलन मस्क हैं. अगर ओलिगार्क शब्द आपको एकबारगी समझ में नहीं आ रहा है तो हम आपको समझाते हैं. अपने विदाई भाषण में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि अमेरिका में ओलिगार्क तंत्र आकार ले रहा है.

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बाइडेन ने कहा था कि “अमेरिका में अत्यधिक धन, शक्ति और प्रभाव वाला एक ओलिगार्क (कुलीनतंत्र) आकार ले रहा है जो सचमुच में हमारे संपूर्ण लोकतंत्र के लिए खतरा है”.

बाइडेन की टिप्पणी इस बात की ओर इशारा थी कि राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में पब्लिक पॉलिसी को आकार देने वाले, उसे एग्जीक्यूट करने वाली एजेंसी, जनता द्वारा चुनी हुई सरकार नहीं होगी, बल्कि ये काम अल्ट्रा रीच (धनवान अभिजात्य) वर्ग के लोग करेंगे. 

अमेरिकी ओलिगार्की का पहला शिकार

अमेरिका में टिकटॉक पर स्वामित्व का विवाद जिस ओर जा रहा है उससे यही स्पष्ट हो रहा है कि खरबों रुपये की कीमत वाला ये चाइनीज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अमेरिकी ओलिगार्की का पहला शिकार होने जा रहा है. 

अगर परिभाषा के अर्थ में देखें तो ओलिगार्क का अर्थ सरकार का वो रूप है जिसमें राजनीतिक शक्ति मुख्य रूप से धनवान अभिजात्य वर्ग के हाथों में होती है. यह कुलीन वर्ग पूरी आबादी का एक अत्यंत छोटा सा हिस्सा होता है और वे इस राजनीतिक शक्ति का प्रयोग अपने ही वर्ग की हितरक्षा के लिये करते हैं. बाइडेन ने अपने विदाई भाषण में इसी खतरे की ओर आगाह किया था. 

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अब अमेरिका में टिकटॉक की कहानी पर नजर डालते हैं. जिस टिकटॉक के अमेरिका में 17 करोड़ एक्टिव यूजर्स है वहां कई घंटों से ये वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म एप्पल और एंड्रायड पर उपलब्ध नहीं है. 

ट्रंप ने टिकटॉक को दिया 75 दिनों का समय

दरअसल अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद टिकटॉक को यूएसए में बैन कर दिया गया है. लेकिन अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टिकटॉक के लिए राहत लेकर आए हैं. राष्ट्रपति बनते ही ट्रंप ने टिकटॉक को 75 दिनों का समय दे दिया है. इन 75 दिनों में टिकटॉक को एक अमेरिकी मालिक खोजना होगा. 

यह भी पढ़ें: टिकटॉक: चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी का प्रोपेगेंडा हथियार या खालिस मनोरंजन का औजार!

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में जो बाइडेन प्रशासन ने साबित किया था कि टिकटॉक अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो सकता है. इसके बाद इस एप पर अमेरिका में प्रतिबंध लगाया गया था. 

इस बीच मंगलवार को डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर एलन मस्क चाहते हैं तो वे टिकटॉक को खरीद सकते हैं. वाशिंगटन डीसी में ट्रंप से एक पत्रकार ने सवाल किया, "क्या आप एलन मस्क द्वारा टिकटॉक खरीदने के लिए तैयार हैं?"

मस्क खरीद सकते हैं टिकटॉक

इसके जवाब में राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ साफ कहा, "अगर वह इसे खरीदना चाहे तो कर सकते हैं, हां, मैं भी इसे खरीदना चाहूंगा. मुझे इस डील में जाने का अधिकार है."

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ट्रंप ने इस संभावित डील पर विस्तार से अपनी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा, "मैं TikTok के मालिकों, जो बड़े लोग हैं, से मिला हूं, अगर इसे परमिट नहीं मिलता है तो यह बेकार है. परमिट के साथ, इसकी कीमत ट्रिलियन डॉलर के बराबर है."

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के संदर्भ में ट्रंप ने कहा कि वे किसी से यह कहने के बारे में सोच रहे हैं कि इसे खरीदें और आधा संयुक्त राज्य अमेरिका को दे दें. इसके बाद उसे अमेरिका में ऑपरेट करने के लिए इजाजत मिल जाएगी. और बतौर पार्टनर उसके साथ संयुक्त राज्य अमेरिका जैसा पार्टनर भी होगा. 

टिकटॉक के प्रति नरम हैं ट्रंप

पत्रकारों के साथ बातचीत में ट्रंप ने टिकटॉक को लेकर नरमी भी दिखाई. उन्होंने कहा कि वैसे मेरी दूसरी जीत में युवाओं के वोट का बड़ा योगदान है.  मुझे लगता है कि मैंने इसे टिकटॉक के माध्यम से जीता है, इसलिए मेरे दिल में TikTok के लिए एक नर्म जगह है."

दरअसल ट्रंप ने खुद भी चुनाव के दौरान टिकटॉक पर अकाउंट बनाया था और इस पर चुनाव प्रचार के वीडियो डाले थे. जून 2024 में ट्रंप ने टिकटॉक पर एंट्री ली और अपने वीडियो डाले. 

इन वीडियोज को लाखों करोडों व्यूज मिले. जब अमेरिका में टिकटॉक को सेंसर करने की चर्चा हो रही थी तभी से इस बात के अंदाजे लगाये जा रहे थे कि ट्रंप टिकटॉक को लेकर नरमी दिखा सकते हैं. 

