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फैक्ट चेक: पाक की जीत के जश्न पर मेडिकल स्टूडेंट्स की डिग्री रद्द होने का दावा है मनगढ़ंत

अब सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि श्रीनगर में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाने वाली 100 मेडिकल छात्राओं की डिग्रियां रद्द कर दी गई हैं. फेसबुक पर एक यूजर ने लिखा, "पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाने वाली श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की 100 सुंदरिया अब डॉक्टर नहीं बन पाएंगी सरकार ने डिग्री रद्द की".

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
श्रीनगर में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाने वाली 100 मेडिकल छात्राओं की डिग्री रद्द कर दी गई है.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
श्रीनगर के दो मेडिकल कॉलेजों के छात्रों पर कथित देश विरोधी नारे लगाने का आरोप जरूर लगा है. लेकिन कोर्स पूरा से पहले ही छात्राओं की डिग्री रद्द करने वाली बात बकवास है.

भारत और पाकिस्तान के बीच 24 अक्टूबर को हुए टी-20 विश्व कप मैच के बाद देश के कई हिस्सों से खबरें आईं कि कुछ लोगों ने पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाया. श्रीनगर के GMC और SKIMS दो मेडिकल कॉलेजों के विद्यार्थियों पर भी पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के आरोप लगे हैं.  

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अब सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि श्रीनगर में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाने वाली 100 मेडिकल छात्राओं की डिग्रियां रद्द कर दी गई हैं. फेसबुक पर एक यूजर ने लिखा, "पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाने वाली श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की 100 सुंदरिया अब डॉक्टर नहीं बन पाएंगी सरकार ने डिग्री रद्द की".

सोशल मीडिया पर शेयर किया गया पोस्ट
सोशल मीडिया पर शेयर किया गया पोस्ट

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AWFA) ने पाया कि श्रीनगर के दो मेडिकल कॉलेजों के छात्रों और मैनेजमेंट पर कथित देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में दो एफआईआर दर्ज की हैं. लेकिन 100 छात्राओं की डिग्री रद्द करने वाली बात बकवास है, क्योंकि किसी संस्थान में पढ़ रहे छात्रों को डिग्री कोर्स पूरा होने के बाद मिलती है. जो डिग्री अभी मिली ही नहीं, वह रद्द कैसे हो सकती है?

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क्या यह संभव है?

यह दावा पहली नजर में ही बोगस मालूम पड़ता है क्योंकि कोई डिग्री कोर्स पूरा होने के बाद मिलती है. तब तक संस्थान में पढ़ रहे छात्र वहां से जा चुके होते हैं. इसलिए किसी भी संस्थान में पढ़ रहे छात्रों की डिग्री रद्द करना तकनीकी रूप से संभव नहीं है. ये जरूर हो सकता है कि जो छात्र पोस्ट ग्रेजुएशन में हैं, उनकी ग्रेजुएशन की डिग्री रद्द कर दी जाए. या फिर, अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए कॉलेज किसी छात्र का एडमिशन कैंसिल कर सकता है, लेकिन डिग्री तभी रद्द हो सकती है जब वह मिली हो.

वायरल हो रहे दावे को अलग-अलग कीवर्ड्स की मदद से सर्च करने पर हमें ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट भी नहीं मिली जिसमें श्रीनगर के किसी मेडिकल कॉलेज में 100 छात्राओं की डिग्री रद्द होने की बात कही गई हो.

हमने ये जानने की कोशिश की कि दो मेडिकल कॉलेजों GMC और SKIMS में छात्रों पर क्या कार्रवाई हुई है.

छात्रों पर हुई ये कार्रवाई

हमने श्रीनगर के ‘शेर-ए-कश्मीर इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ (SKIMS) की प्रवक्ता कुलसुम भट से बात की. 'आजतक' से हुई बातचीत में कुलसुम ने सोशल मीडिया पर चल रहे दावों का खंडन करते हुए कहा कि कथित तौर पर देश विरोधी नारेबाजी की घटना को लेकर उनके कॉलेज में किसी भी छात्रा की डिग्री रद्द नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि जो वीडियो वायरल हो रहे हैं उनमें से बहुत सारे पुराने भी हैं, फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है.  

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हमने इस बारे में जानकारी जुटाने के लिए श्रीनगर के गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) से भी संपर्क करने की कोशिश की. खबर लिखे जाने तक उनका कोई जवाब हमारे पास नहीं था. अगर उनका कोई जवाब आता है तो उसे हम स्टोरी में अपडेट करेंगे.

ज्यादा जानकारी के लिए हमने श्रीनगर में 'आजतक' संवाददाता अशरफ वानी से बात की. उन्होंने भी 100 छात्राओं की डिग्री रद्द करने के दावे को गलत बताया.

पुख्ता जानकारी के लिए हमने श्रीनगर के एक वरिष्ठ पत्रकार से भी संपर्क साधा. उन्होंने भी सोशल मीडिया पर चल रहे इन सारे दावों का खंडन करते हुए इन्हें फर्जी बताया है. सुरक्षा कारणों की वजह से उन्होंने अपना नाम सार्वजनिक न करने का आग्रह किया.

क्विंट हिंदी और जीन्यूज  में छपी खबर के मुताबिक, श्रीनगर के दोनों मेडिकल कॉलेजों के विद्यार्थियों के अलावा हॉस्टल वार्डन और कॉलेज मैनेजमेंट के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) यूएपीए और आईपीसी के तहत दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं. हालांकि, इस मामले में अभी न किसी का नाम सामने आया है और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

(सौरभ भटनागर के इनपुट के साथ)

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