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भारतीय बैंकों से करोड़ों रुपये का कर्ज यूनाइटेड किंगडम (यूके) भागे हीरा व्यवसायी नीरव मोदी को भारत वापस लाने की संभावना बढ़ गई है. लंदन की जेल में बंद नीरव मोदी को 15 दिसंबर को यूके की अदालत से झटका लगा. हाइकोर्ट ने प्रत्यर्पण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की उनकी अपील खारिज कर दी है. अब 28 दिन के भीतर भारत में उनका प्रत्यर्पण हो सकता है.
इसी बीच सोशल मीडिया पर नीरव मोदी के घोटाले को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगाने वाला रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का एक कथित वायरल हो रहा है.
जिसमें एक ओर उनकी तस्वीर लगी है और दूसरी ओर उनका कथित बयान है. इसमें लिखा है कि उन्होंने नीरव मोदी के इस घोटाले की इत्तिला यूपीए सरकार में वित्त मंत्री पी चिदंबरम और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दे दी थी. इसके बावजूद मई, 2014 तक उन्हें लगातार कर्ज दिया जाता रहा.
दरअसल मई, 2014 में यूपी की सरकार चली गई थी और मोदी सरकार ने सत्ता संभाल ली थी.
इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि रघुराम राजन के नाम से नीरव मोदी को लेकर वायरल हो रहा बयान फर्जी है. ये कथित बयान पहले भी वायरल हुआ था और तब उन्होंने इसका खंडन किया था.
कैसे पता लगाई सच्चाई ?
नीरव मोदी के भारतीय बैंकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाकर भागने की खबर जनवरी, 2018 में सामने आई थी. इससे पहले मार्च, 2016 में उद्योगपति विजय माल्या के सरकारी बैंकों से कर्ज लेकर भारत से भाग जाने के बाद इस तरह का ये दूसरा बड़ा मामला था. लिहाजा इस खबर के सामने आते ही हंगामा खड़ा हो गया था. उस वक्त अगर रघुराम राजन ने इस तरह का बयान दिया होता तो ये खबर सुर्खियों में रही होती. लेकिन हमें ऐसा कोई बयान नहीं मिला. अलबत्ता, हमें 13 मार्च, 2018 को ‘News 18’ की वेबसाइट पर छपा उनका एक इंटरव्यू मिला. इसमें उन्होंने अपने इस कथित बयान को पूरी तरह बकवास करार दिया था.
रघुराम राजन ने साल 2018 में बूमलाइव को बताया था कि उनके नाम पर वायरल ये बयान पूरी तरह झूठा है.रघुराम राजन साल 2013 से 2016 तक RBI के गवर्नर रहे थे. इस दौरान पी चिदंबरम देश के वित्त मंत्री जरूर थे. लेकिन राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष और अमेठी से सांसद थे. यानी वो यूपीए सरकार में किसी पद पर नहीं थे. लिहाजा उस वक्त रघुराम राजन के राहुल गांधी को नीरव मोदी से मसले पर चेतावनी देने की बात अटपटी लगती है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 29 जनवरी, 2018 को पंजाब नेशनल बैंक ने सीबीआई को नीरव मोदी के 270 करोड़ रुपये के घपले की सूचना दी थी. लेकिन इससे पहले ही नीरव मोदी देश छोड़कर भाग चुका था. बाद में ये घोटाला परत-दर-परत खुलता गया है और इसकी रकम 14 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई.
नीरव मोदी को साल 2019 में लंदन में गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद से वो यूके की जेल में बंद है.