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ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार को रेल हादसा कैसे हुआ? इसकी जांच के लिए रेलवे ने सीबीआई जांच की मांग की है.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हादसे की 'ठोस वजह' और इसके पीछे के लोगों के 'आपराधिक कृत्यों' की पहचान हो चुकी है.
रेलवे अधिकारियों ने भी पटरी में 'तोड़फोड़' और 'इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम' में छेड़छाड़ की आशंका जताई है.
इस बीच इस हादसे पर सियासत भी होने लगी है. इस बीच विपक्षी पार्टियों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के इस्तीफे की मांग भी की है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हादसे में ऊपर से नीचे तक के लोगों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है. वहीं, बीजेपी ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के रेल मंत्रियों का ट्रैक रिकॉर्ड किसी हादसे से कम नहीं है.
अब तक क्या-क्या हुआ?
- शुक्रवार यानी 2 जून की शाम 7 बजे तीन ट्रेनों में टक्कर हो गई. ये टक्कर बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस और मालगाड़ी के बीच हुई.
- ये हादसा बालासोर के बहानगा बाजार स्टेशन के पास हुआ. कोरोमंडल एक्सप्रेस और हावड़ा एक्सप्रेस को पास कराने के लिए मालगाड़ी को कॉमन लूप लाइन में खड़ा कराया गया था.
- कोरोमंडल एक्सप्रेस तेज रफ्तार से मेन अप लाइन से गुजर रही थी. तभी वो मेन लाइन से लूप लाइन में आ गई और वहां खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई.
- ये टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोरोमंडल एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतरकर तीसरी लाइन से गुजर रही हावड़ा एक्सप्रेस से टकरा गई.
- इस हादसे में अब तक 275 लोगों की मौत हो गई है. इनमें से 187 शवों की अब तक पहचान नहीं हो पाई है.
तीन ट्रेन कैसे टकरा गई?
- रेलवे के टॉप अधिकारियों ने दावा किया कि प्वॉइंट मशीन और इंटरलॉकिंग सिस्टम 'एरर प्रूफ' और 'फेल सेफ' है. हालांकि, उन्होंने इसमें बाहरी गड़बड़ की बात से इनकार भी नहीं किया है.
- अधिकारियों ने बताया कि इसे फेल सेफ सिस्टम इसलिए कहा जाता है, क्योंकि अगर ये फेल भी हो जाता है तो सभी सिग्नल रेड हो जाएंगे और ट्रेनें रुक जाएंगी. जैसा कि अब रेल मंत्री ने भी सिग्नल सिस्टम में गड़बड़ी की बात कही है.
- रेलवे बोर्ड की सदस्य जया वर्मा ने बताया, 'हो सकता है कि किसी ने केबल देखे बगैर ही खुदाई कर दी हो.' उन्होंने कहा कि किसी भी मशीन में खतरा तो होता ही है.
- अधिकारियों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक प्वॉइंट मशीन रेलवे सिग्नलिंग के लिए सबसे अहम डिवाइस है और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन में अहम भूमिका निभाता है. अगर इस मशीन में खराबी आती है तो इससे ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ सकता है और कई बार असुरक्षित स्थिति भी हो सकती है.
- रेलवे अधिकारियों ने लोकोपायलट की गलती की बात खारिज की है और दावा किया कि ट्रेन ओवरस्पीड नहीं थी.
- एक सीनियर अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हो सकता है कि सिस्टम से किसी तरह की छेड़छाड़ या तोड़फोड़ हुई हो. हम किसी बात से इनकार नहीं कर रहे हैं.
सीबीआई क्या जांचेगी?
- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया तीन ट्रेनों के बीच हुए इस हादसे की सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है. इससे पहले उन्होंने कहा था कि हादसे की वजह इलेक्ट्रिक प्वॉइंट मशीन और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम से जुड़ी है.
- उन्होंने कहा, 'प्वॉइंट मशीन की सेटिंग बदली गई थी. ये कैसे और क्यों की गई थी, इसका खुलासा जांच रिपोर्ट में होगा.'
- उन्होंने बताया, 'इस भयानक हादसे के कारण की पहचान कर ली गई है. मैं ज्यादा डिटेल में नहीं जाना चाहता. रिपोर्ट आने दीजिए. मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि हादसे की वजह और इस क्रिमिनल एक्ट में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है.'