एडटेक फर्म अनएकेडमी (Unacademy) ने करण सांगवान नाम के टीचर को नौकरी से निकाल दिया है. करण सांगवान ने क्लास के दौरान छात्रों से पढ़े-लिखे उम्मीदवारों को वोट देने की अपील की थी. उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.
करण सांगवान को इस तरह से हटाए जाने पर बवाल भी खड़ा हो गया है. इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है. अनएकेडमी ने सफाई देते हुए कहा कि करण ने कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन किया था, इसलिए ऐसा कदम उठाना पड़ा.
बर्खास्तगी के बाद करण ने अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो अपलोड किया है. इसमें उन्होंने कहा कि 19 अगस्त को वो इस पूरे मामले की डिटेल देंगे.
करण सांगवान ने ऐसा क्या कहा था? अनएकेडमी ने इस पर क्या सफाई दी? इस पूरे मामले पर राजनीति क्यों हो रही है? जानते हैं...
कैसे शुरू हुआ पूरा बवाल?
- दरअसल, हाल ही में केंद्र सरकार ने अंग्रेजों के दौर में बनी IPC-CrPC को बदलने के लिए नए बिल पेश किए हैं. इन बिल को रिव्यू के लिए संसदीय समिति के पास भेजा गया है.
- करण सांगवान अनएकेडमी में लॉ पढ़ाते थे. सांगवान इन बिल को लेकर नाराज थे. उन्होंने क्लास में स्टूडेंट्स से पढ़े-लिखे उम्मीदवारों को वोट देने को कहा था. इसका वीडियो वायरल हो गया.
- करण ने कहा था, 'मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं रोऊं या हंसूं. क्योंकि मेरे पास भी मेरे बेयर एक्ट्स हैं, बहुत सारे केस लोड हैं, बहुत सारे नोट्स हमने भी बनाए थे. बहुत मेहनत है. आप लोगों को भी काम मिल गया.'
- आगे करण कहते हैं, 'एक चीज याद रखना. अगली बार जब भी अपना वोट दो, किसी पढ़े-लिखे इंसान को अपना वोट देना. ताकि ये सबकुछ जीवन में दोबारा न झेलना पड़ा. ऐसे इंसान को चुनें जो पढ़ा-लिखा हो, जो समझ सके चीजों को. सिर्फ ऐसे इंसान को न चुनें, जिनको सिर्फ बदलना आता हो, नाम चेंज करना आता हो. तो अपना फैसला सही से लें.'
पढ़े लिखे नेताओं को वोट करने की अपील भर करने के कारण हिसार के अध्यापक करन सांगवान को Unacademy ने नौकरी से निकाल दिया।
ना सरकार समय से भर्ती करती, ना कोई रोजगार की व्यवस्था। कोई सवाल उठाये तो इस तरह दबाव बनाकर प्रताड़ित किया जाता है। दुर्भाग्य की बात है कि देश में शिक्षकों को… pic.twitter.com/vtkBtW0Nzx
— Deepender S Hooda (@DeependerSHooda) August 17, 2023
अनएकेडमी ने क्यों निकाला?
- वीडियो वायरल होने के बाद ही अनएकेडमी ने करण सांगवान को बर्खास्त कर दिया. उनकी बर्खास्तगी को इसी वीडियो से जोड़कर देखा जा रहा है.
- करण सांगवान को निकाले जाने पर अनएकेडमी ने सफाई देते हुए कहा, 'हम एक एजुकेशन प्लेटफॉर्म हैं, जो क्वालिटी एजुकेशन मुहैया कराने के लिए कमिटेड है. इसे लेकर हमने हमारे टीचर्स के लिए एक सख्त कोड ऑफ कंडक्ट लागू किया है, ताकि स्टूडेंट्स को निष्पक्ष ज्ञान मिल सके.'
- अनएकेडमी ने आगे बताया, 'हम जो भी करते हैं, उसके केंद्र में हमारे स्टूडेंट्स होते हैं. क्लास व्यक्तिगत राय और विचार साझा करने की जगह नहीं है, क्योंकि इससे स्टूडेंट्स गुमराह हो सकते हैं और उनपर गलत प्रभाव पड़ सकता है.'
