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Karnataka Assembly Election 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने सोमवार को तीसरी लिस्ट जारी कर दी. इस लिस्ट में बीजेपी ने पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार की सीट से नए चेहरे को उतारा है. जगदीश शेट्टार की हुबली-धारवाड़ सेंट्रल सीट से बीजेपी ने महेश तेंगिनाकाई को टिकट दिया है.
टिकट मिलने के बाद महेश तेंगिनाकाई ने कहा, बीजेपी ने मुझे पहचान लिया और साधारण पार्टी कार्यकर्ता को टिकट दे दी. मुझे पूरा विश्वास है हम बड़े अंतर से जीतेंगे. हम हुबली-धारवाड़ में साथ मिलकर काम करेंगे और इसे मॉडल सिटी बनाएंगे.
हुबली-धारवाड़ सीट से जगदीश शेट्टार विधायक थे. वो 2012 से 2013 के बीच राज्य के मुख्यमंत्री भी रहे हैं. इस बार बीजेपी से उन्हें टिकट नहीं मिली, इसलिए वो सोमवार को कांग्रेस में शामिल हो गए. 2018 के चुनाव में जगदीश शेट्टार इस सीट से 21 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीते थे.
महेश तेंगिनाकाई का ये पहला विधानसभा चुनाव होगा. वो इस समय कर्नाटक बीजेपी के प्रदेश महासचिव हैं.
बीजेपी से जुड़े एक नेता ने न्यूज एजेंसी को बताया कि तेंगिनाकाई ने पार्टी की जिम्मेदारियों का बखूबी संभाला है और वो एक मजबूत उम्मीदवार हैं.
उन्होंने बताया कि तेंगिनाकाई युवा मोर्चा से भी जुड़े रहे हैं और राज्य में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाई हैं. वो एक समर्पित कार्यकर्ता हैं और इलाके में मजबूत उम्मीदवार हैं क्योंकि उन्होंने यहां बहुत काम किया है.
महेश तेंगिनाकाई लिंगायत समुदाय के कद्दावर नेता हैं. हुबली-धारावाड़ इलाके में उनकी अच्छी-खासी पकड़ मानी जाती है.
तेंगिनाकाई करीब दो दशकों से बीजेपी से जुड़े हुए हैं. उन्होंने पार्टी में कई अहम पदों को संभाला है. इसके अलावा वो एक कारोबारी और सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं.
जगदीश शेट्टार से होगा मुकाबला
हुबली-धारावाड़ सेंट्रल सीट से जगदीश शेट्टार विधायक थे. अब वो कांग्रेस में चले गए हैं. पहली बार चुनाव लड़ रहे महेश तेंगिनाकाई का मुकाबला छह बार के विधायक जगदीश शेट्टार से होगा.
तेंगिनाकाई और शेट्टार के बीच यहां पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है. उसकी वजह ये है कि दोनों ही लिंगायत समुदाय के लोकप्रिय नेता हैं और संगठन पर भी दोनों की अच्छी पकड़ है.
जगदीश शेट्टार को सियासत विरासत में मिली है. शेट्टार के पिता एसएस शेट्टार हुबली-धारवाड़ के मेयर रहे हैं. इसके अलावा उनके भाई एमएलसी और चाचा विधायक हैं. इस तरह से शेट्टार परिवार की हुबली-धारवाड़ इलाके में मजबूत पकड़ है.
पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार स्वच्छ छवि के नेता माने जाते हैं. पांच दशक के राजनीतिक सफर में शेट्टार मंत्री से लेकर सीएम रहे, लेकिन राजनीतिक जीवन में कोई दाग नहीं लगा है.
शेट्टार ने पिछले दिनों बीजेपी को साफ संदेश देते हुए कहा था कि अगर उन्हें टिकट नहीं दिया जाता है तो इसका असर राज्य के अलावा उत्तर कर्नाटक की 20 से 25 विधानसभा सीटों पर पड़ेगा.
उन्होंने कहा था- मैं छह बार जीता, मेरे करियर में कोई दाग नहीं है और मुझ पर कोई आरोप नहीं है. ऐसे में मुझे बाहर क्यों किया जा रहा है? कर्नाटक की सियासत में इतने लंबी पारी में भ्रष्टाचार के आरोपों से बचे रहना अपने आप में बड़ी बात है.
बीजेपी ने अब तक 222 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. बीजेपी ने पहली लिस्ट में 189 और दूसरी लिस्ट में 23 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया था. तीसरी लिस्ट में 10 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं. अब भी दो सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान होना बाकी है.
कर्नाटक विधानसभा की 224 सीटों के लिए 10 मई को वोटिंग होनी है. जबकि, 13 मई को नतीजे जारी होंगे.
2018 के चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, लेकिन कांग्रेस और जेडीएस ने मिलकर सरकार बना ली थी. हालांकि, बाद में जेडीएस में टूट पड़ गई और उसके विधायक बीजेपी में शामिल हो गए. इस तरह एक साल के भीतर ही बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब रही थी.
मौजूदा समय में कर्नाटक में बीजेपी के 116 विधायक हैं. कांग्रेस के 69 और जेडीएस के 29 सदस्य हैं. वहीं, 6 सीटें अभी खाली हैं.