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मुस्लिम पहचान छिपाकर शादी, टॉर्चर, फिर धर्मांतरण का दबाव... नेशनल शूटर तारा शाहदेव को 9 साल बाद इंसाफ

नेशनल शूटर तारा शाहदेव के तीनों दोषियों को सजा मिल गई है. रांची की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने उनके पूर्व पति रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल हसन को उम्रकैद की सजा सुनाई. कोहली की मां कौशल रानी को 10 साल की सजा दी गई है.

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तारा शाहदेव और रंजित कोहली उर्फ रकीबुल हसन की शादी 2014 में हुई थी. (फाइल फोटो)
तारा शाहदेव और रंजित कोहली उर्फ रकीबुल हसन की शादी 2014 में हुई थी. (फाइल फोटो)

नेशनल शूटर तारा शाहदेव के दोषियों को सजा मिल गई है. रांची की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने गुरुवार को तीनों दोषियों की सजा का ऐलान कर दिया. अदालत ने तारा शाहदेव के पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है.

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तीनों आरोपियों को 30 सितंबर को दोषी करार दिया गया था. स्पेशल सीबीआई जज प्रभात कुमार शर्मा ने गुरुवार को उन्हें सजा सुनाई. 

अदालत ने तारा शाहदेव के पति रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल हसन को उम्रकैद की सजा सुनाई है. तारा की सास कौशल रानी को 10 साल की सजा सुनाई गई है. जबकि, एक अन्य दोषी मुश्ताक अहमद को 15 साल की जेल हुई है.

इसके अलावा कोर्ट ने तीनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. कोहली के वकील मुख्तार अहमद खान का कहना है कि वो इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे. उन्होंने कहा कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं और भरोसा है कि हाईकोर्ट से उन्हें इंसाफ मिलेगा.

फर्जी पहचान से की थी शादी

तारा शाहदेव और रंजीत कोहली की शादी 7 जुलाई 2014 को हुई थी. दोनों की शादी हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी.

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तारा ने शिकायत में बताया था कि शादी के अगले ही दिन उनके पति ने उनपर जबरन इस्लाम धर्म कबूलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था.

उनके पति के अलावा मुश्ताक अहमद भी उनपर धर्म बदलने का दबाव बना रहा था. मुश्ताक अहमद उस समय रजिस्ट्रार ऑफ विजिलांस में था. 

तारा के मुताबिक, दोनों उस पर हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूलने का दबाव बना रहे थे और निकाह करने को कह रहे थे.

धर्म बदलने के लिए टॉर्चर करता था पति

तारा ने आरोप लगाया था कि रंजीत कोहली ने शादी करने के लिए अपनी मुस्लिम पहचान उससे छिपाई थी. शादी के बाद ही उसे पता चला कि रंजीत का असली नाम रकीबुल हसन है. शादी के बाद उनका पति और सास धर्म बदलने का दबाव बना रहे थे.

तारा ने ये भी आरोप लगाया था कि शादी के बाद भी कई लड़कियां हसन से मिलने आती थीं. हसन ने रांची रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में कमरा बुक करवाकर रखा था. जहां वो लड़कियों को ताकतवर लोगों के पास भेजता था.

इतना ही नहीं, तारा ने अपने पति और सास पर मारपीट करने का आरोप भी लगाया था. ये भी दावा किया था कि धर्म बदलने के लिए दोनों उन्हें टॉर्चर करते हैं.

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2015 में सीबीआई ने शुरू की जांच

तारा शाहदेव ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी. इसके बाद ये मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था.

इसी बीच जून 2018 में रांची की फैमिली कोर्ट ने क्रूरता के आधार पर तारा को तलाक की मंजूरी दे दी थी. तारा ने दलील दी थी कि शादी के लिए रंजीत ने अपने धर्म की पहचान छिपाई और उसे धोखा दिया.

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