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टाइमलाइन से समझिए 'टेकओवर' की पॉलिटिक्स

अब समझिए कि कैसे 4 फेज में अमेरिका में टिकटॉक की डील को लेकर पृष्ठभूमि तैयार की गई.

गौरतलब है कि 6-7 नवंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आ गए. नतीजों से स्पष्ट हो चुका था कि ट्रंप राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं. 

1. पहले बैन

6 दिसंबर 2024 को अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने टिकटॉक को प्रतिबंधित करने वाले कानून को सही ठहराया. जजों के पैनल ने कंपनी की उस चुनौती को खारिज कर दिया जिसमें कंपनी ने तर्क दिया था कि यह कानून प्रथम संशोधन का उल्लंघन करता है.

27 दिसंबर 2024 दिसंबर को नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि जब तक उनका प्रशासन इस मुद्दे पर "राजनीतिक समाधान" नहीं निकाल लेता, तब तक टिकटॉक पर संभावित प्रतिबंध को रोक दिया जाए. 

2. फिर राहत

17 जनवरी 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने सर्वसम्मति से टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने वाले संघीय कानून को बरकरार रखा. अदालत ने कहा कि टिकटॉक बैन से तभी बच सकता है जब चीन स्थित इसकी मूल कंपनी बाइटडांस इसे बेच न दे. यह 19 जनवरी, 2025 को लागू होने वाला था. और 20 जनवरी को ट्रंप शपथ लेने वाले थे. 

19-20 जनवरी से ही अमेरिका में टिकटॉक की सेवाएं बाधित होने लगी. धीरे धीरे एप्पल और एंड्रायड ने टिकटॉक को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया. लेकिन एक भरोसा आया और टिकटॉक फिर से कुछ मोबाइलों में दिखने लगा. 

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3. ट्रंप का ऑफर 

शपथ ग्रहण से पहले ट्रंप ने टिकटॉक के लिए जमकर बैटिंग की. उन्होंने कहा कि मैंने TikTok पर थोड़ा काम किया है. इस बार रिपब्लिकन पार्टी ने टिकटॉक की वजह से बहुत वोट पाए. हमने युवा के 36 प्वाइंट वोट पाए. इसलिए मुझे TikTok पसंद है. ट्रंप ने कहा कि वे नहीं चाहते कि जो लोग टिकटॉक से पैसा कमा रहे हैं वो खत्म हो जाए. 

इसके बाद ट्रंप ने टिकटॉक के मालिक झेंग यिमिंग को ऑफर देते कहा कि इस कंपनी का 50 फीसदी हिस्सा अमेरिका के पास होना चाहिए. ऐसा मैं अमेरिका की तरफ से कह रहा है. इस कंपनी को खरीदने वाले कई लोग मिलेंगे. 

राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद ट्रंप ने टिकटॉक को 75 दिनों का समय दिया है. इस समय के अंदर टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस को इस कंपनी का 50 फीसदी हिस्सा एक अमेरिकी को बेचना होगा. 

4. डील में एलन मस्क की एंट्री

टिकटॉक को खरीदने वालों में एलन मस्क का नाम काफी समय से चल रहा था. लेकिन राष्ट्रपति ने मस्क का नाम लेकर इस रेस में उन्हें औपचारिक रूप से ला दिया है. आज की तारीख में 427 बिलियन डॉलर की संपत्ति रखने वाले एलन मस्क दुनिया के सबसे बड़े रइस हैं. दूसरे नंबर पर मौजूद अमेजॉन के जेफ बेजोस की संपत्ति मस्क से लगभग आधी है. इस समय उनकी संपत्ति 244 बिलियन डॉलर है. अमीरों की लिस्ट में पहले चार तो अमेरिकी ही हैं. 

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इस लिहाज से एलन मस्क इस समय टिकटॉक के सबसे ताकतवर और राजनीतिक शक्ति प्राप्त खरीदार हैं. 

ब्लूमबर्ग न्यूज ने पिछले सप्ताह बताया था कि चीनी अधिकारी संयुक्त राज्य अमेरिका में टिकटॉक का ऑपरेशन मस्क को बेचने के संभावित विकल्प के बारे में प्राथमिक बातचीत कर रहे थे, हालांकि कंपनी ने इससे इनकार किया है. 

टिकटॉक का क्या मूल्य है?

टिकटॉक के आर्थिक साम्राज्य पर दुनिया की वैल्यूएशन फर्में अलग अलग आकलन कर रही हैं. द इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार वेबदुश के विश्लेषक डैन इव के अनुसार एल्गोरिद्म के साथ इसकी कीमत 100 से 200 बिलियन डॉलर है, लेकिन बिना एल्गोरिद्म के इसकी कीमत 40 से 50 बिलियन डॉलर है. 

हालांकि टिकटॉक के इस अमेरिकन ओलिग्राक द्वारा टेकओवर के अनुमानों पर चीन की कम्युनिस्ट सरकार क्या रवैया अपनाती है इसे देखना जरूरी होगा. 

इस डील पर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने टिप्पणी की, "कॉरपोरेट ऑपरेशन और अधिग्रहण जैसे कार्यों के लिए, हम हमेशा मानते हैं कि उन्हें बाजार सिद्धांतों के आधार पर कंपनियों द्वारा स्वतंत्र रूप से तय किया जाना चाहिए." 

गौरतलब है कि शपथग्रहण से पहले ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात की है. इस दौरान दोनों के बीच टिकटॉक पर बात भी हुई थी. चीन के रवैये में यह बदलाव बताता है कि चीन फिलहाल इस बिक्री को रोकना नहीं चाहता है. 
 

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