- अनएकेडमी ने X (पहले ट्विटर) पर बयान साझा करते हुए कहा कि करण सांगवान को इसलिए हटाया गया, क्योंकि उन्होंने कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन किया था.
We are an education platform that is deeply committed to imparting quality education. To do this we have in place a strict Code of Conduct for all our educators with the intention of ensuring that our learners have access to unbiased knowledge.
Our learners are at the centre of…
— Unacademy (@unacademy) August 17, 2023
करण सांगवान का क्या है कहना?
- करण सांगवान ने अब तक इस मामले पर बहुत ज्यादा कुछ कहा नहीं है. हालांकि, उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया है. इस पूरे मामले पर 19 अगस्त को वो बात करेंगे.
- सांगवान ने एक वीडियो जारी कर कहा, 'कुछ दिनों से एक वीडियो वायरल हो रही है, जिस वजह से मैं कंट्रोवसी में आ गया हूं. इसकी वजह से ज्यूडिशियल सर्विसेस की तैयारी कर रहे मेरे काफी सारे स्टूडेंट्स को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. मैं भी कई सारी दिक्कतों से जूझ रहा हूं.'
- उन्होंने आगे कहा, 'वो कंट्रोवर्सी कैसे शुरू हुई? किस वजह से शुरू हुई? किस प्लेटफॉर्म पर शुरू हुई? वो सारी चीजें डिटेल में डिस्कस करने के लिए 19 अगस्त को रात 8 बजे यूट्यूब चैनल पर लाइव होगी.'
कैसे हो रही है राजनीति?
- इस पूरे मामले पर सियासत भी तेज हो गई है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस पर कहा कि 'क्या पढ़े-लिखे लोगों को वोट देने की अपील करना अपराध है?'
- सीएम केजरीवाल ने कहा, 'अगर कोई अनपढ़ है, मैं व्यक्तिगत तौर पर उनका सम्मान करता हूं. लेकिन जनप्रतिनिधि अनपढ़ नहीं हो सकते. ये साइंस और टेक्नोलॉजी का जमाना है. 21वीं सदी के आधुनिक भारत का निर्माण अनपढ़ जनप्रतिनिधि नहीं कर सकते.'
क्या पढ़े लिखे लोगों को वोट देने की अपील करना अपराध है? यदि कोई अनपढ़ है, व्यक्तिगत तौर पर मैं उसका सम्मान करता हूँ। लेकिन जनप्रतिनिधि अनपढ़ नहीं हो सकते। ये साइंस और टेक्नोलॉजी का ज़माना है। 21वीं सदी के आधुनिक भारत का निर्माण अनपढ़ जनप्रतिनिधि कभी नहीं कर सकते। https://t.co/YPX4OCoRoZ
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 17, 2023
- कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी इस पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा, 'जो लोग दबाव या धमकाने पर झुक जाते हैं, वो कभी उन लोगों का भला नहीं कर सकते, जो इस दुनिया में बाधाओं के खिलाफ खड़े हुए हैं. ऐसे रीढ़हीन और कमजोर लोगों को एजुकेशन प्लेटफॉर्म चलाते हुए देखकर दुख होता है.'
- दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय ने इस पर कहा कि बीजेपी को लगता है कि 'अनपढ़' शब्द सरकार के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि बीजेपी को लगा होगा कि 'पढ़ा-लिखा' शब्द उनके लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है. अनएकेडमी ने केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से डरकर उन्हें बर्खास्त कर दिया.
- कांग्रेस से राज्यसभा सांसद दीपेंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि अगर कोई सवाल उठाता है तो उसे प्रताड़ित किया जाता है. ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश में शिक्षकों को इस तरह अपमानित होना पड़ रहा है.
कौन हैं करण सांगवान?
- करण सांगवान लॉ टीचर हैं. उन्होंने शिमला की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. करण ने क्रिमिनल लॉ में एलएलएम किया है.
- करण ने फरवरी 2020 में अनएकेडमी ज्वॉइन की थी. यहां उनके 14 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स थे. यहां आने से पहले करीब एक साल तक उन्होंने हिसार स्थित सीआर कॉलेज में भी पढ़ाया था.
- वो लीगल पाठशाला नाम से अपना यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं. यूट्यूब पर उनके लगभग 80 हजार सब्सक्राइबर्स हैं.