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रक्तदान से जुड़ी एक बेहद हैरान कर देने वाली खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. ऐसा कहा जा रहा है कि रक्तदान करने अस्पताल गए एक युवक को जब बिस्किट खाने के लिए नहीं दिए गए तो उसने नाराज होकर अपना दान किया हुआ खून वापस लेने के लिए उसे पी लिया.
ऐसा कहने वाले लोग सबूत के तौर पर एक कथित खबर का स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे हैं. इसकी हेडलाइन है, "रक्तदान करने गए युवक ने रक्तदान के बाद बिस्कुट न मिलने पर खुद के खून की शीशी फिर से पी डाली". साथ ही, एक रक्तदान करते युवक की तस्वीर भी लगी है.
एक फेसबुक यूजर ने इस स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए लिखा, "मिटरोंन- दुखद है कि भ्रष्टाचार हमारे देश में किस कदर अपनी जड़ें जमा चुका है... भला बताओ, भ्रष्टाचारी अब इतने बेशर्म हो गए हैं कि रक्तदान के बाद बंटने वाले बिस्कुट-जूस तक नहीं छोड़ रहे हैं".
ऐसी ही एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
जहां कई लोग इसे मजाक के तौर पर शेयर कर रहे हैं, वहीं कई ऐसे भी हैं जो इसे असली खबर समझ रहे हैं.
बहुत सारे लोग इस खबर पर यकीन इसलिए भी कर रहे हैं क्योंकि साल 2019 और 2020 में 'पंजाब ई न्यूज' और 'पहचान फरीदाबाद' जैसे कुछ न्यूज पोर्टल्स ने इसे एक असली खबर के तौर पर छापा था.
इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि वायरल स्क्रीनशॉट 'द फॉक्सी' नाम के एक व्यंग वेब पोर्टल में तीन साल पहले छपे एक लेख से लिया गया है. ये लेख पूरी तरह से काल्पनिक था. ऐसी कोई भी घटना हकीकत में नहीं हुई है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल स्क्रीनशॉट में हेडलाइन के नीचे 'फॉक्सी' लिखा हुआ है. इस जानकारी के आधार पर कीवर्ड सर्च करने से हमें ये रिपोर्ट 'thefauxy.com' वेबसाइट में मिली.
जून 2019 की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि ये घटना विश्व रक्तदान दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ में हुई थी. खबर के मुताबिक, छुट्टन पांडेय नामक एक युवक ने रक्तदान करने के बाद बिस्किट न मिलने पर बदला लेने की ठानी. जो खून उन्होंने दान किया था, उसे वो वापस पी गए.
पूरी खबर मजाकिया अंदाज में लिखी गई है. मिसाल के तौर पर, इन लाइनों पर गौर फरमाइये, 'ज़्यादातर लोग बिस्कुट खाने के इरादे से ही रक्तदान करते हैं.' इसके अलावा, इस लाइन पर भी ध्यान दीजिये, 'मामला संगीन था तो फौक्सी की टीम भी निकल पड़ी छत्तीसगढ़ के जंगलों में छुट्टन को ढूंढने और काफी मशक्कत के बाद एक पेड़ पर उल्टे लटकते मिल ही गए छुट्टन'. साफ पता लग रहा है कि ये खबर सिर्फ एक व्यंग है.
इतना ही नहीं, 'thefauxy' वेबसाइट में साफ तौर पर लिखा है कि ये एक व्यंग पोर्टल है और इसमें छपने वाले लेख कल्पना पर आधारित हैं. साथ ही, ये हिदायत भी दी गई है कि 'द फॉक्सी' के लेखों को वास्तविक और सत्य न समझा जाए.
साल 2013 की है स्क्रीनशॉट में लगी फोटो
वायरल स्क्रीनशॉट में रक्तदान कर रहे युवक की जो फोटो लगी है, उसे हमने रिवर्स सर्च किया. ऐसा करने से ये हमें 'गेटीइमेजेज' वेबसाइट पर मिली. यहां दी गई जानकारी के मुताबिक, ये तस्वीर 8 मई, 2013 को 'वर्ल्ड रेडक्रॉस डे' के मौके पर अमृतसर में ली गई थी.
हमने इस बारे में छत्तीसगढ़ के कुछ पत्रकारों से भी बात की. उन्होंने भी इस बात की पुष्टि की है कि वहां इस तरह की कोई भी घटना नहीं हुई है.
कुल मिलाकर बात साफ है, बिस्किट न मिलने पर अपना खून वापस पी लेने वाले रक्तदाता की जिस रिपोर्ट को असली बताया जा रहा है, वो साल 2019 में छपा एक व्यंग है.