क्या भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, बृज भूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे पहलवानों के समर्थन में उतर आए हैं? एक पोस्टकार्ड शेयर करते हुए कुछ लोग ऐसा ही दावा कर रहे हैं.
इस पोस्टकार्ड में विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और धोनी की तस्वीरें लगी हैं. साथ ही लिखा है, "मैं महिला पहलवानों के साथ हूं. अगर जरूरत पड़ी तो मैं अपना मेडल त्याग दूंगा." - महेंद्र सिंह धोनी पूर्व भारतीय कप्तान.
इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
दरअसल कुछ दिनों पहले साक्षी मलिक ने एक ट्वीट के जरिये धोनी पर तंज कसा था. उन्होंने लिखा था, "हमें खुशी है कि कम से कम कुछ खिलाड़ियों और चेन्नई सुपर किंग्स को वो सम्मान और प्यार मिल रहा है जिसके वो हकदार हैं. हमारे लिए इंसाफ की लड़ाई अभी भी जारी है."
इस ट्वीट के बाद से बहुत सारे लोग धोनी से कह रहे थे कि उन्हें पहलवानों का साथ देना चाहिए और अब ऐसा कहा जा रहा है कि धोनी ने सचमुच पहलवानों के आंदोलन को समर्थन दे दिया है. इसकी तारीफ करते हुए कई लोग उनका शुक्रिया भी अदा कर रहे हैं.
इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि महेंद्र सिंह धोनी ने अभी तक ऐसा कुछ नहीं कहा है कि वो पहलवानों को न्याय दिलाने के लिए अपने मेडल तक कुर्बान करने के लिए तैयार हैं. ये बयान पूरी तरह फर्जी है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
पहलवानों का आंदोलन लंबे समय से सुर्खियों में बना हुआ है. 1983 का वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के कई सदस्यों ने भी हाल ही में इस आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया. इसके अलावा, अनिल कुंबले, रॉबिन उथप्पा और इरफान पठान जैसे क्रिकेटर्स ने भी कहा कि वो आंदोलन कर रहे पहलवानों के साथ हैं.
जाहिर है, ऐसे में अगर सचमुच धोनी जैसे लोकप्रिय खिलाड़ी ने इस बारे में कोई बयान दिया होता, तो यकीनन इसे लेकर चर्चा होती. लेकिन हमें ऐसी कोई भी मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली.
धोनी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी हमें पहलवानों के आंदोलन को समर्थन से संबंधित कोई बयान नहीं मिला.
क्या बोले खेल पत्रकार?
इस बारे में जानकारी पाने के लिए हमने कुछ खेल पत्रकारों से भी संपर्क किया. उनका भी यही कहना था कि धोनी ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है.
पहलवान बोले, इंसाफ मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
दैनिक जागरण की पांच जून की रिपोर्ट के मुताबिक लंबे समय से कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे पहलवानों विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक ने अब अपनी रेलवे की नौकरी जॉइन कर ली है. हालांकि साक्षी और बजरंग ने ट्वीट के जरिये बताया है कि उनकी लड़ाई इंसाफ मिलने तक जारी रहेगी.