अस्पताल में भर्ती एक मरीज और कबूतर के अनोखे रिश्ते की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही है. ऐसा कहा जा रहा है कि फोटो में दिख रहा शख्स अपना इलाज कराने के लिए किसी अस्पताल में भर्ती हुआ था. करीब तीन दिन बीत गए पर उसके परिवार से कोई भी उससे मिलने नहीं आया. लेकिन, एक कबूतर हर रोज कुछ देर के लिए उस मरीज के पास आकर बैठ जाता था. बाद में पता चला कि कबूतर ऐसा इसलिए करता था क्योंकि ये व्यक्ति अस्पताल के पास मौजूद पार्क में उस कबूतर को दाने डालता था.
भावुक कर देने वाली इस कहानी के साथ एक तस्वीर भी शेयर की जा रही है. इसमें वाकई एक कबूतर को चादर ओढ़ कर लेटे एक मरीज के ऊपर बैठे देखा जा सकता है. सोशल मीडिया यूजर्स की मानें तो ये फोटो उसी अस्पताल की नर्स ने खींची थी जहां ये मरीज भर्ती हुआ था इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि करीब दस साल पहले खींची गई इस तस्वीर को जिस कहानी के साथ पेश किया जा रहा है वो मनगढ़ंत है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल फोटो को रिवर्स सर्च करने पर ये हमें ‘फ्लिकर’ वेबसाइट पर मिली. यहां दी गई जानकारी के अनुसार ये फोटो 19 अक्टूबर 2013 को खींची गई थी. ये तस्वीर जॉन प्रोटोनोटरी नाम के एक व्यक्ति ने ग्रीस की राजधानी एथेंस में ली थी.
प्रोटोनोटरी ने इस तस्वीर के नीचे कमेन्ट करते हुए इसके पीछे की कहानी भी बताई थी. उन्होंने लिखा था, “मेरे पिता की याद में, जो पांच दिन पहले तक इस बिस्तर के बगल वाले बेड पर थे.” प्रोटोनोटरी ने कहीं भी कबूतर और अस्पताल के बेड पर लेटे शख्स की मित्रता की बात नहीं लिखी है.
कई सोशल मीडिया यूजर्स और वेबसाइट्स ने प्रोटोनोटरी को क्रेडिट देते हुए इस तस्वीर को शेयर किया था.
हमें इस तस्वीर से संबंधित 'लीड स्टोरी' की एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के मुताबिक प्रोटोनोटरी ने खुद तस्वीर के साथ वायरल हो रही अनोखी दोस्ती की कहानी को फर्जी बताया था. उन्होंने कहा था कि ये तस्वीर एथेंस के एक अस्पताल की है जहां उनके पिता भर्ती थे. खिड़की खुली रह जाने के कारण एक कबूतर इस मरीज के बेड पर आकर बैठ गया था. लेकिन कुछ ही देर बाद कबूतर वहां से उड़कर चला गया था और दोबारा नहीं दिखा था.
प्रोटोनोटरी ने कहा, “ये तस्वीर एक बड़े अस्पताल के कार्डियोलॉजी वॉर्ड की है. ये नामुमकिन है कि ऐसी जगह पर मौजूद स्टाफ के लोग किसी कबूतर को हर रोज किसी मरीज के पास आकर बैठने देंगे.”
साफ है, कबूतर और मरीज की इस तस्वीर को जिस कहानी के साथ पेश किया जा रहा है वो फर्जी है.
(रिपोर्ट: संजना सक्सेना)