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कौन है जेल में बंद आतंकी यासीन की पत्नी मुशाल, जो PAK में बनेगी मंत्री

मुशाल हुसैन पाकिस्तानी नागरिक हैं. उनके पिता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त अर्थशास्त्री थे जबकि मां पाकिस्तान मुस्लिम लीग की महिला इकाई की पूर्व महासचिव रह चुकी हैं. मुशाल के भाई हैदर अली मलिक विदेश नीति के विद्वान और अमेरिका में प्रोफेसर हैं. मुशाल ने इस्लामाबाद के बिकनहाउस से हाईस्कूल की परीक्षा पास की है. उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएशन किया है. 

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यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन
यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन

टेरर फंडिंग मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अलगाववादी नेता यासीन मलिक की पत्नी सुर्खियों में हैं. उनकी पत्नी मुशाल हुसैन जल्द ही पाकिस्तान की अंतरिम सरकार में मंत्री बनने जा रही हैं. पाकिस्तानी नागरिक मुशाल यासीन मलिक से 20 साल छोटी हैं और उन्हें पाक कैबिनेट में अहम पद मिलने जा रहा है.

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2009 में यासीन से निकाह करने वाली मुशाल मानवाधिकारों पर पाकिस्तान के केयरटेकर प्रधानमंत्री अनवर उल हक ककार की विशेष सहायक होंगी. इससे साफ है कि पाकिस्तान कैबिनेट में उनका कद बड़ा होगा.

लेकिन आखिर कौन हैं मुशाल हुसैन

मुशाल हुसैन पाकिस्तानी नागरिक हैं. उनके पिता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त अर्थशास्त्री थे जबकि मां पाकिस्तान मुस्लिम लीग की महिला इकाई की पूर्व महासचिव रह चुकी हैं. मुशाल के भाई हैदर अली मलिक विदेश नीति के विद्वान और अमेरिका में प्रोफेसर हैं. मुशाल ने इस्लामाबाद के बिकनहाउस से हाईस्कूल की परीक्षा पास की है. उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएशन किया है. 

मुशाल को पेंटिंग का बहुत शौक हैं. उन्होंने छह साल की उम्र में ही पेंटिंग करनी शुरू कर दी थी. वह सेमी-न्यूड पेंटिंग्स के लिए बहुत लोकप्रिय हैं.उन्होंने कश्मीर के लोगों की व्यथित दशा को दर्शाते हुए कई पेंटिंग्स बनाई हैं.

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वह पाकिस्तान में पीस एंड कल्चर ऑर्गेनाइजेशन की चेयरपर्सन भी हैं. यह संगठन वैश्विक शांति और सौहार्द के लिए काम करता है और संस्कृति एवं विरासत को सहेजने पर काम करता है. वह 2015 के बाद से भारत नहीं आईं. वह पाकिस्तान से ही लगातार काम करती रही हैं. 

फिल्मी है यासीन और मुशाल की पहली मुलाकात

मुशाल पाकिस्तान की लोकप्रिय शख्सियत हैं. पाकिस्तान में बड़े-बड़े नेताओं और नौकरशाहों के साथ उनके कनेक्शन है. लेकिन दोनों की पहली मुलाकात किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. 

बात 2005 की है. यासीन मलिक किसी अलगाववादी कार्यक्रम के सिलसिले में इस्लामाबाद गए थे. मुशाल भी इस कार्यक्रम में पहुंची थीं. कार्यक्रम के बीच में यासीन ने फैज अहमद फैज की लोकप्रिय नज्म 'हम देखेंगे' का पाठ किया था. इस नज्म से प्रभावित होकर मुशाल ने यासीन से कहा था कि मुझे अपना भाषण पसंद आया, जिसके जवाब में यासीन ने उन्हें ऑटोग्राफ दिया. यहीं से दोनों के रिश्ते की शुरुआत हुई. बाद में 2009 में दोनों ने निकाह कर लिया.

यासीन मलिक को पिछले साल मिली थी उम्रकैद की सजा

- पिछले साल 24 मई को एनआईए कोर्ट ने यासीन मलिक को टेरर फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

- यासीन मलिक को ट्रायल कोर्ट ने यूएपीए की धारा 121 और धारा 17 (टेरर फंडिंग) के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई थी. यानी, दो अलग-अलग मामलों में उम्रकैद की सजा मिली थी.

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- इसके अलावा मलिक को पांच अलग-अलग मामलों में 10-10 साल और तीन अलग-अलग मामलों में 5-5 साल जेल की सजा सुनाई थी.

इसके अलावा यासीन मलिक 1990 में एयरफोर्स के चार जवानों की हत्या का भी दोषी है. उसने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद का अपहरण भी किया था.

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