
क्या अमेरिका में डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर पुस्तकालय खोला गया है? सोशल मीडिया पर किसी विशाल पुस्तकालय जैसी दिखी रही एक इमारत की तस्वीरों के साथ कुछ ऐसा ही दावा किया जा रहा है.
वायरल पोस्ट में मौजूद तस्वीरों में से एक में इमारत के अंदर बीचों-बीच एक बड़ा सफेद गोलाकार कमरा दिख रहा है. दीवारों पर ढेरों शेल्फ बने हैं, जिनमें सैकड़ों किताबें रखी हैं. इमारत देखने में काफी भव्य लग रही है.

इन फोटोज को शेयर करते हुए लोग कैप्शन में लिख रहे हैं, “भारत देश के मसीहा डॉ.भीम राव अम्बेदकर जी के नाम अमेरिका ने खोला विश्व का सबसे बडा पुस्तकालय नमस्ते अमेरिका जय भीम जय भारत जय संविधान.”
इस दावे के साथ फेसबुक और ट्विटर पर सैकड़ों लोग इन तस्वीरों को शेयर कर चुके हैं.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये चीन की तियानजिन बिन्हाई लाइब्रेरी की तस्वीरें हैं. इनका बाबा साहेब अंबेडकर से कुछ लेना-देना नहीं है.
कैसे पता की सच्चाई?
वायरल तस्वीरों को रिवर्स सर्च करने पर ये हमें “archdaily” नाम की वेबसाइट के एक आर्टिकल में मिलीं. यहां बताया गया है कि ये चीन के तियानजिन शहर में स्थित बिन्हाई लाइब्रेरी है.
तीन साल में बनी इस लाइब्रेरी को 2017 में खोला गया था. अपनी भव्यता के कारण ये बहुमंजिला लाइब्रेरी काफी मशहूर है और एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन चुकी है.
इसके बाद कीवर्ड्स की मदद से सर्च करने पर हमें इस लाइब्रेरी के बारे में छपी और भी कई खबरें मिलीं. ‘सीएनएन’ और टाइम मैग्जीन की खबरों में बताया गया है कि इस लाइब्रेरी में 1.35 मिलियन से भी ज्यादा किताबें रखने की जगह है. यूट्यूब पर इसके कई वीडियो देखे जा सकते हैं.
बाबा साहेब अंबेडकर के नाम पर अमेरिका में बनी लाइब्रेरी का ये झूठा दावा पहले भी अलग-अलग तस्वीरों के साथ वायरल हो चुका है. इंडिया टुडे ने इसका खंडन करते हुए खबर भी छापी है.