ग्लोबल मार्केट लगातार मुस्लिम-फ्रैंडली हो रहा है. बहुत सी चीजें हैं, जो हलाल सर्टिफाइड होती हैं ताकि मुस्लिम धर्म को मानने वाले बेहिचक उनका इस्तेमाल कर सकें. अब हलाल डेटिंग भी कॉमन हो रही है, खासकर पश्चिमी देशों में. इसमें शादी से पहले होने वाले जीवनसाथी को ज्यादा अच्छी तरह जानने की कोशिश होती है. कट्टरता के लिए जाने जाते मिडिल ईस्ट में भी हलाल डेटिंग को मान्यता मिल रही है. जानिए, क्या है ये.
क्या है हलाल का मतलब?
हलाल अरबी शब्द है, जिसका मतलब है जायज. जिसकी इजाजत इस्लाम में हो, जो सही या वैध हो, वो हलाल है. इस्लाम जिसकी पर्मिशन नहीं देता, वो हराम है. हलाल केवल खाने के मामले में लागू नहीं होता, बल्कि दवाओं से लेकर कपड़ों-लत्तों पर भी और लाइफस्टाइल पर भी लागू होता है. जैसे शराब-सिगरेट न पीना और किसी भी तरह से इस्लामिक परंपराओं को चोट न पहुंचाना. डेटिंग लाइफस्टाइल का हिस्सा है. वैसे तो ये पश्चिमी कंसेप्ट है लेकिन अगर इस्लामिक मान्यताओं के साथ की जाए तो हलाल हो सकती है.
डेटिंग में क्या होता है
हलाल डेटिंग को समझने से पहले डेटिंग को भी समझते चलें. ये दो लोगों के बीच रोमांटिक रिश्ते की शुरुआत का पहला चरण है. डेट कर रहे लोग आमतौर पर रिश्ते को लंबा चलाने के इरादे से ही शुरुआत करते हैं. वे इंटिमेट होने और परिवार बनाने से पहले एक-दूसरे को समझना चाहते हैं.लेकिन जरूरी नहीं कि ऐसा ही हो भी. कई बार सोच या तौर-तरीके न मिलने पर लोग अलग हो जाते हैं. फिर नए सिरे से तलाश चलती है.
डेटिंग में साथ घूमना-फिरना, बाहर या घर पर मिलकर खाना, फिल्में देखना, नई-नई जगहें देखना और सबसे ज्यादा आपस में बातचीत करना शामिल है.
क्या है हलाल डेटिंग
मिडिल ईस्ट, एशिया और नॉर्थ अफ्रीका के कई देशों में हलाल डेटिंग हो रही है. खासकर उन देशों में, जहां की इकनॉमी पर्यटन पर टिकी हुई है. इन देशों में बाहरी लोग आते हैं, जिसका असर युवा पीढ़ी पर भी होने लगा. इसमें इजिप्ट, ईरान से लेकर मोरक्को और सोमालिया भी शामिल हैं. डेटिंग के आम कंसेप्ट में जहां हाथ पकड़ना, या गले निकलना बहुत कॉमन है, वहीं हलाल डेटिंग एक सेफ स्पेस में मिलने की बात कहता है, जहां संभावित जीवनसाथी बातचीत और खानापीना तो करें, लेकिन छूना बिल्कुल वर्जित है.
इस्लाम में इसे लेकर एक राय नहीं
डेटिंग को वेस्टर्न कंसेप्ट माना जाता है और इस्लाम में ये पूरी तरह से अब भी स्वीकार्य नहीं, लेकिन नई चीजों पर बात करने वाले स्कॉलर इसपर रजामंदी देते हैं. जिम्बाब्वे के मुफ्ती मेन्क को ग्लोबल इस्लामिक स्कॉलर माना जाता है. वे नए जमाने के चलन को इस्लाम से जोड़ने के लिए सोशल मीडिया पर अक्सर मुहिम चलाए रखते हैं. उनका कहना है कि इस्लाम में वैसे तो शादी से पहले मेलजोल ठीक नहीं, लेकिन अगर दायरे में किया जाए तो ये हलाल हो सकता है. उन्होंने यूट्यूब से लेकर कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बताया कि हलाल डेटिंग क्या है और कैसे हो. लेकिन बहुत से स्कॉलर इसे गलत मानते हैं. वे मानते हैं कि इस मेलजोल से रिश्ते की गरिमा कम होती है.
हलाल डेटिंग में किसकी मनाही
इसके कई नियम हैं. शादी से पहले होने वाली मुलाकात की जानकारी दोनों के ही घरवालों को होनी चाहिए. मिलते हुए दोनों का इरादा कैजुएल मीटिंग नहीं, बल्कि शादी का हो. डेटिंग ऐसी जगह हो, जो बंद न हो, जैसे होटल का बंद कमरा या बंद घर. आसपास लोगों की मौजूदगी होनी चाहिए. ये ऑनलाइन भी हो सकती है, लेकिन इसमें भी बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी रहे ताकि बातचीत दायरे में हो.
मलेशिया में स्पीड हलाल डेटिंग
हलाल डेटिंग के अलावा एक चीज स्पीड हलाल डेटिंग भी है. मैचमेकिंग का ये कंसेप्ट मलेशिया में है. इस मुस्लिम-बहुल देश में मलय मुस्लिम शादी से पहले अपने जीवनसाथी को जानने के लिए उससे मिलते हैं, लेकिन ये मुलाकात छोटी और पेरेंट्स या किसी बड़े की मौजूदगी में होती है. इस कंसेप्ट में एक व्यक्ति, एक ही समय पर कई लोगों से डेटिंग कर सकता है, लेकिन उसका इरादा एक को छांटकर शादी का हो, तभी ये हलाल है. किसी भी तरह की अंतरंगता, छूना या रोमांटिक बात करना गैर-इस्लामिक है.