सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच हिंसक झड़प का एक वीडियो खूब शेयर किया जा रहा है. वीडियो में मुस्लिम परिवेश में नजर आ रहे कई लोग किसी इमारत के अंदर एक दूसरे पर चीजें फेंकते देखे जा सकते हैं. वीडियो को शेयर करने वालों का दावा है कि ये बांग्लादेश की घटना है जहां तबलीगी जमात से जुड़े लोगों में एक महिला के साथ ‘हलाला’ करने को लेकर झड़प हुई. वीडियो शेयर करने वाले ये भी कह रहे हैं कि इस झड़प में 12 लोगों की मौत हो गई है.
वायरल वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, “बांग्लादेश में खूबसूरत महिला का हलाला कौन करेगा को लेकर शुरू हुआ विवाद में अब तक 12 तबलीगी जमात के लोग 72 हूरों के पास पहुंच गए हैं..!” वायरल वीडियो को इन्हीं दावों के साथ फेसबुक पर भी कई यूजर्स शेयर कर चुके हैं.
दरअसल, इस्लाम में ‘हलाला’ एक विवादित प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें अगर पति-पत्नी को तलाक के बाद दोबारा साथ आना हो, तो पत्नी को ‘हलाला’ प्रथा से गुजरना पड़ता है. इसके अनुसार, पत्नी को किसी दूसरे मर्द से शादी करके शारीरिक संबंध बनाने होते हैं, और उस दूसरे आदमी से तलाक के बाद ही वो पहले पति से दोबारा शादी कर सकती है. इसी संदर्भ में वायरल वीडियो शेयर किया जा रहा है.
मगर आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि वायरल वीडियो का न तो ‘हलाला’ से कोई संबंध है, न ही इस झड़प में किसी की जान गई है. ये वीडियो सितंबर 2024 का है जब ढाका की बैतुल मुकर्रम मस्जिद में पुराने और नए इमाम के समर्थकों के बीच झड़प हो गई थी.
कैसे पता चली सच्चाई?
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये सितंबर 2024 के कई फेसबुक पोस्ट्स में मिला. एक बांग्लादेशी न्यूज पोर्टल ने वायरल वीडियो को 20 सितंबर 2024 का बताया है. इसके कैप्शन के अनुसार ये वीडियो बैतुल मुकर्रम मस्जिद के पुराने और नए खातिब (इमाम) के समर्थकों से संबंधित है.
इस जानकारी के आधार पर कीवर्ड सर्च पर हमें वायरल वीडियो से जुड़ी कई न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं. Shyamal Sylhet की खबर के अनुसार ये वीडियो ढाका में स्थित बैतुल मुकर्रम राष्ट्रीय मस्जिद का है. यहां 20 सितंबर को जुमे(शुक्रवार) की नमाज से पहले नए खातिब(इमाम) और पुराने खातिब के समर्थकों के बीच ये हिंसक झड़प हो गई थी. हालांकि, किसी भी खबर में किसी के मारे जाने या ‘हलाला’ का जिक्र नहीं किया गया है.
बांग्लादेशी न्यूज पोर्टल Kalbela में 20 सितंबर 2024 को छपी खबर के अनुसार, शुक्रवार के दिन मस्जिद के मौजूदा इमाम मुफ्ती वली-उर-रहमान खान प्रार्थना करवा रहे थे, तभी मस्जिद के पुराने इमाम मुफ्ती रूहुल अमीन (जो फरार थे) अपने समर्थकों के साथ मस्जिद में आ गए. जब पुराने इमाम ने नए इमाम के पास जाकर माइक को पकड़ा तो नए इमाम के समर्थक नाराज हो गए और ये बहस हिंसा में तब्दील हो गई. यहां भी ‘हलाला’ या किसी के मारे जाने का जिक्र नहीं किया गया है.
खबरों (के अनुसार पुलिस ने मामला शांत करवाया था और पुराने इमाम के मस्जिद से जाने के बाद नए इमाम ने ही जुमे की नमाज अदा कारवाई थी. इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था.
क्या बांग्लादेश में ‘हलाला’ से जुड़ी कोई कोई घटना हाल-फिलहाल में हुई है?
खोजने पर हमें 17 दिसंबर 2024 की एक खबर मिली जिसमें बांग्लादेश के गाजीपुर के एक मदरसे के शिक्षक पर एक महिला के साथ मस्जिद के अंदर ‘हलाला’ के तहत शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगा है. 14 दिसंबर की इस घटना में ‘हलाला’ की अनुमति देने वाले इमाम को निष्कासित भी किया गया है. हालांकि, इस मामले में भी किसी की मौत का जिक्र नहीं किया गया है.
इस तरह ये साफ हो जाता है कि दो इमामों के समर्थकों के बीच की हिंसक झड़प को ‘हलाला’ से जोड़कर बेबुनियाद दावा किया जा रहा है.
(रिपोर्ट : सुराजुद्दीन मोंडाल)