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भारत, चीन से आगे निकल गया है. आबादी के मामले हैं. पहली बार भारत की आबादी चीन से ज्यादा हुई है. भारत में अब चीन से 29 लाख लोग ज्यादा रहते हैं.
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की आबादी अब 142.86 करोड़ तो चीन की 142.57 करोड़ हो गई है. ये पहली बार है जब संयुक्त राष्ट्र की लिस्ट में भारत पहले नंबर पर आया है. संयुक्त राष्ट्र 1950 से आबादी का हिसाब-किताब रख रहा है.
संयुक्त राष्ट्र की वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रोसपेक्ट्स-2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल भारत की आबादी 141.2 करोड़ थी, जबकि चीन की जनसंख्या 142.6 करोड़ थी.
संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि अगले तीन दशकों तक भारत की आबादी बढ़ती रहेगी और उसके बाद इसमें गिरावट आनी शुरू होगी.
आबादी को लेकर 7 बड़े फैक्ट्सः
1. भारत में युवा आबादी ज्यादाः चीन की तुलना में भारत ज्यादा युवा है. भारत की 10 से 24 साल की उम्र की आबादी 26 फीसदी है, जबकि चीन में इस उम्र की 18 फीसदी आबादी रहती है.
2. चीन में भारत से दोगुने बुजुर्गः भारत में 65 साल से ज्यादा उम्र की आबादी 7 फीसदी है. जबकि चीन में 65 साल से ज्यादा उम्र की आबादी की संख्या 14 फीसदी है.
3. औसत आयु में चीन आगेः भारत की तुलना में चीन के नागरिक ज्यादा जीते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी पुरुषों की औसत उम्र 76 साल तो महिलाओं की 82 साल है. इसके मुकाबले भारतीय पुरुषों की औसत आयु 71 साल और महिलाओं की 74 साल है.
4. मातृ मृत्यु दर में पिछड़ा है भारतः हर एक लाख जन्म पर भारत में 103 मांओं की मौत हो जाती है. जबकि चीन में ये आंकड़ा मात्र 23 है.
5. बाल विवाह में भारत आगेः बाल विवाह के मामले में भी चीन की तुलना में भारत आगे है. भारत में 23 फीसदी लोग ऐसे हैं जिनकी शादी 18 साल की उम्र से पहले ही हो गई. जबकि, चीन में ऐसे लोगों की संख्या 3 फीसदी है.
6. फर्टिलिटी रेट भारत में ज्यादाः फर्टिलिटी रेट से पता चलता है कि एक महिला अपने जीवनकाल में कितने बच्चों को जन्म देगी. इस मामले में भी भारत, चीन से आगे है. भारत में महिला की फर्टिलिटी 2.0 है, जबकि चीन में ये 1.2 है.
7. चीन की घटेगी, भारत की आबादी बढ़ेगीः संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि 2050 तक भारत की आबादी बढ़कर 166.8 करोड़ से ज्यादा हो जाएगी. जबकि चीन की आबादी घटकर 131.7 करोड़ हो जाएगी.
भारत-चीन की आबादी पर और क्या कहते हैं आंकड़े?
चीन में भारत की तुलना में लगभग आधे बच्चे पैदा होते हैं. 2022 में चीन में 95 लाख बच्चों का जन्म हुआ था. 2021 की तुलना में ये लगभग 10 फीसदी की गिरावट थी.
भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट बताती है कि 2021-22 में सालभर में 2.03 करोड़ से ज्यादा बच्चों का जन्म हुआ. यानी, हर दिन औसतन 56 हजार बच्चे पैदा हुए. इससे पहले साल 2020-21 में दो करोड़ से कुछ ज्यादा बच्चों का जन्म हुआ था. इसका मतलब हुआ कि 2020-21 की तुलना में 2021-22 में 1.32 लाख ज्यादा बच्चों का जन्म हुआ.
वहीं, चीन में अब आबादी घटने लगी है. चीन के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में आबादी में साढ़े आठ लाख की कमी आई है. चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टेटिक्स ने हाल ही में आबादी के आंकड़े जारी किए थे. इसके मुताबिक, 2022 के आखिर तक चीन की आबादी घटकर 1.4118 अरब पहुंच गई थी. जबकि, 2021 के आखिर तक चीन की आबादी 1.4126 अरब थी. 1961 के बाद ये पहली बार था जब चीन की आबादी में गिरावट आई.
कहां बढ़ रही है आबादी?
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा आबादी एशियाई देशों में बढ़ रही है. यहां दुनिया की लगभग 50 फीसदी आबादी रहती है.
एशियाई देशों में भी सबसे ज्यादा आबादी भारत और चीन में है. दोनों ही देशों में लगभग 3 अरब आबादी रहती है.
2050 तक 8 देशों में आबादी तेजी से बढ़ने का अनुमान है. इनमें भारत के अलावा पाकिस्तान, कॉन्गो, इजिप्ट, इथियोपिया, नाइजीरिया, फिलिपींस और तंजानिया शामिल हैं. इन 8 देशों में दुनिया की आधी आबादी रहेगी.