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Correction policy

पत्रकारिता में हम कितनी भी पूर्व जांच क्यों न कर लें, गलतियों की संभावना रहती है और कई बार हो भी जाती हैं. जब भी कोई इसकी तरफ ध्यान आकर्ष‍ित करता है तो आजतक में हम उसे स्वीकारने में हिचकते नहीं है और उसी हिसाब से प्रतिक्रिया देते हैं.

इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम के द्वारा जितनी जल्दी संभव हो और उच्च स्तर की पारदर्श‍िता के साथ गलतियों को दुरुस्त कर दिया जाता है. हम अपने पाठकों के फीडबैक को काफी महत्व देते हैं, जो कि किसी ख़बर, वीडियो या पोस्ट के अंत में कमेन्ट्स सेक्शन में मिलता है. किसी ख़बर में संशोधन या अपडेट के लिए अनुरोध सीधे ई-मेल आईडी factcheck@intoday.com पर मेल किया जा सकता है.

आजतक सोशल मीडिया मंचों पर अपनी बड़े पैमाने पर मौजूदगी पर नजर रखता है और अपने पाठकों से मिले फीडबैक और आलोचनाओं का हम स्वागत करते हैं. यदि किसी ख़बर में बड़े संशोधन या भारी बदलाव से रेटिंग में बदलाव आता है तो इसे ख़बर के टॉप पर 'करेक्शन' के रूप प्रमुखता से मार्क किया जाता है और हम बदलाव के बारे में साफ संकेत देते हैं और यह भी बताते हैं कि बदलाव क्यों किया गया. इससे हर संशोधन का इतिहास साफ और पारदर्शी तरीके से दिख जाता है.

यदि ख़बर प्रकाशित होने के बाद कोई नया तथ्य आता है, ऐसी कोई जानकारी आती है जिससे ठोस नई परतें या एंगल जुड़ जाते हैं लेकिन रेटिंग में बदलाव नहीं आता, तो उसे ख़बर के अंत में 'अपडेट' के रूप में मार्क कर देते हैं.

सिर्फ उन्हीं संशोधनों पर आमतौर पर गौर नहीं किया जाता, जो संपादकों के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण नहीं माने जाते जैसे कोई टाइपो एरर, स्पेलिंग की गलती, व्याकरण की गलती या अन्य कोई छोटा बदलाव.

 

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