उत्तराखंड में इन दिनों घोटाले सामने आ रहे हैं. पहले UKSSSC पेपर लीक, फिर SI भर्ती का घोटाला और अब विधानसभा में नियुक्तियों को लेकर बवाल.
विधानसभा में नियुक्तियों का आरोप तो पूर्व स्पीकर प्रेम चंद अग्रवाल पर लगा है. इसे लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा स्पीकर ऋतु खंडूरी को चिट्ठी लिख नियुक्तियों की जांच कराने की मांग की है. उन्होंने नियुक्तियों में हुई अनियमितताओं की हाई लेवल जांच कराने की मांग की है.
विधानसभा में नियुक्तियों का मामला क्या?
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल पर नियुक्तियों में पक्षपात करने का आरोप लगा है. प्रेम चंद अग्रवाल 2017 से 2022 तक विधानसभा अध्यक्ष थे. 2017 से 2022 तक राज्य में बीजेपी की ही सरकार थी.
आरोप है कि विधानसभा अध्यक्ष रहते हुए अग्रवाल ने बैकडोर से भर्तियां कीं. उन पर राजनेताओं के रिश्तेदारों और करीबीयों को विधानसभा में नियुक्त करने का आरोप लगा है.
सीएम ने की जांच की मांग
इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौजूदा विधानसभा स्पीकर ऋतु खंडूरी को चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्होंने लिखा है कि विधानसभा एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है और इसकी पवित्रता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है.
सीएम धामी ने चिट्ठी में विधानसभा में नियुक्तियों में हुईं अनियमितता के आरोपों की हाई लेवल जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अनियमितताओं का पता चलने पर भर्तियों को रद्द कर दिया जाएगा.
UKSSSC पेपर लीक क्या है?
उत्तराखंड सबऑर्डिनेट स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (UKSSSC) के कथित पेपर लीक घोटाले में STF ने 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा 50 से ज्यादा अभ्यर्थियों को भी गिरफ्तार किया है.
4 और 5 दिसंबर को ग्रेजुएशन लेवल की परीक्षा हुई थी. आरोप है कि एग्जाम से पहले इसका पेपर लीक हो गया था और इसका इस्तेमाल कर अभ्यर्थी पेपर देने गए थे. इस परीक्षा में 1.60 लाख अभ्यर्थी बैठे थे, जिनमें से 916 का चयन हुआ था.
SI भर्ती घोटाला क्या है?
अप्रैल 2015 में उत्तराखंड पुलिस सब-इंस्पेक्टर रिक्रूटमेंट एग्जाम हुआ था. इसके रिजल्ट जून 2015 में आए थे. 354 पदों के लिए 18,697 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था. उत्तराखंड सरकार ने 2015 में सब-इंस्पेक्टर भर्ती की जांच करने का आदेश दिया है.